12 अक्टूबर 2026
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नाना पाटेकर को सत्यजीत पुरी की श्रद्धांजलि: 'उनके साथ काम न कर पाने का मलाल रहेगा'

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नाना पाटेकर को सत्यजीत पुरी की श्रद्धांजलि: 'उनके साथ काम न कर पाने का मलाल रहेगा'

सारांश

सत्यजीत पुरी ने इंस्टाग्राम वीडियो में नाना पाटेकर को याद किया और कहा कि उनके साथ काम न कर पाने का मलाल ताउम्र रहेगा। नाना, जिन्होंने पाँच दशक में हिंदी-मराठी सिनेमा को एक अलग तरह का हीरो दिया, का 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में कार्डियक अरेस्ट से निधन हुआ था।

मुख्य बातें

अभिनेता सत्यजीत पुरी ने 12 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।
पुरी ने कहा कि नाना उन्हें प्रोत्साहित करते थे और उनके बारे में कहते थे — 'तू आंखों से जादू करता है।' दोनों के बीच आपसी सम्मान था, लेकिन एक-दो बार की बातचीत के बावजूद साथ काम करना संभव नहीं हो सका।
नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की आयु में गोवा में कार्डियक अरेस्ट से निधन हुआ।
उनके पाँच दशक के करियर में 'परिंदा' , 'क्रांतिवीर' , 'अब तक छप्पन' और 'नटसम्राट' जैसी यादगार फिल्में शामिल हैं।

अभिनेता सत्यजीत पुरी ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि अपने लंबे करियर में उन्हें कभी नाना के साथ स्क्रीन साझा करने का अवसर नहीं मिला, जिसका उन्हें ताउम्र मलाल रहेगा। नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की आयु में गोवा स्थित उनके आवास पर हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से निधन हो गया था।

इंस्टाग्राम पर भावुक संदेश

सत्यजीत पुरी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने नाना पाटेकर के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को शब्द दिए। उन्होंने कहा, 'नाना पाटेकर जी अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके साथ मुझे कभी काम करने का मौका नहीं मिला, लेकिन वे मुझे अच्छी तरह से जानते थे और अक्सर मिलने आते थे तो कहते थे — सत्या, तुझे डायलॉग बोलने की ज़रूरत नहीं है, तू तो अपनी आंखों से ही जादू करता है।'

यह संस्मरण नाना की उस बारीकी को उजागर करता है जिसके लिए वे हिंदी और मराठी सिनेमा में सम्मानित थे — साथी कलाकारों की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें प्रोत्साहित करना।

आपसी सम्मान और अधूरी साझेदारी

सत्यजीत पुरी ने बताया कि दोनों के बीच गहरा आपसी सम्मान था, हालाँकि एक-दो बार साथ काम करने की बात चली, लेकिन वह संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा, 'इतना ज़रूर कहूंगा कि उनकी याद मुझे हमेशा आती रहेगी।'

पुरी ने अपनी वीडियो पोस्ट में लिखा, 'हमारे दौर के सबसे महान अभिनेताओं में से एक नाना पाटेकर। उन्होंने दमदार अभिनय के दम पर अपना रास्ता खुद बनाया, एक अलग तरह के हीरो बनकर उभरे, जो सिल्वर स्क्रीन पर आते ही जादू बिखेर देता है।'

नाना पाटेकर की विरासत

नाना पाटेकर ने अपने पाँच दशक के करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा को ऐसी भूमिकाएँ दीं जो पारंपरिक 'हीरो' की छवि से बिल्कुल अलग थीं। 'परिंदा', 'प्रहार', 'क्रांतिवीर', 'अग्निसाक्षी', 'अपहरण', 'अब तक छप्पन' और 'नटसम्राट' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आलोचकों और दर्शकों दोनों ने भरपूर सराहा।

