रेवंत रेड्डी किसी पार्टी के प्रति वफादार नहीं — भाजपा सांसद धरमपुरी अरविंद का बड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद धरमपुरी अरविंद ने 27 मई 2026 को हैदराबाद में तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला — आरटीसी ड्राइवर के निलंबन, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की राजनीतिक निष्ठा और राज्य में ईंधन की ऊँची कीमतों को लेकर। उन्होंने रेवंत रेड्डी को एक ऐसे नेता के रूप में चित्रित किया जो राजनीतिक सुविधानुसार पाला बदलते रहे हैं।
आरटीसी ड्राइवर निलंबन: भाजपा का विरोध
धरमपुरी अरविंद ने बताया कि निलंबित आरटीसी ड्राइवर सड़क पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं को केवल सुझाव दे रहे थे — धान की खरीद प्रक्रिया में तेज़ी लाने और मक्का किसानों को उचित मूल्य देने के बारे में। सांसद ने कहा, "वह किसी की आलोचना नहीं कर रहे थे और बस सुझाव दे रहे थे। शायद उनका कृषि पृष्ठभूमि से संबंध है या वह किसानों के हमदर्द हैं। इसलिए कांग्रेस सरकार ने उनके साथ मनमानी और अहंकारपूर्ण व्यवहार किया। उन्हें ड्यूटी से हटा दिया गया, जो बिल्कुल अनुचित है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा व्यक्तिगत और पार्टी स्तर पर ड्राइवर के साथ खड़ी रहेगी।
रेवंत रेड्डी की राजनीतिक निष्ठा पर सवाल
धरमपुरी अरविंद ने मुख्यमंत्री की राजनीतिक यात्रा का ब्यौरा देते हुए कहा कि रेवंत रेड्डी पहले भारत राष्ट्र समिति (BRS) में थे, फिर तेलुगु देशम पार्टी (TDP) में गए और अंततः भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) में पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस में जाने से पहले रेवंत भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बारे में भी विचार कर रहे थे। सांसद ने तर्क दिया, "ऐसा व्यक्ति किसी के प्रति वफादार नहीं रह सकता। वे कोई और पार्टी भी अपना सकते हैं।" गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार विपक्षी दबाव का सामना कर रही है।
भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर सांसद का जवाब
जब सांसद से पूछा गया कि क्या भविष्य में रेवंत रेड्डी भाजपा में शामिल हो सकते हैं, तो धरमपुरी अरविंद ने कहा, "यह पार्टी के हाईकमान पर निर्भर करता है। मैं कुछ नहीं कह सकता, लेकिन आम तौर पर भारतीय जनता पार्टी एक बड़ी पार्टी है। जब कुछ लोग आते हैं, तो वे स्वीकार करते हैं, लेकिन अंततः यह पार्टी के हाईकमान का निर्णय होता है।" इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया है।
ईंधन की कीमतें: कांग्रेस शासित राज्यों पर निशाना
भाजपा सांसद ने राज्यवार पेट्रोल कीमतों का तुलनात्मक विवरण पेश किया। उनके अनुसार कांग्रेस शासित तेलंगाना में पेट्रोल ₹115.70 प्रति लीटर, केरल में ₹112.30, कर्नाटक में ₹107.70 और तमिलनाडु में ₹105.60 प्रति लीटर है। इसके विपरीत, भाजपा शासित दिल्ली में ₹99.50, गुजरात में ₹99.10, उत्तर प्रदेश में ₹102.73 और हरियाणा में ₹99.70 प्रति लीटर पेट्रोल उपलब्ध है। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र सरकार मार्च 2026 में ही पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय कर कम कर चुकी है, इसलिए अब राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे वैट और अन्य शुल्क घटाएँ।
आगे क्या
भाजपा के इस हमले के बाद तेलंगाना सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आरटीसी ड्राइवर के निलंबन का मामला राज्य में राजनीतिक तनाव का नया केंद्र बन गया है, और आने वाले दिनों में इस पर और घमासान देखने को मिल सकता है।