पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने गैस संकट पर चेतावनी दी, जमीनी स्थिति गंभीर है

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पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने गैस संकट पर चेतावनी दी, जमीनी स्थिति गंभीर है

सारांश

पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने गैस संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार समस्या की जड़ों को नजरअंदाज कर रही है, जबकि लोग सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। उनके मुताबिक, वास्तविकता को समझने की आवश्यकता है।

मुख्य बातें

गैस संकट एक गंभीर मुद्दा है, जिसे सरकार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
सरकार की नीति और कार्यों में बड़ा अंतर है।
उद्योगों से सलाह-मशविरा करके ही बेहतर नीतियां बनाई जा सकती हैं।
इनवेस्टर समिट से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

मोहाली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एलपीजी संकट पर सत्ताधारी और विपक्षी दल आमने-सामने हैं। केंद्र सरकार ने नागरिकों को आश्वासन दिया है कि देश में गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है, लोग घबराएं नहीं। लेकिन विपक्ष का कहना है कि सरकार की बातों और कार्यों में बड़ा अंतर है। पंजाब सरकार के मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि जमीनी स्थिति काफी गंभीर है और सरकार इसे जानकर भी अनजान बनी हुई है।

मोहाली में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि लोग गैस सिलेंडर के लिए हर जगह लंबी-लंबी कतारों में खड़े हैं। अगर हरदीप पुरी कुछ कह देते हैं, तो क्या इससे स्थिति बदल जाएगी? केवल बातें नहीं, बल्कि ठोस कार्य महत्वपूर्ण हैं। जमीनी हकीकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मैं यही कहूंगा कि यह समस्या गंभीर होती जा रही है और इसके समाधान के लिए गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि लोग इतनी लंबी कतारों में क्यों खड़े हैं। यदि सच में कोई समस्या नहीं है, तो पेट्रोलियम मंत्रालय ने कल एडवाइजरी जारी करने की आवश्यकता क्यों समझी? पहले एलपीजी सिलेंडर 21 दिनों बाद बुक किया जा सकता था, लेकिन अब इसे 25 दिनों बाद बुक करने की बात की जा रही है। ऐसा क्यों? आपके कार्य और आपके बयान एक-दूसरे के विपरीत हैं।

प्रोग्रेसिव पंजाब समिट के संदर्भ में मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह पंजाब सरकार द्वारा भगवंत मान के नेतृत्व में और अरविंद केजरीवाल के विजन और सहयोग से प्रस्तुत की गई बेहतरीन औद्योगिक नीतियों में से एक है। यदि उद्योगों से सीधे पूछा जाए कि उन्हें क्या चाहिए, तो इससे बेहतर परिणाम नहीं मिल सकते हैं।

पंजाब सरकार और उद्योग विभाग ने विभिन्न सेक्टरों के लिए कमेटियां बनाई हैं, जैसे कि टेक्सटाइल, साइकिल के पुर्जे, खेल का सामान और रियल एस्टेट। उनसे पूछा गया कि उन्हें सरकार से क्या चाहिए। जब कोई नीति उद्योगों से सलाह-मशविरा करने के बाद बनाई जाती है, तो उससे बेहतर परिणाम की उम्मीद की जा सकती है। यही जोश इनवेस्टर समिट में देखने को मिल रहा है।

मंत्री ने दावा किया कि यह सबसे बड़ी इनवेस्टर समिट होने जा रही है, जहां हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों के प्रति उनकी जागरूकता और चिंता है। उनका दृष्टिकोण यह है कि सरकार को जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलपीजी संकट का मुख्य कारण क्या है?
एलपीजी संकट का मुख्य कारण गैस की आपूर्ति में कमी और बढ़ती मांग है।
क्या केंद्र सरकार गैस की कमी को स्वीकार कर रही है?
केंद्र सरकार ने गैस की कमी से इनकार किया है और नागरिकों को आश्वासन दिया है।
पंजाब सरकार ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए हैं?
पंजाब सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने का आश्वासन दिया है।
क्या लोग सच में लंबी कतारों में खड़े हैं?
हाँ, कई लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं।
इनवेस्टर समिट का महत्व क्या है?
इनवेस्टर समिट पंजाब के उद्योग के लिए नए निवेश और रोजगार के अवसर लाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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