पेट्रोल-डीजल आपूर्ति पर प्रह्लाद जोशी का बयान: मोदी सरकार ने वैश्विक चुनौतियों के बीच कमी नहीं होने दी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 16 जून 2026 को विजयवाड़ा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वैश्विक स्तर पर तमाम उथल-पुथल के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पेट्रोल और डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं होने दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहा है कि ईंधन संकट का बोझ आम जनता पर न पड़े।
ईंधन आपूर्ति पर मंत्री का बयान
जोशी ने स्पष्ट किया कि भारत में पेट्रोल और डीजल के पर्याप्त प्राकृतिक भंडार नहीं हैं और इनकी आपूर्ति के लिए देश को अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने कहा, 'भारत में मुख्य रूप से कोयले के भंडार हैं। वैश्विक परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण रहीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके लिए हमें उनका धन्यवाद करना चाहिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और कई देश ईंधन आपूर्ति दबाव से जूझ रहे हैं।
अमरावती विकास को केंद्र का समर्थन
केंद्रीय मंत्री ने आंध्र प्रदेश की प्रस्तावित राजधानी अमरावती के विकास का भी समर्थन किया। उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और राज्य के गणमान्य व्यक्तियों ने प्रधानमंत्री के समक्ष अमरावती को राजधानी के रूप में विकसित करने का आग्रह रखा। जोशी ने कहा कि इस विषय को अनावश्यक रूप से विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
अमरावती के लिए ₹15,000 करोड़ की सहायता
जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार ने अमरावती के विकास के लिए ₹15,000 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। इस राशि का उद्देश्य राजधानी क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे का निर्माण, रेल नेटवर्क का विस्तार और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मज़बूत करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली है और इसे जल्द ही ज़मीन पर उतारा जाएगा।
हैदराबाद की तर्ज पर अमरावती का विस्तार
जोशी ने तुलना करते हुए कहा कि जिस प्रकार विकास कार्यों के कारण हैदराबाद का विस्तार हुआ, उसी प्रकार अमरावती में भी व्यापक विकास किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर दिया कि जारी किए गए फंड का आगामी दिनों में समुचित उपयोग हो, ताकि राज्य में विकास कार्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो। गौरतलब है कि अमरावती को लेकर राजनीतिक विवाद वर्षों से जारी है और केंद्र का यह समर्थन राज्य सरकार के लिए महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।