3 अगस्त 2026
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केपीएससी पशु चिकित्सा भर्ती 'घोटाले' पर शोभा करंदलाजे ने अमित शाह को लिखा पत्र, CBI जांच की मांग

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केपीएससी पशु चिकित्सा भर्ती 'घोटाले' पर शोभा करंदलाजे ने अमित शाह को लिखा पत्र, CBI जांच की मांग

सारांश

केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कथित भ्रष्टाचार और अवैध धन लेन-देन के आरोपों पर गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख CBI जांच की माँग की है। उनका कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत लाखों अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए निष्पक्ष केंद्रीय जांच ज़रूरी है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने 2 अगस्त 2026 को गृह मंत्री अमित शाह को औपचारिक पत्र लिखा।
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कथित तौर पर अवैध धन लेन-देन और व्यवस्थित हेरफेर के आरोप हैं।
मंत्री ने CBI से निष्पक्ष, स्वतंत्र और व्यापक जांच की माँग की है।
पत्र में संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत सार्वजनिक रोजगार में समानता की गारंटी का हवाला दिया गया।
करंदलाजे ने कहा कि जांच में लोक सेवकों और बिचौलियों की भूमिका की भी पड़ताल होनी चाहिए।

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने 2 अगस्त 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को औपचारिक पत्र लिखकर कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित व्यापक अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से तत्काल जांच की मांग की है। उनके अनुसार इस भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग, हेरफेर और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप हैं जो लाखों योग्य अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार करते हैं।

मुख्य आरोप और पत्र का सार

करंदलाजे ने अपने पत्र में कहा कि केपीएससी की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कथित तौर पर अवैध धन लेन-देन और भर्ती प्रक्रिया का व्यवस्थित दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने लिखा, 'आरोपों की प्रकृति से पता चलता है कि इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिनमें अवैध रूप से पैसे का लेन-देन और भर्ती प्रक्रिया का व्यवस्थित दुरुपयोग शामिल हो सकता है।' मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकारी नौकरी के लिए प्रयासरत लाखों योग्य उम्मीदवार एक ऐसी भर्ती प्रणाली के हकदार हैं जो भ्रष्टाचार और अनुचित प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो।

संवैधानिक पहलू और केपीएससी की साख

करंदलाजे ने संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का हवाला देते हुए कहा कि केपीएससी की विश्वसनीयता सार्वजनिक रोजगार में समानता की संवैधानिक गारंटी के लिए अनिवार्य है। उनके अनुसार इस आयोग के कामकाज में कोई भी समझौता न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ घोर अन्याय है, बल्कि यह संवैधानिक संस्थाओं और विधि के शासन में जनता के विश्वास को भी गहरी चोट पहुँचाता है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप पहले भी सुर्खियों में रहे हैं।

CBI जांच की आवश्यकता क्यों

मंत्री ने तर्क दिया कि आरोपों की गंभीरता और व्यापक जनहित को देखते हुए CBI की निष्पक्ष, स्वतंत्र और व्यापक जांच अनिवार्य है। उनके अनुसार ऐसी जांच से साजिश का पूरा दायरा सामने आएगा, संलिप्त सभी व्यक्तियों की पहचान होगी, अवैध धन प्रवाह का पता चलेगा और लोक सेवकों तथा बिचौलियों की भूमिका की भी पड़ताल होगी — ताकि बिना किसी भय या पक्षपात के जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

गृह मंत्री से अपील

करंदलाजे ने गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है कि न्याय, पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं में जनविश्वास की रक्षा के लिए केपीएससी की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच यथाशीघ्र CBI को सौंपी जाए। पत्र के अंत में उन्होंने त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई का आग्रह किया। गौरतलब है कि भर्ती घोटालों में केंद्रीय एजेंसी की जांच की मांग राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्यों में बार-बार उठती रही है, और यह मामला भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह राजनीतिक दबाव का औज़ार है। केपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता दाँव पर है, और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह उन लाखों अभ्यर्थियों के साथ गहरा अन्याय होगा जिन्होंने वर्षों की मेहनत से तैयारी की। न्यायिक या स्वतंत्र जांच की माँग तभी विश्वसनीय होती है जब वह दलगत राजनीति से परे हो।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शोभा करंदलाजे ने CBI जांच की माँग क्यों की?
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने केपीएससी की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कथित भ्रष्टाचार, अवैध धन लेन-देन और व्यवस्थित हेरफेर के आरोपों के मद्देनज़र CBI जांच की माँग की है। उनका तर्क है कि राज्य स्तरीय जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती और लाखों अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्रीय एजेंसी की जांच ज़रूरी है।
केपीएससी पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती विवाद क्या है?
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर अवैध धन लेन-देन, पद का दुरुपयोग और भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप लगे हैं। इन आरोपों की प्रकृति को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसे 'बड़े पैमाने पर अनियमितता' करार दिया है।
इस मामले में संविधान के किन अनुच्छेदों का हवाला दिया गया है?
करंदलाजे ने संविधान के अनुच्छेद 14 (विधि के समक्ष समानता) और अनुच्छेद 16 (सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता) का हवाला देते हुए कहा कि केपीएससी की साख इन संवैधानिक गारंटियों के लिए अनिवार्य है। उनके अनुसार भर्ती में हेरफेर इन मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
CBI जांच में क्या-क्या शामिल होगा?
मंत्री के अनुसार CBI जांच में साजिश का पूरा दायरा, संलिप्त व्यक्तियों की पहचान, अवैध धन प्रवाह का स्रोत और लोक सेवकों तथा बिचौलियों की भूमिका की पड़ताल शामिल होनी चाहिए। इसका उद्देश्य बिना किसी भय या पक्षपात के जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह से क्या अनुरोध किया गया है?
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है कि केपीएससी की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच यथाशीघ्र CBI को सौंपी जाए। उन्होंने त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई का आग्रह करते हुए कहा कि यह न्याय और संवैधानिक संस्थाओं में जनविश्वास के हित में ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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