संजय गुप्ता को अंतिम विदाई: रोहित-रॉनित रॉय टूटे, मिलाप जावेरी ने अगली फिल्म समर्पित की
सारांश
मुख्य बातें
फिल्मकार संजय गुप्ता के 30 अक्टूबर 2026 की रात अचानक निधन के बाद मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री गहरे सदमे में है। 31 अक्टूबर को उनके मुंबई स्थित आवास पर श्रद्धांजलि देने पहुँचे अभिनेताओं रोहित रॉय और रॉनित रॉय अपने आँसू नहीं रोक पाए, जबकि फिल्मकार मिलाप जावेरी ने घोषणा की कि वे अपनी अगली फिल्म संजय को समर्पित करेंगे। 59 वर्ष की आयु में इस तरह चले जाना बॉलीवुड के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
श्रद्धांजलि का दृश्य
संजय गुप्ता के आवास पर शनिवार को जुटे सितारों में रोहित रॉय, रॉनित रॉय और अभिनेता सुधांशु पांडे प्रमुख रूप से नजर आए। रॉनित रॉय कई बार फूट-फूटकर रोते दिखे और वहाँ मौजूद लोग उन्हें संभालने का प्रयास करते रहे। रोहित रॉय भी अत्यंत भावुक थे और बार-बार अपने आँसू पोंछते रहे। दोनों भाइयों ने संजय के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। फरदीन खान, डब्बू रत्नानी, अशोक पंडित, मनु ऋषि, मनोज बाजपेयी और मीजान जाफरी सहित अनेक फिल्मी हस्तियाँ भी निर्देशक को अंतिम विदाई देने पहुँचीं।
मिलाप जावेरी की भावुक श्रद्धांजलि
फिल्मकार मिलाप जावेरी ने संजय गुप्ता को अपना 'गॉडफादर, दोस्त और भाई' बताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, 'गुरुजी... मेरे गॉडफादर। मेरे भगवान। मेरे पिता। मेरे भाई। मेरे दोस्त। जब मैं 21 साल का था, तब आपने मुझे सिखाया कि जिंदगी सिर्फ फूलों से भरी नहीं होती बल्कि इसमें 'कांटे' भी होते हैं।' उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने निधन से महज दस दिन पहले संजय से मुलाकात की थी और अपनी अगली फिल्म का शीर्षक बताया था, जिस पर संजय ने बताया कि उसी नाम की मूल फिल्म उनके पिता ने बनाई थी। मिलाप ने घोषणा की कि वह शीर्षक और वह फिल्म संजय गुप्ता को समर्पित होगी।
गौरतलब है कि मिलाप जावेरी ने संजय की 2002 की फिल्म 'कांटे' से डायलॉग राइटर के रूप में अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद 'मुसाफिर', 'शूटआउट एट लोखंडवाला' और 'शूटआउट एट वडाला' जैसी फिल्मों में दोनों ने मिलकर काम किया।
कोएना मित्रा और अनु मलिक का दर्द
अभिनेत्री कोएना मित्रा ने अपने पोस्ट में लिखा, 'वह कैमरे के पीछे एक जादूगर जैसे थे। यह सोचकर दिल टूटता है कि जिंदगी से भरा, जुनूनी और इतने हुनरमंद इंसान महज 59 साल की उम्र में चले गए।' उन्होंने आगे लिखा कि संजय ने उन्हें 'मुसाफिर' के जरिये बॉलीवुड में लॉन्च किया था और फिल्म का गाना 'ओ साकी साकी' उनकी अमिट याद बन गई। म्यूजिक कंपोजर अनु मलिक ने संजय को 'अपने समय से बहुत आगे सोचने वाला जीनियस निर्देशक' बताते हुए कहा कि उनकी फिल्में और भारतीय सिनेमा में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
निधन की परिस्थितियाँ
मुंबई पुलिस के अनुसार, संजय गुप्ता 30 अक्टूबर की देर रात अपने घर के बाथरूम में फिसलकर गिर गए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। घर में परिवार के सदस्य और घरेलू सहायक मौजूद थे, लेकिन सभी सो रहे थे और उन्हें तत्काल घटना की जानकारी नहीं मिल पाई। अगली सुबह परिवार ने उन्हें देखकर पुलिस को सूचित किया। वर्सोवा पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।
संजय गुप्ता का सिनेमाई सफर
संजय गुप्ता ने 1994 में फिल्म 'आतिश: फील द फायर' से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'कांटे', 'मुसाफिर', 'जिंदा', 'शूटआउट एट वडाला', 'जज्बा', 'काबिल' और 'मुंबई सागा' जैसी चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी अंतिम निर्देशित फिल्म 'द मिरांडा ब्रदर्स' 2025 में रिलीज हुई थी। बॉलीवुड की अगली पीढ़ी के कई फिल्मकारों के लिए वे प्रेरणास्रोत बने रहे।