एमपीटीसी-जेडपीटीसी चुनाव: वाईएसआरसीपी ने SEC से माँगी CCTV निगरानी, धांधली रोकने की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 4 नवंबर 2026 को आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग (SEC) को ज्ञापन सौंपकर माँग की कि 5 नवंबर को होने वाले मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) और जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (जेडपीटीसी) चुनावों में प्रत्येक मतदान केंद्र पर सीसीटीवी निगरानी, वीडियोग्राफी और वेबकास्टिंग अनिवार्य की जाए। पार्टी ने चेतावनी दी कि हाल के नगर निगम चुनावों में सामने आई व्यापक अनियमितताओं की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल और ज्ञापन
वाईएसआरसीपी के राज्य महासचिव एवं एमएलसी लेल्ला अप्पिरेड्डी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की। इस दल में विधि प्रकोष्ठ के राज्य अध्यक्ष मनोहर रेड्डी, कर्मचारी एवं पेंशनभोगी विंग के राज्य अध्यक्ष नलमारू चंद्रशेखर रेड्डी और शिकायत प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नारायण मूर्ति भी शामिल थे। ज्ञापन में पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस माँगें रखी गईं।
गंभीर आरोप: नामांकन से मतगणना तक धाँधली का दावा
मीडिया से बात करते हुए अप्पिरेड्डी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने पुलिस और राजस्व अधिकारियों का दुरुपयोग करते हुए नामांकन दाखिल करने से लेकर मतगणना तक लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित किया। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया, जाँच प्रक्रिया में बाहर किया गया और डराया-धमकाया गया।
अप्पिरेड्डी ने विशेष रूप से एलुरु, धोणे, सालूर, गुंटूर, ओंगोल, नुजविद और पलामनेरू में अनियमितताओं का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ओंगोल और विशाखापत्तनम में मतदान प्रतिशत में संदिग्ध विसंगतियाँ देखी गईं और जहाँ वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को बढ़त थी, वहाँ मतगणना रोककर पुनर्गणना के ज़रिए परिणामों में हेरफेर किया गया।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और कानूनी कार्रवाई की माँग
अप्पिरेड्डी ने माँग की कि मतगणना केंद्रों से सीसीटीवी फुटेज और मतपत्रों को तत्काल सुरक्षित किया जाए। उन्होंने चुनावी उल्लंघन के लिए संबंधित अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और चुनाव आयोग के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू करने की भी घोषणा की। उन्होंने राजनीतिक रूप से प्रेरित गिरफ्तारियों और नजरबंदी को तत्काल बंद करने की अपील की।
पंद्रह से अधिक शिकायतें, SEC की निष्क्रियता पर सवाल
नलमारू चंद्रशेखर रेड्डी ने बताया कि वाईएसआरसीपी पहले ही पेन ड्राइव पर वीडियो साक्ष्य सहित लगभग 15 शिकायतें और अभ्यावेदन राज्य चुनाव आयोग को सौंप चुकी है, लेकिन आयोग की ओर से कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने नंदिकोटकुर, ओंगोल और अन्य क्षेत्रों में वाईएसआरसीपी की कथित भारी बढ़त के बावजूद वोटों की दोबारा गिनती पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुनर्गणना को परिणामों में हेरफेर का साधन नहीं बनने दिया जाएगा।
आगे की राह और राजनीतिक संदेश
अप्पिरेड्डी ने दावा किया कि गठबंधन सरकार का राजनीतिक पतन शुरू हो चुका है और अधिकारियों को चेताया कि वे संविधान के अनुसार निष्पक्ष रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। पार्टी ने विपक्षी उम्मीदवारों के लिए पर्याप्त सुरक्षा और पुलिस द्वारा धमकाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी माँग की। यह देखना अहम होगा कि राज्य चुनाव आयोग इन माँगों पर क्या रुख अपनाता है और गुरुवार के मतदान में पारदर्शिता किस हद तक सुनिश्चित हो पाती है।