नाना पाटेकर के निधन पर रेवंत रेड्डी, पवन कल्याण समेत कई नेताओं ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर देशभर के नेताओं और फिल्मी हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं अभिनेता पवन कल्याण समेत कई प्रमुख राजनेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। 8 अक्टूबर 2026 को सामने आई इस दुखद खबर ने हिंदी और मराठी सिनेमा जगत को शोक में डुबो दिया।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की श्रद्धांजलि
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि अभिनेता, निर्देशक और रंगमंच कलाकार के तौर पर नाना पाटेकर की प्रभावशाली अदाकारी ने हिंदी और मराठी सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने इस निधन को भारतीय फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
पवन कल्याण ने एक्स पर किया भावुक पोस्ट
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नाना पाटेकर असाधारण अभिनेता थे, जिन्होंने अपने हर किरदार में गहराई और प्रामाणिकता ला दी। उन्होंने फिल्म 'क्रांतिवीर' में नाना के यादगार अभिनय को विशेष रूप से याद किया और कहा कि यह सिनेमा प्रेमियों की स्मृतियों में हमेशा बना रहेगा।
पवन कल्याण ने 'परिंदा', 'खामोशी', 'तिरंगा', 'अग्निसाक्षी', 'नटसम्राट', 'अब तक छप्पन' और 'अपहरण' जैसी फिल्मों में नाना पाटेकर के शानदार काम को याद किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना के साथ नाना का जुड़ाव और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा उनके देशप्रेम और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जगन मोहन रेड्डी और किशन रेड्डी ने भी जताया दुख
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि भारतीय सिनेमा में नाना पाटेकर के उल्लेखनीय योगदान और बहुमुखी अभिनय को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि नाना पाटेकर की प्रभावशाली अभिनय-शैली, विशिष्ट आवाज और भारतीय सिनेमा में विशाल योगदान ने उन्हें करोड़ों लोगों के दिलों में खास स्थान दिलाया। उन्होंने जोड़ा कि पर्दे के बाहर भी सामाजिक सरोकारों के प्रति नाना की संवेदनशीलता समाज से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती थी।
कांग्रेस सांसद का शोक संदेश
कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा कि नाना पाटेकर की विशिष्ट आवाज, प्रभावशाली अभिनय और हिंदी-मराठी सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान ने उन्हें भारतीय सिनेमा का अविस्मरणीय चेहरा बना दिया। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
भारतीय सिनेमा पर असर
नाना पाटेकर का निधन हिंदी और मराठी दोनों सिनेमाओं के लिए एक युग के अंत जैसा है। 'नटसम्राट' जैसी मराठी फिल्म से लेकर 'अब तक छप्पन' जैसी हिंदी रचनाओं तक, उनकी अभिनय-यात्रा ने यह साबित किया कि सच्ची प्रतिभा भाषाओं की सीमाएँ नहीं मानती। सामाजिक कार्यों में, विशेषकर किसान कल्याण के क्षेत्र में, उनका योगदान उन्हें एक बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करता है। भारतीय सिनेमा जगत उनकी इस अपूरणीय क्षति को लंबे समय तक महसूस करेगा।