31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुलिवेंदुला नगर निकाय चुनाव में धांधली की साजिश: वाईएसआरसीपी सांसद अविनाश रेड्डी का चंद्रबाबू सरकार पर बड़ा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुलिवेंदुला नगर निकाय चुनाव में धांधली की साजिश: वाईएसआरसीपी सांसद अविनाश रेड्डी का चंद्रबाबू सरकार पर बड़ा हमला

सारांश

जगन मोहन रेड्डी के गृह क्षेत्र पुलिवेंदुला में 1 नवंबर के मतदान से पहले वाईएसआरसीपी ने चंद्रबाबू सरकार पर धांधली का बड़ा आरोप लगाया है — फर्जी मतदाता, पुलिस दमन और न्यायालय तक पहुँच। यह आंध्र की नई सत्ता-विपक्ष जंग का सबसे तीखा मोड़ है।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी सांसद अविनाश रेड्डी ने 30 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि पुलिवेंदुला नगर निकाय चुनाव में चंद्रबाबू सरकार धांधली करा रही है।
1 नवंबर को आंध्र प्रदेश के 100 शहरी स्थानीय निकायों में मतदान होना है।
आरोप है कि 37 राउंड फायरिंग , स्मोक बम और लाठीचार्ज के ज़रिए नामांकन प्रक्रिया को बाधित किया गया।
पार्टी ने स्थानीय अदालत और उच्च न्यायालय दोनों में याचिका दायर की है; सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग की माँग की गई।
पूर्व मंत्री धर्माना प्रसाद राव ने जीवीएमसी के ₹1,738 करोड़ अमरावती भेजे जाने का आरोप लगाया।
टेक रवि और आदिनारायण रेड्डी पर नामांकन प्रक्रिया में बाधा डालने का भी आरोप।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी ने 30 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार पुलिवेंदुला नगर निकाय चुनाव में धांधली कराने की सुनियोजित साजिश रच रही है। 1 नवंबर को राज्य के 100 शहरी स्थानीय निकायों में होने वाले मतदान से ठीक पहले आए ये आरोप इसलिए और भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि पुलिवेंदुला वाईएसआरसीपी अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी का गृह क्षेत्र और विधानसभा क्षेत्र है।

मुख्य आरोप और दावे

वाईएसआर कडप्पा से सांसद अविनाश रेड्डी ने वाईएसआरसीपी कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस के सहयोग, हिंसा और डराने-धमकाने के ज़रिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि इन गतिविधियों के निर्देश सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी कार्यालय से दिए जा रहे हैं, और पूरी प्रक्रिया की निगरानी डीआईजी कोया प्रवीण कर रहे हैं।

अविनाश रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि टीडीपी नेता बी. टेक रवि और आदिनारायण रेड्डी ने शुरू से ही वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों के नामांकन में बाधाएं पैदा कीं। उनके अनुसार, पुलिस ने महिला उम्मीदवारों समेत कई लोगों को नामांकन दाखिल करने से रोका और इस दौरान 37 राउंड फायरिंग, स्मोक बम, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया गया।

फर्जी मतदान की आशंका

अविनाश रेड्डी ने दावा किया कि जम्मलमडुगु, कमलापुरम, प्रोद्दातुर और रायचोटी से हज़ारों बाहरी लोगों को पुलिस की मदद से लॉज और फंक्शन हॉल में ठहराया जा रहा है। उनका आरोप है कि इसका मक़सद फ़र्जी मतदान कराना और वास्तविक मतदाताओं को मतदान केंद्रों से दूर रखना है। उन्होंने इसे पूर्ववर्ती जेडपीटीसी उपचुनाव में अपनाई गई रणनीति के समान बताया।

वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों की दुकानों और वाहनों पर हमलों का भी आरोप लगाया गया। सांसद ने कहा कि वीडियो सबूत होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की; उल्टे वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं पर धारा 307 के तहत मामले दर्ज किए, तलाशी अभियान चलाए और गिरफ्तारियां कीं।

न्यायिक हस्तक्षेप की माँग

अविनाश रेड्डी ने सभी मतदान केंद्रों पर पूर्ण वेबकास्टिंग और लाइव फुटेज की माँग की है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने इस मामले में स्थानीय अदालत और उच्च न्यायालय दोनों का दरवाज़ा खटखटाया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य चुनाव आयोग पर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का दायित्व है।

