22 अक्टूबर 2026
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आंध्र प्रदेश MPTC-ZPTC नामांकन: YSRCP के कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी समेत कई नेता हिरासत में

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आंध्र प्रदेश MPTC-ZPTC नामांकन: YSRCP के कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी समेत कई नेता हिरासत में

सारांश

आंध्र प्रदेश में MPTC-ZPTC नामांकन के दूसरे दिन भी YSRCP के दर्जनों नेताओं को हिरासत में लेने और नजरबंद करने के आरोप लगे। कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी की गिरफ्तारी और निजामपट्टनम में तीन नेताओं के घायल होने के साथ, यह स्थानीय निकाय चुनाव विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच खुली टकराहट का मैदान बन गया है।

मुख्य बातें

22 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश में MPTC-ZPTC नामांकन के दौरान वाईएसआरसीपी के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया या नजरबंद किया गया।
कडप्पा सांसद वाई.एस.
अविनाश रेड्डी , पूर्व उपमुख्यमंत्री अमजथ बाशा और एमएलसी रामचंद्र रेड्डी हिरासत में लिए गए प्रमुख नेता हैं।
बापटला जिले के निजामपट्टनम में हिंसा में तीन वाईएसआरसीपी नेता घायल हुए; पार्टी ने मंत्री अनगनी सत्य प्रसाद पर उकसाने का आरोप लगाया।
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि टीडीपी कार्यकर्ताओं ने नामांकन पत्र फाड़े और उम्मीदवारों पर हमले किए, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
माचेरला , अनंतपुर , पलनाडु और कुप्पम सहित कई जिलों में विपक्षी नेताओं को नजरबंद किए जाने के आरोप लगे।

आंध्र प्रदेश में एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों के नामांकन के दौरान 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के दर्जनों नेताओं को हिरासत में लिया गया या उन्हें उनके आवासों पर नजरबंद कर दिया गया। हिरासत में लिए गए प्रमुख नामों में कडप्पा के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी, पूर्व उपमुख्यमंत्री अमजथ बाशा और एमएलसी रामचंद्र रेड्डी शामिल हैं। वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन भी उसके उम्मीदवारों, नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमलों, हिंसा और धमकियों का सिलसिला जारी रहा।

मुख्य घटनाक्रम

पार्टी के अनुसार, पुलिस ने सुबह से ही उसके वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया या उन्हें घरों में नजरबंद कर दिया ताकि वे नामांकन प्रक्रिया में शामिल न हो सकें। पुलिवेंदुला स्थित आवास पर अविनाश रेड्डी को बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने घेर लिया और उन्हें बाहर निकलने से रोका।

बाद में जब वे कडप्पा स्थित वाईएसआरसीपी कार्यालय पहुँचे, तो पुलिस ने परिसर को घेर कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की। पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच पुलिस अविनाश रेड्डी और वरिष्ठ नेता रवींद्रनाथ रेड्डी को जबरन पार्टी कार्यालय से ले गई। अविनाश रेड्डी को पुलिवेंदुला की ओर, जबकि रवींद्रनाथ रेड्डी, अमजथ बाशा और रामचंद्र रेड्डी को कथित तौर पर ओंटिमिट्टा की ओर ले जाया गया।

जिलेवार नेताओं की नजरबंदी

अनंतपुर जिले में पूर्व विधायक केथीरेड्डी पेद्दा रेड्डी को तड़ीमार्री मंडल के थिम्मापल्ली स्थित आवास पर नजरबंद किया गया। पार्टी के अनुसार, येल्लानूर में टीडीपी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से नामांकन में बाधा डाले जाने के बाद वे उम्मीदवारों के साथ नामांकन दाखिल कराने की तैयारी में थे।

वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री साके शैलजानाथ को सिंगनमला में नजरबंद किया गया। पूर्व विधायक वाई. वेंकटरामी रेड्डी को अनंतपुर में नजरबंद किया गया और उन्हें पुलिस नोटिस भी जारी किए गए। पलनाडु जिले के पेदाकुरापाडु में पुलिस ने कई वाईएसआरसीपी नेताओं को हिरासत में लिया और एमपीटीसी उम्मीदवार बच्चा को भी कथित तौर पर जबरन उठाया।