सत्यजीत पुरी के शब्दों में, 'नाना पाटेकर एक ऐसे महान अभिनेता और कलाकार हैं जो हमेशा हमारी यादों में रहेंगे। हिंदी फिल्मों के पारंपरिक हीरो से बिल्कुल विपरीत छवि बनाकर वे इंडस्ट्री में एक अच्छे अभिनेता के रूप में उभरे। इस तरह के कलाकार बहुत कम देखने को मिलते हैं।'

इंडस्ट्री में शोक की लहर

नाना पाटेकर के निधन के बाद से फिल्म जगत में शोक की लहर है। 8 अक्टूबर 2026 को उनके जाने की खबर ने बॉलीवुड और मराठी सिनेमा दोनों जगत को गहरे दुख में डुबो दिया। गौरतलब है कि नाना पाटेकर न केवल एक बेमिसाल कलाकार थे, बल्कि सामाजिक कार्यों — विशेषकर किसान कल्याण — में भी सक्रिय रहते थे।

सत्यजीत पुरी जैसे कलाकारों की श्रद्धांजलियाँ इस बात की गवाही देती हैं कि नाना पाटेकर का असर केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं था — वे हर उस कलाकार के दिल में रहे जो उनसे मिला, चाहे उनके साथ काम किया हो या न किया हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक 'कलाकारों के कलाकार' के रूप में याद किया जाता है — ऐसा व्यक्ति जिसने साथी कलाकारों को भी प्रेरित किया, चाहे वे उनके साथ काम किए हों या नहीं। यह उल्लेखनीय है कि नाना पाटेकर की विरासत केवल उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं थी; वे सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनशीलता के लिए भी उतने ही जाने जाते थे। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर बड़े सितारों की प्रतिक्रियाओं पर केंद्रित रहती है, जबकि सत्यजीत पुरी जैसे कलाकारों की भावनाएँ यह दर्शाती हैं कि नाना का प्रभाव इंडस्ट्री की हर परत तक पहुँचा था।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाना पाटेकर का निधन कब और कैसे हुआ?
नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर 2026 को गोवा स्थित उनके आवास पर हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से हुआ। वे 75 वर्ष के थे।
सत्यजीत पुरी ने नाना पाटेकर को किस तरह याद किया?
सत्यजीत पुरी ने 12 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि नाना के साथ काम न कर पाने का मलाल उन्हें हमेशा रहेगा, और नाना अक्सर उनसे कहते थे कि वे आंखों से जादू करते हैं।
नाना पाटेकर की प्रमुख फिल्में कौन सी थीं?
नाना पाटेकर के पाँच दशक के करियर में 'परिंदा', 'प्रहार', 'क्रांतिवीर', 'अग्निसाक्षी', 'अपहरण', 'अब तक छप्पन' और मराठी फिल्म 'नटसम्राट' उनकी सबसे यादगार भूमिकाओं में शामिल हैं। इन फिल्मों में उनके अभिनय को आलोचकों और दर्शकों दोनों ने खूब सराहा।
नाना पाटेकर और सत्यजीत पुरी का क्या रिश्ता था?
दोनों अभिनेताओं के बीच गहरा आपसी सम्मान था। हालाँकि वे कभी एक साथ किसी फिल्म में काम नहीं कर सके, नाना पाटेकर अक्सर सत्यजीत पुरी से मिलते थे और उनकी अभिनय प्रतिभा की प्रशंसा करते थे।
नाना पाटेकर को हिंदी सिनेमा में क्यों अलग माना जाता था?
नाना पाटेकर ने हिंदी फिल्मों के पारंपरिक 'हीरो' की छवि से बिल्कुल अलग पहचान बनाई। उन्होंने जटिल और धाराप्रवाह किरदारों के ज़रिए खुद को साबित किया और इंडस्ट्री में एक ऐसे कलाकार के रूप में उभरे जो स्क्रीन पर आते ही दर्शकों को बाँध लेते थे।
राष्ट्र प्रेस
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