विशाखापट्टनम पर भी हमला, विकास का मुद्दा उठाया

इस बीच, वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री धर्माना प्रसाद राव ने श्रीकाकुलम स्थित पार्टी जिला कार्यालय से ग्रेटर विशाखापट्टनम के मतदाताओं से गठबंधन दलों को मतों से हराने की अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री नायडू पर ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम (जीवीएमसी) के ₹1,738 करोड़ अमरावती भेजने, नगर निगम की भूमि निजी कंपनियों को सौंपने और शहर के विकास की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।

धर्माना प्रसाद राव ने यह भी कहा कि कापू, यादव और गवारा जैसे प्रभावशाली स्थानीय समुदायों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित किया जा रहा है, जबकि सत्ता मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के हाथों में केंद्रित है। उनके अनुसार, विशाखापट्टनम आज भी पेयजल संकट, खराब जल निकासी, सफाई समस्याओं और उपेक्षित झुग्गी बस्तियों जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है।

विकास के वादे और राजनीतिक संदर्भ

अविनाश रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी और वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए पुलिवेंदुला में कृष्णा जल परियोजना, ₹500 करोड़ का मेडिकल कॉलेज, 8,000 परिवारों के लिए आवास और ₹25 करोड़ की कोल्ड स्टोरेज परियोजना जैसी योजनाओं की याद दिलाई। उन्होंने मतदाताओं से वाईएसआरसीपी की चेयरपर्सन उम्मीदवार प्रमीलम्मा और पार्टी के 20 वार्डों के उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की।

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद वाईएसआरसीपी और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच टकराव लगातार तीखा होता जा रहा है। 1 नवंबर के मतदान के नतीजे दोनों दलों के बीच ज़मीनी ताक़त की परीक्षा का पैमाना बनेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह जगन मोहन रेड्डी की अपनी धरती है। वाईएसआरसीपी के आरोप गंभीर हैं — फर्जी मतदाता, पुलिस का कथित दुरुपयोग, न्यायालय की शरण — लेकिन ये एकतरफा बयान हैं जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। असल सवाल यह है कि क्या राज्य चुनाव आयोग और न्यायपालिका समय रहते हस्तक्षेप करेंगे, या 1 नवंबर का मतदान उन्हीं विवादों के साये में होगा जो सत्ता परिवर्तन के बाद से आंध्र की राजनीति को घेरे हुए हैं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुलिवेंदुला नगर निकाय चुनाव में धांधली के आरोप क्या हैं?
वाईएसआरसीपी सांसद अविनाश रेड्डी ने आरोप लगाया है कि चंद्रबाबू नायडू सरकार पुलिस के सहयोग, फर्जी मतदाताओं और हिंसा के ज़रिए पुलिवेंदुला नगर निकाय चुनाव को प्रभावित कर रही है। उनका दावा है कि निर्देश सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी कार्यालय से आ रहे हैं।
आंध्र प्रदेश में नगर निकाय चुनाव कब होंगे?
आंध्र प्रदेश के 100 शहरी स्थानीय निकायों में 1 नवंबर 2026 को मतदान होना निर्धारित है। पुलिवेंदुला इन्हीं निकायों में शामिल है और इसे विशेष रूप से राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है।
वाईएसआरसीपी ने चुनाव विवाद में न्यायालय का दरवाज़ा क्यों खटखटाया?
पार्टी ने आरोप लगाया कि वीडियो सबूत होने के बावजूद पुलिस ने टीडीपी समर्थित आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की और उल्टे वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं पर धारा 307 के मामले दर्ज किए। इसीलिए पार्टी ने स्थानीय अदालत और उच्च न्यायालय दोनों में याचिका दायर की और सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग की माँग की।
जीवीएमसी के ₹1,738 करोड़ अमरावती भेजे जाने का विवाद क्या है?
वाईएसआरसीपी नेता धर्माना प्रसाद राव का आरोप है कि ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम (जीवीएमसी) के ₹1,738 करोड़ अमरावती भेज दिए गए, जबकि विशाखापट्टनम पेयजल संकट, खराब जल निकासी और उपेक्षित झुग्गी बस्तियों जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है।
पुलिवेंदुला राजनीतिक रूप से इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
पुलिवेंदुला वाईएसआरसीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी का गृह क्षेत्र और विधानसभा क्षेत्र है। इसलिए यहाँ के नगर निकाय चुनाव का परिणाम दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले