ईंधन मूल्यवृद्धि पर पंजाब मंत्री अमन अरोड़ा का केंद्र पर हमला, कमर्शियल LPG में ₹943 की बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने शुक्रवार, 15 मई को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियाँ मुट्ठी भर कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुँचाते हुए आम नागरिकों, किसानों और छोटे कारोबारियों को आर्थिक तंगी में धकेल रही हैं।
मूल्यवृद्धि के आँकड़े
अरोड़ा ने ब्योरा देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल चुनावों के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमत में ₹943 की बढ़ोतरी की। इसके अलावा, पेट्रोल में ₹3.14 प्रति लीटर, डीजल में ₹3.11 प्रति लीटर और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) में ₹2 प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। उन्होंने इसे 'देश की जनता के लिए एक शर्मनाक तोहफा' करार दिया।
BJP के चुनावी वादों पर सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अरोड़ा ने BJP के पुराने चुनावी वादों की याद दिलाई — हर नागरिक के बैंक खाते में ₹15 लाख जमा करना, 2 करोड़ नौकरियाँ पैदा करना और किसानों की आय दोगुनी करना। उन्होंने कहा, 'पूरा देश देख रहा है कि 12 साल पहले सत्ता में आने से पहले PM मोदी द्वारा किए गए बड़े-बड़े वादों के बावजूद लोग महंगाई की मार कैसे झेल रहे हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'BJP चुनावों के दौरान जन कल्याण की बातें करती है, लेकिन वोट जीतने के बाद लोगों की गाढ़ी कमाई को लूटना शुरू कर देती है। कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ सत्ताधारी पार्टी के करीबी चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए की जा रही है।'
कृषि क्षेत्र पर असर
अरोड़ा ने विशेष रूप से पंजाब के कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि धान की बुवाई के मौसम में किसानों को सिंचाई के लिए हज़ारों लीटर पानी और ईंधन की ज़रूरत होती है। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे कृषि लागत को बढ़ाएगी और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी। उनके अनुसार, किसानों की आय दोगुनी करने के वादे के विपरीत, सरकार की नीतियाँ उनकी लागत बढ़ा रही हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं और विपक्षी दल चुनाव बाद की मूल्यवृद्धि को केंद्र की नीतिगत प्राथमिकताओं से जोड़ रहे हैं। गौरतलब है कि ईंधन मूल्यवृद्धि का समय विपक्ष के लिए एक पुराना राजनीतिक मुद्दा रहा है — आलोचक अक्सर यह तर्क देते हैं कि चुनावों से पहले कीमतें स्थिर रखी जाती हैं और बाद में बढ़ाई जाती हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे की स्थिति
AAP सरकार के मंत्री के इस बयान के बाद पंजाब में विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। ईंधन की बढ़ती कीमतें आने वाले खरीफ सीज़न में किसानों की कृषि लागत पर सीधा असर डाल सकती हैं, जो पंजाब जैसे कृषि-प्रधान राज्य के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है।