माचेरला में पूर्व विधायक पिनेल्ली रामकृष्ण रेड्डी के आवास को भारी पुलिस बल ने घेर लिया और परिसर के चारों ओर लोहे की बाड़ व बैरिकेड लगाए गए।

हिंसा के आरोप

बापटला जिले के रेपल्ले विधानसभा क्षेत्र के निजामपट्टनम में हिंसा की खबर सामने आई। वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) कार्यकर्ताओं ने उसके उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़ दिए, एक उम्मीदवार के वाहन को क्षतिग्रस्त किया और पार्टी नेताओं पर हमला किया। इस घटना में वाईएसआरसीपी के तीन नेता घायल हो गए।

पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि ये हमले मंत्री अनगनी सत्य प्रसाद के उकसावे पर किए गए। उन्होंने हिंसा रोकने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस की कथित विफलता पर नाराजगी जताई।

YSRCP की प्रतिक्रिया और आरोप

अविनाश रेड्डी ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें इसलिए जबरन ले जा रही है ताकि वाईएसआरसीपी उम्मीदवार नामांकन दाखिल न कर सकें। उनके अनुसार टीडीपी कार्यकर्ता विपक्षी उम्मीदवारों पर पत्थरों और लाठियों से हमला कर रहे थे, जबकि पुलिस हमलावरों का समर्थन कर रही थी। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव के नियम और प्रतिबंध केवल वाईएसआरसीपी पर क्यों लागू होते हैं, टीडीपी पर क्यों नहीं।

कुप्पम विधानसभा क्षेत्र में वाईएसआरसीपी नेता दंडापानी को संतीपुरम से गिरफ्तार किए जाने को पार्टी ने अवैध बताया। पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार को उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी, जिससे परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वाईएसआरसीपी ने पुलिस से तत्काल उनका स्थान बताने और हिरासत का आधार स्पष्ट करने की माँग की है।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ टीडीपी गठबंधन और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि नामांकन के पहले दिन भी इसी तरह के आरोप सामने आए थे, और यह दूसरा दिन था जब विपक्ष ने बाधाओं का आरोप लगाया। पुलिस और राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग का रुख इस विवाद की दिशा तय कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह नामांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही वाईएसआरसीपी और टीडीपी गठबंधन के बीच राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। चुनाव आयोग की चुप्पी और पुलिस का एकतरफा रवैया — अगर आरोप सही साबित हुए — लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए एक खतरनाक मिसाल बनेगा।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश MPTC-ZPTC चुनाव में YSRCP के नेताओं को क्यों हिरासत में लिया गया?
वाईएसआरसीपी के अनुसार, पुलिस ने उसके नेताओं को नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने से रोकने के लिए हिरासत में लिया या नजरबंद किया। पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।
कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी के साथ क्या हुआ?
अविनाश रेड्डी को पहले पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर नजरबंद करने की कोशिश की गई, फिर कडप्पा के वाईएसआरसीपी कार्यालय से उन्हें जबरन ले जाया गया। पार्टी के अनुसार उन्हें वापस पुलिवेंदुला ले जाया गया, जबकि उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए किया गया।
निजामपट्टनम में हिंसा की क्या खबर है?
बापटला जिले के निजामपट्टनम में वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि टीडीपी कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़े, एक वाहन क्षतिग्रस्त किया और नेताओं पर हमला किया, जिसमें तीन वाईएसआरसीपी नेता घायल हो गए। पार्टी ने मंत्री अनगनी सत्य प्रसाद पर उकसाने का आरोप लगाया है।
MPTC और ZPTC चुनाव क्या होते हैं?
MPTC (मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र) और ZPTC (जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र) आंध्र प्रदेश में ग्राम और जिला स्तर की पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव हैं। ये स्थानीय निकाय चुनाव ग्रामीण शासन और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस विवाद पर आगे क्या होने की संभावना है?
वाईएसआरसीपी ने पुलिस से गिरफ्तार नेताओं के ठिकाने बताने और हिरासत का आधार स्पष्ट करने की माँग की है। चुनाव आयोग का रुख इस मामले में निर्णायक हो सकता है, और आने वाले दिनों में पुलिस व राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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