एमपीटीसी-जेडपीटीसी नामांकन: वाईएसआरसीपी का टीडीपी पर हमले का आरोप, पूर्व उपमुख्यमंत्री नारायण स्वामी भी निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश में मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) और जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (जेडपीटीसी) चुनावों के लिए 21 अक्टूबर 2026 को नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही हिंसा और विवाद का सिलसिला भी शुरू हो गया। विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने आरोप लगाया कि राज्यभर में उसके उम्मीदवारों और नेताओं पर हमले हुए, नामांकन पत्र छीने गए और पुलिस ने उनके नेताओं को नजरबंद व गिरफ्तार किया। पार्टी ने इन सभी घटनाओं के लिए सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और उसके गठबंधन सहयोगियों को जिम्मेदार ठहराया है।
मुख्य घटनाक्रम
चित्तूर जिले में सबसे बड़ी घटना सामने आई जब पूर्व उपमुख्यमंत्री के. नारायण स्वामी पेनुमुरु से जिला परिषद अध्यक्ष पद के उम्मीदवार का नामांकन दाखिल कराने पहुंचे थे। वाईएसआरसीपी के अनुसार, वहाँ टीडीपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उन पर हमला किया।
तिरुपति जिले के चंद्रगिरी में भी वाईएसआरसीपी नेताओं पर कथित हमलों में कई लोग घायल हुए। पूर्व एमपीटीसी सदस्य मदन रेड्डी और वाईएसआरसीपी समर्थक रामू एवं लोकेश को सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वाईएसआरसीपी नेताओं का दावा है कि ये हमले टीडीपी विधायक पुलिवार्थी नानी के बेटे पुलिवार्थी विनील की मौजूदगी में हुए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिंसा भड़काने के लिए तमिलनाडु से बाहरी लोगों को लाया गया।
तिरुपति जिले के श्रीकालहस्ती में एक वाईएसआरसीपी समर्थक के दोपहिया वाहन को एमपीडीओ कार्यालय के पास क्षतिग्रस्त कर आग लगा दी गई। वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि जन सेना विधायक अरावा श्रीधर और जन सेना नेताओं ने तिरुपति जिले के रेलवे कोडुरु में नामांकन प्रक्रिया में बाधा डाली।
नेताओं की गिरफ्तारी और नजरबंदी
पुलिस ने पलनाडु जिले के नरसाराओपेट में पूर्व विधायक ब्रह्मनैदु को घर में नजरबंद कर दिया और उन्हें वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों की सहायता करने से रोका। इसके अलावा, वाईएसआरसीपी राज्य कार्यकारी परिषद के सदस्य और माचेरला निर्वाचन क्षेत्र के पर्यवेक्षक कोम्मिनेनी वेंकटेश्वरलू को पिदुगुरल्ला मंडल में एमपीटीसी नामांकन का समर्थन करने पहुंचने पर गिरफ्तार कर लिया गया।
पलनाडु जिले के माचेरला में टीडीपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर मंडल कार्यालय पहुंचे वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों से जबरन नामांकन पत्र छीन लिए और उनकी नामांकन प्रक्रिया को बाधित किया।
वाईएसआरसीपी की माँगें
विपक्षी दल ने इन घटनाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा हमला बताते हुए तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — उम्मीदवारों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए, हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो, और चुनाव प्रक्रिया में पुलिस का हस्तक्षेप पूरी तरह बंद हो। वाईएसआरसीपी नेताओं ने स्थानीय स्तर पर पुलिस से झड़प करते हुए भी यही माँगें उठाईं।
चुनाव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनाव 3 नवंबर 2026 को होने हैं। ये स्थानीय निकाय चुनाव ग्रामीण आंध्र प्रदेश में जमीनी राजनीतिक ताकत की असली परीक्षा माने जाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वाईएसआरसीपी 2024 के विधानसभा चुनाव में भारी हार के बाद खुद को संगठित करने की कोशिश कर रही है और सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन इन स्थानीय चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।
वाईएसआरसीपी के ये सभी आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं, और टीडीपी व गठबंधन पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन का इन आरोपों पर स्पष्ट बयान अभी तक उपलब्ध नहीं है।
आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया जारी रहेगी और विपक्षी दल की शिकायतें राज्य चुनाव आयोग तक पहुंचने की संभावना है।