नाना पाटेकर के निधन पर PM मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह ने जताया गहरा शोक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर 2026 को दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और कहा कि हिंदी व मराठी सिनेमा में उनका योगदान अतुलनीय था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर की असाधारण उपस्थिति और रचनात्मकता ने उन्हें भारतीय सिनेमा में अमर बना दिया।
प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'नाना पाटेकर में वह जबरदस्त जोश, अनोखापन और ऐसी दमदार मौजूदगी थी, जो बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है। उन्होंने हर किरदार में कमाल की विविधता और रचनात्मकता दिखाई और हमें ऐसे पात्र दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा।' उन्होंने आगे कहा कि नाना पाटेकर अपनी बेबाक और स्पष्ट विचारधारा के लिए भी सराहे जाते थे और कभी भी अपनी बात कहने से नहीं हिचकिचाते थे।
मोदी ने अपने संदेश का समापन करते हुए लिखा, 'हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान बहुत बड़ा था। उनके जाने से एक बड़ी कमी महसूस हो रही है। उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत चाहने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएँ। ओम शांति।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का शोक संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया। एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'बहुत कम अभिनेताओं में उनके जैसी असाधारण विविधता और गहराई थी। वे अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसा सकते थे, वहीं 'अंकुश', 'प्रहार' और 'क्रांतिवीर' जैसी फिल्मों में उन्होंने एक ऐसी गंभीरता दिखाई जिसने हर किरदार को यादगार बना दिया।'
राजनाथ सिंह ने कहा कि नाना पाटेकर 'सिर्फ एक अभिनेता नहीं, अपने आप में एक संस्था थे' और भारतीय सिनेमा में उनका उल्लेखनीय योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
गृह मंत्री अमित शाह की संवेदनाएँ
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पाँच दशकों तक नाना पाटेकर ने अपने सहज अभिनय और सशक्त संवाद अदायगी से दर्शकों के मन पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा, 'गंभीर सामाजिक विषय हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस किरदार को निभाया, उसे जीवंत बना दिया।' शाह ने 'नाम फाउंडेशन' के ज़रिये सूखाग्रस्त किसान परिवारों की सेवा और सीमा पर जवानों का हौसला बढ़ाने जैसे उनके सामाजिक कार्यों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वे ख्याति के शिखर पर पहुँचकर भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की श्रद्धांजलि
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी पद्म श्री नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'जाने-माने अभिनेता, थिएटर के दिग्गज कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी पद्म श्री नाना पाटेकर के निधन से गहरा दुख हुआ है। उनका जाना भारतीय सिनेमा, थिएटर और कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।' उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और शोकाकुल परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्राप्त हो।
नाना पाटेकर: एक युग का अंत
नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन विरल अभिनेताओं में थे जिन्होंने हिंदी और मराठी — दोनों सिनेमाई जगत में समान रूप से अपनी अमिट पहचान बनाई। 'अंकुश' से लेकर 'प्रहार', 'क्रांतिवीर' और 'वेलकम' तक, उनके किरदार भारतीय दर्शकों की सामूहिक स्मृति का हिस्सा बन चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सिनेमा जगत पहले ही कई वरिष्ठ कलाकारों को खो चुका है। उनके निधन के साथ एक पूरी पीढ़ी के सिनेमाई संस्कारों का एक अध्याय बंद हो गया है।