8 अक्टूबर 2026
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नाना पाटेकर के निधन पर गोवा CM प्रमोद सावंत बोले — 'व्यक्तिगत क्षति है', देशभर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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नाना पाटेकर के निधन पर गोवा CM प्रमोद सावंत बोले — 'व्यक्तिगत क्षति है', देशभर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा में निधन हो गया। गोवा के CM प्रमोद सावंत ने इसे 'व्यक्तिगत क्षति' बताया। केंद्रीय मंत्री, उपमुख्यमंत्री, विधायक और विपक्षी नेताओं सहित पूरे देश ने चार दशकों के करियर वाले इस दिग्गज को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

मुख्य बातें

नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर 2026 की सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर गोवा के एक निजी अस्पताल में हुआ।
गोवा के CM प्रमोद सावंत ने उन्हें 'करीबी दोस्त' बताते हुए इसे 'व्यक्तिगत नुकसान' कहा; पार्थिव शरीर गोवा में रखा गया।
केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल , UP उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक , और पूर्व मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सहित दर्जनों नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने 'नाम फाउंडेशन' के ज़रिये किसानों के लिए किए उनके कार्यों को विशेष रूप से याद किया।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने उनकी तुलना दिलीप कुमार से करते हुए कहा — 'एक पूरे युग का अंत है।' नाना पाटेकर का करियर चार दशकों से अधिक लंबा रहा; 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और मराठी फिल्म 'नटसम्राट' उनकी यादगार फिल्मों में शामिल हैं।

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा में निधन हो गया। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पुष्टि की कि उन्हें सुबह करीब 5 बजकर 30 मिनट पर एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर से पूरा देश शोक में डूब गया और राजनीति, संसद तथा राज्य विधानसभाओं तक से शोक-संदेशों की बाढ़ आ गई।

मुख्यमंत्री सावंत का व्यक्तिगत शोक

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गुरुवार सुबह पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'नाना पाटेकर का आज सुबह करीब 5.30 बजे गोवा में निधन हो गया। यह पूरे देश, महाराष्ट्र और गोवा के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।' उन्होंने नाना पाटेकर को एक असाधारण कलाकार और समाज-सेवक बताते हुए कहा कि वे उनके 'बहुत करीबी दोस्त' थे और इसीलिए यह उनके लिए 'व्यक्तिगत नुकसान' है। सावंत ने यह भी बताया कि गोवा प्रशासन पाटेकर के परिवार के साथ लगातार संपर्क में है और उनका पार्थिव शरीर फ़िलहाल गोवा में ही है।

केंद्रीय और राज्य मंत्रियों की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा, 'हिंदी, मराठी या अन्य भाषाएँ हों, फिल्म इंडस्ट्री हो या अन्य कई क्षेत्र, नाना पाटेकर ने अहम योगदान दिया। एक महाराष्ट्रीयन होने के नाते, महाराष्ट्र के लोगों के लिए यह बात विशेष रूप से दुखद है।' उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि नाना पाटेकर का पूरा जीवन फिल्म इंडस्ट्री, भारत और भारतीय संस्कृति के लिए समर्पित था और उनकी अदाकारी ने समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'वे एक असाधारण कलाकार और अच्छे इंसान थे। उन्हें पढ़ने का बहुत शौक था।' जावड़ेकर ने नाना पाटेकर की जीवनशैली का उल्लेख करते हुए बताया कि वे खुद खाना भी बनाते थे और उनका घर उनकी विलक्षण सोच का प्रतिबिंब था।

उत्तर प्रदेश के मंत्रियों की श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पार्टी और प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने काशी से बोलते हुए कहा कि वे बाबा विश्वनाथ से दिवंगत अभिनेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कहा, 'अपनी भूमिकाओं में खो जाना और उन्हें जीवंत बना देना नाना पाटेकर की सबसे बड़ी विशेषता थी — उनकी हर भूमिका अविस्मरणीय है।'

मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि यह सिर्फ सिनेमा जगत की क्षति नहीं है, बल्कि 'एक राष्ट्रभक्त गया है।' उनके अनुसार नाना पाटेकर के कला, किरदार और जीवन में देश के प्रति जो समर्पण था, वह दर्शकों को उनकी हर फिल्म में दिखता था।

बिहार और विपक्ष की आवाज़

बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि नाना पाटेकर ने नाट्यमंच से शुरुआत कर फिल्मी दुनिया में जो मुकाम हासिल किया, वह अद्वितीय है। उन्होंने कहा, 'समाज की विकृतियों को अपने किरदार के माध्यम से चिन्हित करते थे — उनकी एक्टिंग की जितनी भी प्रशंसा की जाए, वो कम है।' बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि नाना पाटेकर एक महान कलाकार थे और उनके जाने से बॉलीवुड को अपूरणीय क्षति हुई है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भावुक होते हुए कहा, 'एक महान अभिनेता का जाना हुआ है और एक पूरे युग का अंत है। जैसे दिलीप कुमार जैसा कोई नहीं, वैसे ही नाना पाटेकर जैसा भी कोई नहीं।'

शिवसेना और महाराष्ट्र से प्रतिक्रियाएँ

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, 'भारत ने अपने बेहतरीन अभिनेताओं में से एक को खो दिया है।' उन्होंने नाना पाटेकर के 'नाम फाउंडेशन' के ज़रिये किसानों के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और मराठी फिल्म 'नटसम्राट' जैसी उनकी रचनाएँ सिनेमा के इतिहास में अमर रहेंगी। महाराष्ट्र के बडनेरा से विधायक रवि राणा ने कहा कि नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के बेहतरीन कलाकार थे और एक सरल, विनम्र इंसान थे जो सभी से गर्मजोशी से मिलते थे।

गौरतलब है कि नाना पाटेकर का करियर चार दशकों से भी लंबा रहा और उन्होंने हिंदी व मराठी दोनों सिनेमाओं में अविस्मरणीय किरदार निभाए। उनका अंतिम संस्कार परिवार के निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सार्वजनिक नैतिक प्रतीक भी थे — किसानों के लिए 'नाम फाउंडेशन' और सादगीपूर्ण जीवन के कारण। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर उनकी अभिनय विरासत पर केंद्रित रहती है, लेकिन राजनेताओं का 'राष्ट्रभक्त' और 'समाज-सेवक' जैसे शब्दों का प्रयोग बताता है कि उनकी छवि सिनेमा की सीमाओं से कहीं आगे थी। चार दशकों में उन्होंने जो सामाजिक पूँजी अर्जित की, वह किसी भी पुरस्कार से बड़ी है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाना पाटेकर का निधन कब और कहाँ हुआ?
नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 5 बजकर 30 मिनट पर गोवा के एक निजी अस्पताल में हुआ। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इसकी पुष्टि की और बताया कि उनका पार्थिव शरीर फ़िलहाल गोवा में है।
गोवा के CM प्रमोद सावंत ने नाना पाटेकर के बारे में क्या कहा?
CM प्रमोद सावंत ने नाना पाटेकर को अपना 'बहुत करीबी दोस्त' बताते हुए उनके निधन को 'व्यक्तिगत नुकसान' कहा। उन्होंने उन्हें एक असाधारण कलाकार, समाज-सेवक और फिल्म इंडस्ट्री में अतुलनीय योगदान देने वाला बताया।
नाना पाटेकर की प्रमुख फिल्में कौन-सी थीं?
नाना पाटेकर ने 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और मराठी फिल्म 'नटसम्राट' जैसी यादगार फिल्मों में काम किया। उनका करियर चार दशकों से भी लंबा रहा और उन्होंने हिंदी व मराठी दोनों सिनेमाओं में अविस्मरणीय किरदार निभाए।
नाना पाटेकर का सामाजिक कार्य किससे जुड़ा था?
नाना पाटेकर 'नाम फाउंडेशन' के ज़रिये किसानों की मदद के लिए प्रसिद्ध थे। शिवसेना नेता शाइना एनसी ने इसे विशेष रूप से उल्लेखित करते हुए कहा कि इसी कारण वे 'पर्दे के बाहर असल ज़िंदगी के हीरो' थे।
किन प्रमुख नेताओं ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया?
गोवा के CM प्रमोद सावंत, केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल, UP के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, बिहार विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद सहित दर्जनों नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्र प्रेस
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