आंध्र प्रदेश ईंधन संकट: वाईएसआरसीपी सांसद अविनाश रेड्डी ने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

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आंध्र प्रदेश ईंधन संकट: वाईएसआरसीपी सांसद अविनाश रेड्डी ने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

सारांश

आंध्र प्रदेश के 4,510 पेट्रोल पंपों में से 70%25 बंद, ईंधन राशनिंग जारी — और पड़ोसी राज्यों में कोई कमी नहीं। वाईएसआरसीपी सांसद अविनाश रेड्डी का सीधा सवाल: यह 'कृत्रिम संकट' है, और राज्य सरकार जमाखोरों की मददगार है।

Key Takeaways

  • वाईएसआरसीपी सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी ने 28 अप्रैल 2026 को पेट्रोलियम मंत्रालय सचिव नीरज मित्तल को पत्र लिखकर केंद्र से हस्तक्षेप की माँग की।
  • आंध्र प्रदेश के 4,510 पेट्रोल पंपों में से करीब 70%25 बंद या गंभीर कमी से जूझ रहे हैं।
  • ईंधन राशनिंग लागू — कारों को 10-15 लीटर डीजल, दोपहिया को ₹200 तक पेट्रोल।
  • सांसद ने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू सरकार जमाखोरों से मिलीभगत कर रही है और यह संकट कृत्रिम रूप से पैदा किया गया है।
  • वाईएसआरसीपी नेता देविनेनी अविनाश ने विजयवाड़ा में रस्सी से ऑटो-रिक्शा खींचकर विरोध प्रदर्शन किया।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी ने 28 अप्रैल 2026 को आंध्र प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की गंभीर कमी को लेकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। कडप्पा से सांसद अविनाश रेड्डी ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल को पत्र लिखकर राज्य में व्याप्त ईंधन संकट की विस्तृत जानकारी दी और तत्काल कार्रवाई की अपील की।

संकट का पैमाना

अविनाश रेड्डी ने अपने पत्र में बताया कि राज्य के 4,510 पेट्रोल पंपों में से करीब 70 प्रतिशत या तो पूरी तरह बंद हैं या गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं। बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर 'नो स्टॉक' के बोर्ड लगे हुए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है।

सांसद ने कहा कि कई इलाकों में ईंधन राशनिंग की जा रही है। उनके अनुसार, कारों को केवल 10 से 15 लीटर डीजल दिया जा रहा है, जबकि दोपहिया वाहनों को ₹200 तक का पेट्रोल ही मिल पा रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र में ऐसी किसी कमी की खबर नहीं है।

केंद्र के दावों पर सवाल

अविनाश रेड्डी ने पेट्रोलियम मंत्रालय के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें देशभर में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्रालय के इस दावे के बावजूद आंध्र प्रदेश में माँग और आपूर्ति के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है।

मंत्रालय ने यह भी कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के आउटलेट्स पर खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति 100 प्रतिशत क्षमता पर जारी है और नागरिक घबराहट में खरीदारी न करें। सांसद ने इन दावों को जमीनी हकीकत से परे बताया।

राज्य सरकार पर गंभीर आरोप

अविनाश रेड्डी ने आरोप लगाया कि यह

Point of View

लेकिन अभी तक स्वतंत्र सत्यापन का अभाव है। गौरतलब है कि पड़ोसी राज्यों में कोई कमी न होना इस दावे को बल देता है कि समस्या राज्य-विशिष्ट है। असली सवाल यह है कि पेट्रोलियम मंत्रालय 100%25 आपूर्ति का दावा करते हुए भी राज्य में 70%25 पंप बंद क्यों हैं — इस विरोधाभास का जवाब केंद्र को देना होगा।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

आंध्र प्रदेश में ईंधन संकट क्या है?
आंध्र प्रदेश के 4,510 पेट्रोल पंपों में से करीब 70%25 बंद हैं या गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं। कई इलाकों में राशनिंग लागू है — कारों को 10-15 लीटर डीजल और दोपहिया वाहनों को ₹200 तक पेट्रोल ही दिया जा रहा है।
वाईएसआरसीपी सांसद अविनाश रेड्डी ने केंद्र को पत्र क्यों लिखा?
कडप्पा सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी ने 28 अप्रैल 2026 को पेट्रोलियम मंत्रालय सचिव नीरज मित्तल को पत्र लिखकर राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी और कथित कालाबाजारी पर तत्काल हस्तक्षेप की माँग की। उन्होंने केंद्र के 'पर्याप्त आपूर्ति' के दावे और राज्य की जमीनी हकीकत के बीच विरोधाभास को उजागर किया।
क्या आंध्र प्रदेश सरकार पर कोई आरोप लगाए गए हैं?
वाईएसआरसीपी सांसद अविनाश रेड्डी ने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू की राज्य सरकार जमाखोरों से मिलीभगत कर रही है और यह संकट कृत्रिम रूप से पैदा किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ तेल विपणन कंपनियाँ वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें बढ़ाने के बावजूद आपूर्ति घटा रही हैं।
इस ईंधन संकट से कौन-कौन से क्षेत्र प्रभावित हुए हैं?
सांसद के अनुसार इस संकट से आंध्र प्रदेश का कृषि क्षेत्र, मत्स्य पालन, सड़क परिवहन और छोटे व्यवसाय गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। समाज के हर वर्ग, विशेषकर गरीब और वंचित तबकों के दैनिक जीवन पर इसका असर पड़ा है।
वाईएसआरसीपी ने इस संकट के खिलाफ क्या विरोध प्रदर्शन किया?
वाईएसआरसीपी ने राज्यभर में पेट्रोल-डीजल की कमी के खिलाफ प्रदर्शन किए। पार्टी नेता देविनेनी अविनाश ने विजयवाड़ा में नेहरू रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर रस्सी से ऑटो-रिक्शा खींचकर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और चंद्रबाबू सरकार को अक्षम बताया।
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