वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण में पारदर्शिता की मांग की, CEO को लिखे तीन पत्र
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने आंध्र प्रदेश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग करते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को तीन अलग-अलग पत्र लिखे हैं। पार्टी के महासचिव और एमएलसी लेल्ला अप्पी रेड्डी ने यह पत्र 7 मई को लिखे, जिनमें मतदाता डेटा डिजिटल एवं खोजने योग्य प्रारूप में उपलब्ध कराने की माँग की गई है।
मुख्य माँगें क्या हैं
लेल्ला अप्पी रेड्डी ने सीईओ से अनुरोध किया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को निर्वाचन क्षेत्र-वार और बूथ-वार मतदाता सूचियाँ डिजिटल और खोजने योग्य फॉर्मेट में साझा की जाएँ। इसके साथ ही बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की पूरी सूची उपलब्ध कराने की माँग की गई, जिसमें उनके नाम, मतदान केंद्र या भाग संख्या, पदनाम और संपर्क जानकारी शामिल हो।
पार्टी ने यह भी माँग की कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए प्रस्तावित मतदाता सूची डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाए, क्योंकि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव होती है।
मतदाताओं के कथित विलोपन पर चिंता
अप्पी रेड्डी ने मतदाताओं के कथित अवैध विलोपन, डुप्लीकेट एंट्री और मतदाताओं के अनधिकृत स्थानांतरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान अपनाई जा रही प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों पर स्पष्टता की माँग की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी वास्तविक मतदाता को उचित प्रक्रिया के बिना मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, मतदाताओं से जुड़ा कोई भी संशोधन — नाम हटाना, सुधार या नाम जोड़ना — पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह तरीके से होना चाहिए।
बीएलओ विवरण और बीएलए-2 फॉर्म की माँग
एक अन्य पत्र में वाईएसआरसीपी ने पारदर्शिता और सुचारू समन्वय के हित में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बीएलओ का निर्वाचन क्षेत्र-वार विवरण साझा करने की माँग की। इस विवरण में उनके नाम, आवंटित मतदान केंद्र या भाग और संपर्क जानकारी शामिल करने को कहा गया।
अप्पी रेड्डी ने सीईओ से यह भी अनुरोध किया कि वे सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को निर्देश जारी करें कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी द्वारा बूथ-स्तरीय एजेंटों की नियुक्ति के लिए फॉर्म आईडी: बीएलए-2 को स्वीकार किया जाए।
पारदर्शिता से क्या होगा फायदा
वाईएसआरसीपी नेता के अनुसार, इस जानकारी के उपलब्ध होने से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, समन्वय और जवाबदेही में सुधार होगा — विशेष रूप से मतदाता सूची के संशोधन, दावों, आपत्तियों, नाम जोड़ने-हटाने और प्रवासन सत्यापन के दौरान। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में विपक्षी दल चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।
आगे क्या होगा
अब यह देखना होगा कि आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वाईएसआरसीपी की इन माँगों पर क्या रुख अपनाते हैं। पार्टी ने तत्काल कार्रवाई की अपील की है, ताकि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से न हटे और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके।