शहडोल में तेंदुए का आतंक: सोती युवती को घर से उठा ले गया, क्षत-विक्षत शव बरामद
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में 4 नवंबर 2026 को तेंदुए के हमले की एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र के तगावर गांव निवासी युवती सरस्वती सिंह गोंनी को एक तेंदुआ रात में सोते समय घर के भीतर से उठाकर ले गया। बुधवार सुबह परिजनों द्वारा तलाश किए जाने पर उसका क्षत-विक्षत शव घर से कुछ दूरी पर बरामद हुआ। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है।
घटनाक्रम कैसे हुआ
कल्लेय बीट अंतर्गत तगावर गांव में सरस्वती अपनी माँ और बहन के साथ एक कच्चे और जर्जर मकान में रहती थी। परिजनों के अनुसार, उस मकान में दरवाज़ा नहीं था और मकान का एक हिस्सा खुला था। इसी खुले हिस्से से देर रात तेंदुआ घर के भीतर घुस आया।
परिजनों के मुताबिक, रात में किसी को कोई भनक नहीं लगी। बुधवार सुबह जब परिवार की नींद खुली, तो सरस्वती बिस्तर पर नहीं मिली। तत्काल तलाश शुरू की गई और काफी खोजबीन के बाद घर से कुछ दूरी पर उसका क्षत-विक्षत शव मिला। शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और माँ व बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। उत्तर वन मंडल के डीएफओ तरुण वर्मा ने बताया कि युवती जंगल से लगे क्षेत्र में स्थित मकान में सो रही थी और घर में दरवाज़ा न होने के कारण तेंदुआ आसानी से अंदर घुस गया। उन्होंने बताया कि रात में बहन की नींद खुलने पर सरस्वती बिस्तर पर न मिलने पर वन विभाग को सूचित किया गया था।
डीएफओ वर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जाँच और परिस्थितियों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि युवती की मौत तेंदुए के हमले से हुई। वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
आम जनता पर असर
तगावर गांव और आसपास के इलाकों में इस घटना के बाद भारी दहशत है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र जंगल से सटा हुआ है और यहाँ के कई परिवार कच्चे मकानों में रहते हैं, जो वन्यजीवों के प्रवेश के प्रति संवेदनशील हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने रात में घरों से बाहर न जाने की सावधानी बरतनी शुरू कर दी है।
यह घटना इस दृष्टि से भी चिंताजनक है क्योंकि वन क्षेत्र से लगे गाँवों में रहने वाले परिवारों के लिए बुनियादी सुरक्षा ढाँचे का अभाव उजागर होता है। मानव-वन्यजीव संघर्ष की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य प्रदेश के कई वन क्षेत्रों में तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी चिंता का विषय बनी हुई है।
आगे की कार्रवाई
वन विभाग ने मामले में आगे की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। तेंदुए की पहचान और उसे पकड़ने या नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और वन अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है ताकि इस तरह की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।