सीबीआई का अवाया इंडस्ट्रीज पर छापा, ₹58.48 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में मुंबई के कई ठिकाने खंगाले
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने 29 अक्टूबर 2026 को ₹58.48 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के मामले में अवाया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके निदेशकों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मुंबई में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक (SBI), मुंबई की औपचारिक शिकायत के आधार पर की गई है।
आरोप क्या हैं
CBI के अनुसार, अवाया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके निदेशकों पर आरोप है कि उन्होंने गलत सूचनाओं और भ्रामक दस्तावेजों के सहारे SBI से ऋण सुविधाएँ हासिल कीं, जिससे बैंक को कथित तौर पर ₹58.48 करोड़ का नुकसान पहुँचा। जाँच एजेंसी का कहना है कि कंपनी ने फर्जी बिक्री दिखाने, स्टॉक का मूल्य बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करने और निर्यात प्राप्तियों को छिपाने जैसे तरीकों से धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
इसके अलावा, CBI ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने असुरक्षित अग्रिमों के जरिए धन का दुरुपयोग किया, अन्य बैंकों के माध्यम से अनधिकृत लेनदेन किए, देनदारियों के आँकड़ों में हेरफेर की और गिरवी रखी गई संपत्तियों तथा बंधक परिसंपत्तियों की अनधिकृत बिक्री या गलत प्रस्तुति की।
छापेमारी में क्या मिला
तलाशी अभियान में मुंबई स्थित कई परिसर शामिल रहे, जिनमें कंपनी के निदेशकों के आवासीय ठिकाने भी थे। जाँच के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। CBI ने बताया कि जब्त सामग्री की बारीकी से जाँच की जा रही है ताकि कथित साजिश, धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की पूरी तस्वीर उजागर हो सके और मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका निर्धारित की जा सके।
आयकर निरीक्षक गिरफ्तारी — एक अलग मामला
यह ऐसे समय में आया है जब CBI ने इसी सप्ताह एक अन्य कार्रवाई के तहत मुंबई के सिंधिया हाउस स्थित आयकर कार्यालय की जाँच शाखा में तैनात आयकर निरीक्षक सुभाष कुमार यादव को ₹15 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, यादव ने आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई में लंबित एक बेनामी संपत्ति मामले को बंद कराने के लिए ₹20 लाख की रिश्वत माँगी थी।
गौरतलब है कि CBI की ये लगातार कार्रवाइयाँ वित्तीय संस्थाओं के साथ धोखाधड़ी और सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार, दोनों मोर्चों पर एजेंसी के बढ़ते अभियान की ओर इशारा करती हैं।
आगे की जाँच
CBI ने स्पष्ट किया है कि अवाया इंडस्ट्रीज मामले में जाँच जारी है। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के बहु-स्तरीय वित्तीय घोटालों की जाँच में प्रायः कई महीने लगते हैं।