नाना पाटेकर के निधन पर रजनीकांत, जूनियर एनटीआर समेत पूरे सिनेमा जगत ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर 8 अक्टूबर 2026 को सामने आते ही बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और फिल्म उद्योग से जुड़े संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई। गोवा स्थित अपने घर पर अंतिम सांस लेने वाले नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि देने के लिए कलाकारों और संगठनों ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। भारतीय सिनेमा के इस महान अभिनेता के जाने से एक पूरे युग का अंत हो गया है।
एआईसीडब्ल्यूए की भावुक श्रद्धांजलि
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभिनेता की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'एक महान कलाकार हमें छोड़कर चले गए। भारतीय फिल्म उद्योग ने अपने एक महान बेटे को खो दिया है।' संगठन ने नाना पाटेकर की आत्मा की शांति और उनके परिवार व प्रशंसकों को दुख सहने की शक्ति के लिए प्रार्थना की।
एआईसीडब्ल्यूए ने उनकी फिल्मी विरासत को याद करते हुए कहा कि 'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'प्रहार', 'अब तक छप्पन', 'नटसम्राट' और 'वेलकम' जैसी फिल्मों में उनका अभिनय इतना प्रामाणिक था कि दर्शक यह भूल जाते थे कि पर्दे पर कोई अभिनय कर रहा है। संगठन के अनुसार, 'क्रांतिवीर' का प्रसिद्ध संवाद 'एक मच्छर साला आदमी को हिजड़ा बना देता है' आम आदमी की आवाज़ बन गया था।
एसोसिएशन ने नाना पाटेकर के इंसानी पहलू को भी रेखांकित किया — वे सादगी से एक छोटे से फ्लैट में रहते थे, ज़रूरतमंदों की मदद करते थे और जमीन से जुड़े रहते थे। 'कर्मचारी, तकनीशियन, जूनियर कलाकार और कलाकार सभी समान रूप से शोक मना रहे हैं,' संगठन ने कहा।
साउथ सिनेमा का शोक
दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत ने एक्स पर लिखा, 'मुझे यकीन नहीं हो रहा कि मेरे प्यारे दोस्त नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। उनकी आत्मा को शांति मिले।'
अभिनेता जूनियर एनटीआर ने भी एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'नाना पाटेकर सर के निधन से गहरा दुख हुआ है, वे भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में से एक थे। उनके हर किरदार में एक बेजोड़ ईमानदारी और तीव्रता थी।' जूनियर एनटीआर ने आगे कहा कि 'उनका अभिनय कभी अभिनय नहीं लगता था, बल्कि पर्दे पर जीवन घटित होता हुआ लगता था।'
बॉलीवुड की प्रतिक्रिया
अभिनेता आदिल हुसैन ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैं यकीन नहीं कर सकता कि नाना पाटेकर चले गए। मुझे यह खबर एक फोन कॉल से मिली और मैं जाग गया। निःशब्द हूँ। प्रिय नाना जी, मैं आपको बड़े स्नेह से याद रखूँगा, आपके काम ने मुझ सहित कई लोगों को प्रेरित किया है।'
अभिनेता फरहान अख्तर ने इंस्टाग्राम पर नाना पाटेकर की तस्वीर साझा करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, 'कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनके जाने के बाद एक खालीपन रह जाता है। नाना पाटेकर ऐसे ही व्यक्ति थे, जिनकी उपस्थिति कमरे को भर देती थी।' फरहान के अनुसार, कला और सामाजिक कार्यों के प्रति नाना की प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
विरासत और योगदान
नाना पाटेकर का भारतीय सिनेमा में योगदान अतुलनीय माना जाता है। 'परिंदा' से लेकर 'नटसम्राट' तक, उन्होंने हर किरदार को अपनी अनूठी अभिनय-शैली से जीवंत किया। यह ऐसे समय में और भी संवेदनशील है जब भारतीय सिनेमा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। गौरतलब है कि नाना पाटेकर अपनी उपलब्धियों के बावजूद सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए जाने जाते थे।
एआईसीडब्ल्यूए ने अपनी श्रद्धांजलि 'ओम शांति' के साथ समाप्त की। भारतीय सिनेमा जगत के इस अपूरणीय क्षति की भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं होगी, लेकिन उनके किरदार और उनकी मानवीयता पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।