नाना पाटेकर को मनोज बाजपेयी, सनी देओल, अनूप जलोटा की श्रद्धांजलि; 'कार नहीं खरीदी, किसानों के लिए घर बनाए'
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से 8 अक्टूबर 2026 को पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर फैल गई। अभिनेता, निर्देशक और संगीत जगत की हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके सरल जीवन, किसान-प्रेम तथा बेबाक स्वभाव को याद किया। उनके जाने को सिनेमा ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया गया।
अमोल पालेकर का दर्द — 'मुलाकात अधूरी रह गई'
अभिनेता और निर्देशक अमोल पालेकर ने कहा, 'मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस समय क्या कहूं। मैं अभी तक इस सदमे से पूरी तरह बाहर नहीं आ पाया हूं।' उन्होंने बताया कि निधन से करीब डेढ़ दिन पहले ही नाना से फोन पर बात हुई थी। नाना उनका नया नाटक देखने नहीं आ सके थे, किंतु उन्होंने वादा किया था कि अगले शो में जरूर आएंगे — वह मुलाकात अब अधूरी रह गई।
मनोज बाजपेयी की पोस्ट — 'नाना ने उम्मीद दी'
अभिनेता मनोज बाजपेयी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि नाना पाटेकर नहीं रहे।' उन्होंने कहा कि मुंबई आकर अपनी जगह बनाने की कोशिश करने वाले तमाम कलाकारों के लिए नाना का सफर उम्मीद देने वाला रहा — उन्होंने यह विश्वास दिलाया कि हुनर और ईमानदारी से भी फिल्म जगत में पहचान बनाई जा सकती है। बाजपेयी ने लिखा, 'वह बेहतरीन कलाकारों में से एक रहे। ओम शांति।'
सनी देओल और सुनील पाल की यादें
अभिनेता सनी देओल ने कहा, 'हमने कभी साथ काम नहीं किया लेकिन कई वर्षों से हमारे बीच एक खास रिश्ता था। वह निडर और जिंदगी को अपने तरीके से जीने वाले इंसान थे — हमेशा वही करते थे, जो उन्हें सही लगता था।' हास्य कलाकार सुनील पाल ने नाना को 'महान अभिनेता और मिमिक्री कलाकारों के गुरु' बताया। पाल ने कहा, 'वह एक संस्था के ज़रिए जरूरतमंद किसानों की मदद करते थे, खेती से जुड़े रहे और आम लोगों के अधिकारों के लिए सरकार से सवाल करने से कभी नहीं हिचकिचाए।'
'कार नहीं खरीदी, किसान को घर दिया' — अनूप जलोटा का खुलासा
गायक अनूप जलोटा ने नाना पाटेकर की दरियादिली का एक अनोखा पहलू साझा किया। उन्होंने बताया कि नाना फिल्मों के लिए अच्छी फीस लेते थे और निर्माताओं से कहते थे कि उनकी फीस का एक हिस्सा जरूरतमंदों की मदद के लिए दे दिया जाए। जलोटा के अनुसार नाना का मानना था, 'कार पर खर्च होने वाले पैसे से किसी किसान के लिए घर बनाया जा सकता है — इसीलिए उन्होंने अपने लिए कार तक नहीं खरीदी।' जलोटा ने यह भी बताया कि लगभग दो महीने पहले नाना ने उन्हें फोन किया था और कहा था, 'क्या स्पष्ट बोलते हो तुम।' जब जलोटा ने कहा 'इस मामले में मैं आपका ही शिष्य हूं', तो नाना हंस पड़े थे। जलोटा ने नाना की तुलना राज कपूर, दिलीप कुमार और धर्मेंद्र जैसे दिग्गजों से करते हुए कहा कि उन्हें भी कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
गोवा से अंतिम जुड़ाव
नाना पाटेकर का गोवा से एक विशेष नाता रहा। निधन से कुछ दिन पहले गोवा पर्यटन दिवस के कार्यक्रम में उन्होंने जनता को संबोधित किया था। उस कार्यक्रम का एक वीडियो अब सामने आया है जिसमें वे गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को याद करते दिखाई दे रहे हैं। नाना ने कहा था कि पर्रिकर उम्र में उनसे छोटे होने के बावजूद ऐसी शख्सियत थे कि हर कोई उन्हें सम्मान की नजर से देखता था। फिल्म जगत में उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाती रहेगी।