नाना पाटेकर को सिद्धार्थ रॉय कपूर की श्रद्धांजलि: 'परिंदा से वेलकम तक की रेंज दुर्लभ थी'
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म निर्माता सिद्धार्थ रॉय कपूर ने दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा ने एक ऐसा बहुमुखी कलाकार खोया है, जो गंभीर किरदारों से लेकर कॉमेडी तक समान दक्षता से निभाने की क्षमता रखते थे। 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई में बातचीत के दौरान उन्होंने नाना पाटेकर की अभिनय विरासत को अविस्मरणीय बताया।
दुर्लभ कलाकार की पहचान
सिद्धार्थ रॉय कपूर ने कहा, 'मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि वह एक शानदार अभिनेता थे। बहुत कम अभिनेता होते हैं, जो 'परिंदा' से लेकर 'वेलकम' तक की रेंज कर सकें। इतनी गंभीर एक्टिंग से लेकर इस तरह की कॉमेडी करना बहुत बड़ी बात है और नाना पाटेकर उन दुर्लभ कलाकारों में से एक थे।' यह टिप्पणी उस असाधारण बहुमुखी प्रतिभा को रेखांकित करती है जिसके लिए नाना पाटेकर दशकों तक पहचाने जाते रहे।
'परिंदा' की वह परफॉर्मेंस जिसने इतिहास रचा
निर्माता ने खासतौर पर 'परिंदा' में नाना पाटेकर के अभिनय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है कि मैंने 'परिंदा' को हीरो सिनेमाघर में देखा था और उनकी एक्टिंग ने मुझे हैरान कर दिया था। यह उन परफॉरमेंस में से एक है, जो एक नया इतिहास रचती हैं।' यह फिल्म भारतीय सिनेमा में खलनायक की भूमिका को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए आज भी याद की जाती है।
परिवार के प्रति गहरी संवेदना
सिद्धार्थ रॉय कपूर ने नाना पाटेकर के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, 'मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय सिनेमा को नाना पाटेकर की कमी लंबे समय तक खलती रहेगी।
फिल्म जगत का शोक
नाना पाटेकर के निधन के बाद भारतीय फिल्म जगत के अनेक सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिनमें शाहरुख खान, सलमान खान और हेमा मालिनी प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन कलाकारों ने न केवल शोक व्यक्त किया, बल्कि नाना पाटेकर के व्यक्तित्व और उनके योगदान की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
निधन और अंतिम विदाई
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में 8 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास पर वे अचेत अवस्था में पाए गए, जिसके बाद उन्हें पणजी के मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी मृत्यु कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने लगभग 45 मिनट तक सीपीआर दिया, परंतु उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर किया गया।
गौरतलब है कि नाना पाटेकर ने अपने करियर में 'अंकुश', 'क्रांतिवीर', 'शक्ति', 'अब तक छप्पन' जैसी अनेक यादगार फिल्मों में अपनी अभिनय छाप छोड़ी। उनका जाना हिंदी और मराठी सिनेमा दोनों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।