बैलेट पेपर चुनावों में भाजपा की हार पर संजय राउत का तंज: 'नागपुर, काशी, लखनऊ — जहाँ भी बैलेट, वहाँ हार'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ सांसद संजय राउत ने 29 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव परिणामों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। राउत ने दावा किया कि जहाँ-जहाँ बैलेट पेपर से मतदान हुआ, वहाँ-वहाँ BJP को हार का सामना करना पड़ा — चाहे वह महाराष्ट्र हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी हो, या फिर लखनऊ।
राउत के मुख्य आरोप
राउत ने कहा कि नागपुर, काशी (वाराणसी) और लखनऊ — तीनों जगह BJP बैलेट पेपर से आयोजित चुनावों में पराजित हुई। उन्होंने तंज कसा कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी बैलेट पेपर पर मतदान होने पर पार्टी को हार झेलनी पड़ी। राउत ने BJP से इस हार को स्वीकार करने की माँग की और कहा कि पार्टी के भीतर अब 'गहरे दुख और शोक' का माहौल है।
उन्होंने आगे दावा किया कि BJP के नेता अब तक 'धोखाधड़ी करके' जीतते आए हैं, लेकिन बैलेट पेपर प्रक्रिया में वे हमेशा हारेंगे। यह एक गंभीर राजनीतिक आरोप है, जिसकी BJP की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस की जीत और BJP का पलटवार
एमएलसी चुनाव परिणामों में नागपुर स्नातक विधान परिषद सीट पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने जीत दर्ज की। राउत ने BJP नेताओं की उस प्रतिक्रिया पर पलटवार किया, जिसमें वे कांग्रेस के कोई सीट न जीत पाने पर 'खुश' थे। राउत ने कहा कि ऐसी एक सीट — नागपुर, बनारस और लखनऊ — बाकी सौ सीटों के बराबर है।
विजेता उम्मीदवार की प्रतिक्रिया
नागपुर से जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने कहा कि उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा था। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले से सर्वे किया था और पिछले छह वर्षों के काम के आधार पर मतदाताओं का समर्थन हासिल किया। वंजारी ने कहा कि विरोधियों ने जिस तरह का माहौल बनाने की कोशिश की, उसका चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ा। उनके अनुसार मतदाताओं ने काम को तरजीह दी — और यह तब हुआ जब BJP ने इस सीट को जीतने के लिए 'पूरी ताकत झोंक दी' थी।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति (BJP, शिवसेना-शिंदे गुट, NCP-अजित गुट) और महाविकास आघाड़ी (MVA) के बीच तनातनी लगातार बनी हुई है। गौरतलब है कि एमएलसी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में बैलेट पेपर का उपयोग होता है, और इन नतीजों को विपक्ष ने ईवीएम बनाम बैलेट पेपर की बहस से जोड़कर पेश किया है। राउत की यह टिप्पणी इसी व्यापक विमर्श का हिस्सा है।
आगे क्या
BJP ने फिलहाल राउत के आरोपों पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। इन नतीजों का असर महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है, खासकर तब जब दोनों गठबंधन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।