गुजरात: वांसदा के भीनार गांव में तेंदुए ने तीन वर्षीय आरव पटेल को उठाया, शव बरामद
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के नवसारी जिले के वांसदा तालुका स्थित भीनार गांव में 6 अक्टूबर 2026 की रात एक तेंदुए ने तीन वर्षीय आरव पटेल को घर के बाहर से उठाकर खेतों की ओर ले गया। घंटों तक चले संयुक्त खोज अभियान के बाद बच्चे का शव खेत के निकट से बरामद किया गया। घटना ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला
भीनार गांव के कुंभार फलिया मोहल्ले में रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच आरव पटेल घर के बाहर खेल रहा था। कथित तौर पर उसी दौरान एक तेंदुआ अचानक वहाँ पहुँचा और बच्चे को उसकी माँ की आँखों के सामने उठाकर खेतों की दिशा में ले गया। परिजनों की चीख-पुकार के बाद आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हुए और तत्काल वन विभाग तथा पुलिस को सूचित किया गया।
सर्च ऑपरेशन और शव की बरामदगी
सूचना मिलते ही वन विभाग के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर एवं कर्मचारी और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। खेतों और आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके बाद बच्चे का शव बरामद हुआ। वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए वांसदा कॉटेज अस्पताल भेज दिया है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
धर्मपुर सब-डिविजन के एसीएफ भागीरथ सिंह झाला ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार तेंदुए के हमले की आशंका है, परंतु हमले की पुख्ता पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित परिवार को देय अनुग्रह राशि और अन्य लागू मुआवज़े की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कानूनी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं।
तेंदुए को पकड़ने का अभियान
हमलावर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने अभियान तेज़ कर दिया है। रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर के नेतृत्व में पाँच टीमें तैनात की गई हैं जो तेंदुए की गतिविधियों पर नज़र रख रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा से लगे वन क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि वांसदा तालुका वांसदा राष्ट्रीय उद्यान से सटा हुआ है, जहाँ तेंदुओं की उपस्थिति दर्ज है।
गांव में दहशत का माहौल
घटना के बाद भीनार गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का वातावरण है। ग्रामीण बच्चों को घर से बाहर भेजने में सतर्कता बरत रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से सूर्यास्त के बाद सतर्क रहने और बच्चों पर नज़र रखने की अपील की है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वन विभाग की जाँच पर निर्भर करेगी।