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पेट्रोल-डीजल आपूर्ति पर प्रह्लाद जोशी का बयान: मोदी सरकार ने वैश्विक चुनौतियों के बीच कमी नहीं होने दी

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पेट्रोल-डीजल आपूर्ति पर प्रह्लाद जोशी का बयान: मोदी सरकार ने वैश्विक चुनौतियों के बीच कमी नहीं होने दी

सारांश

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विजयवाड़ा में दो बड़े बयान दिए — पहला, वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं होने दी; दूसरा, अमरावती को राजधानी बनाने के लिए केंद्र ने ₹15,000 करोड़ की सहायता दी है और रूपरेखा तैयार है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 16 जून 2026 को विजयवाड़ा में पत्रकारों से कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं होने दी गई।
जोशी ने स्पष्ट किया कि भारत में पेट्रोल-डीजल के पर्याप्त प्राकृतिक भंडार नहीं हैं और आपूर्ति के लिए अन्य देशों पर निर्भरता बनी रहती है।
केंद्र सरकार ने अमरावती के विकास के लिए ₹15,000 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है।
इस राशि से राजधानी क्षेत्र में बुनियादी ढाँचा , रेल नेटवर्क विस्तार और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
जोशी ने हैदराबाद के विकास मॉडल का हवाला देते हुए कहा कि अमरावती में भी उसी तरह का व्यापक विकास होगा।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 16 जून 2026 को विजयवाड़ा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वैश्विक स्तर पर तमाम उथल-पुथल के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पेट्रोल और डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं होने दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहा है कि ईंधन संकट का बोझ आम जनता पर न पड़े।

ईंधन आपूर्ति पर मंत्री का बयान

जोशी ने स्पष्ट किया कि भारत में पेट्रोल और डीजल के पर्याप्त प्राकृतिक भंडार नहीं हैं और इनकी आपूर्ति के लिए देश को अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने कहा, 'भारत में मुख्य रूप से कोयले के भंडार हैं। वैश्विक परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण रहीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके लिए हमें उनका धन्यवाद करना चाहिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और कई देश ईंधन आपूर्ति दबाव से जूझ रहे हैं।

अमरावती विकास को केंद्र का समर्थन

केंद्रीय मंत्री ने आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी अमरावती के विकास का भी समर्थन किया। उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और राज्य के गणमान्य व्यक्तियों ने प्रधानमंत्री के समक्ष अमरावती को राजधानी के रूप में विकसित करने का आग्रह रखा। जोशी ने कहा कि इस विषय को अनावश्यक रूप से विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

अमरावती के लिए ₹15,000 करोड़ की सहायता

जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार ने अमरावती के विकास के लिए ₹15,000 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। इस राशि का उद्देश्य राजधानी क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे का निर्माण, रेल नेटवर्क का विस्तार और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मज़बूत करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली है और इसे जल्द ही ज़मीन पर उतारा जाएगा।

हैदराबाद की तर्ज पर अमरावती का विस्तार

जोशी ने तुलना करते हुए कहा कि जिस प्रकार विकास कार्यों के कारण हैदराबाद का विस्तार हुआ, उसी प्रकार अमरावती में भी व्यापक विकास किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर दिया कि जारी किए गए फंड का आगामी दिनों में समुचित उपयोग हो, ताकि राज्य में विकास कार्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो। गौरतलब है कि अमरावती को लेकर राजनीतिक विवाद वर्षों से जारी है और केंद्र का यह समर्थन राज्य सरकार के लिए महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सामर्थ्य का है। अमरावती पर ₹15,000 करोड़ की घोषणा राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है, पर यह देखना होगा कि धनराशि का वास्तविक वितरण और उपयोग किस गति से होता है — आंध्र प्रदेश में राजधानी विवाद का इतिहास वादों और ज़मीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर का रहा है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रह्लाद जोशी ने पेट्रोल-डीजल आपूर्ति पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में पेट्रोल और डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं होने दी गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में इन ईंधनों के पर्याप्त प्राकृतिक भंडार नहीं हैं और आपूर्ति के लिए अन्य देशों पर निर्भरता बनी रहती है।
अमरावती के विकास के लिए केंद्र ने कितनी राशि दी है?
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी अमरावती के विकास के लिए ₹15,000 करोड़ की सहायता उपलब्ध कराई है। यह राशि बुनियादी ढाँचे, रेल नेटवर्क विस्तार और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए है।
अमरावती को राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना क्या है?
जोशी के अनुसार, केंद्र सरकार ने अमरावती के विकास की रूपरेखा तैयार कर ली है और इसे जल्द ही ज़मीन पर उतारा जाएगा। उन्होंने हैदराबाद के विकास मॉडल का हवाला देते हुए कहा कि अमरावती में भी उसी तरह का व्यापक विकास किया जाएगा।
भारत पेट्रोल-डीजल के लिए किन देशों पर निर्भर है?
प्रह्लाद जोशी ने बताया कि भारत में पेट्रोल और डीजल के पर्याप्त प्राकृतिक भंडार नहीं हैं और देश मुख्य रूप से कोयले के भंडार पर निर्भर है। ईंधन आपूर्ति के लिए भारत अन्य देशों से आयात पर निर्भर रहता है।
प्रह्लाद जोशी का यह बयान कहाँ और कब आया?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने यह बयान 16 जून 2026 को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
राष्ट्र प्रेस
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