नाना पाटेकर के निधन पर पंकज त्रिपाठी भावुक: 'गुरु को खो दिया, उनकी कमी हमेशा रहेगी'
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने मुंबई के फिल्म जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है। 8 अक्टूबर 2026 को अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने इस अपूरणीय क्षति पर अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि नाना केवल उनके सह-कलाकार नहीं, बल्कि उनके जीवन-मार्गदर्शक भी थे। त्रिपाठी के लिए यह क्षति केवल एक कलाकार की नहीं, बल्कि एक गुरु की है।
एक निजी क्षति
पंकज त्रिपाठी ने कहा, 'नाना पाटेकर का जाना पूरी फिल्म बिरादरी के लिए बेहद दुखद है, लेकिन मेरे लिए यह एक निजी क्षति है।' त्रिपाठी ने बताया कि 2018 में प्रदर्शित फिल्म 'काला' में नाना के साथ स्क्रीन साझा करने का अनुभव उनके जीवन की सबसे खास यादों में से एक है।
उन्होंने आगे कहा, 'वह सिर्फ मेरे को-स्टार नहीं थे। वह अभिनय की कला, जिंदगी से जुड़े फैसलों और अभिनय की छोटी-छोटी बारीकियों को समझने में भी मेरा मार्गदर्शन करते थे। कई बार सिर्फ उन्हें देखते हुए और उनकी बातें सुनते हुए भी मैंने बहुत कुछ समझा।'
गुरु को खोने का दर्द
नाना के निधन की सूचना पाते ही पंकज त्रिपाठी के शब्दों में गहरी पीड़ा उभर आई। उन्होंने कहा, 'नाना पाटेकर की सलाह मेरे लिए बहुत मायने रखती थी। उनके निधन की खबर सुनकर ऐसा लग रहा है, जैसे मैंने अपने गुरु को खो दिया है।'
त्रिपाठी ने यह भी जोड़ा कि नाना की विरासत केवल उनके जाने से समाप्त नहीं होगी — 'उनसे मिली सीख और उनका शानदार काम नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रेरित करता रहेगा।'
नाना की अभिनय क्षमता को श्रद्धांजलि
त्रिपाठी ने नाना पाटेकर की अभिनय-प्रतिभा को अद्वितीय बताते हुए कहा, 'उनकी सबसे खास बात यह थी कि वह किसी भी किरदार में आसानी से पूरी तरह उतर जाते थे और अपने अभिनय से गहरी छाप जरूर छोड़ते थे।' उनके अनुसार नाना ने भारतीय सिनेमा में सिर्फ अभिनय नहीं किया, बल्कि कई पीढ़ियों के कलाकारों को यह भी सिखाया कि किरदार की गहराई को समझना उतना ही ज़रूरी है, जितना संवाद बोलना।
गौरतलब है कि नाना पाटेकर का प्रभाव किसी एक फिल्म या भूमिका तक सीमित नहीं था। उन्होंने कलाकारों के अभिनय को देखने और अपने काम को परखने के नज़रिए को भी गहराई से प्रभावित किया।
एक युग का अंत
पंकज त्रिपाठी ने नाना के निधन को भारतीय सिनेमा के एक युग की समाप्ति करार दिया। उन्होंने कहा, 'भारतीय सिनेमा ने अपनी सबसे अलग आवाज और बेहतरीन कलाकारों में से एक को खो दिया है। उनके जैसे कलाकार कभी पूरी तरह हमसे दूर नहीं जाते — वह अपने काम, निभाए गए किरदारों और उन कलाकारों के जरिए हमेशा जिंदा रहते हैं, जिन्हें उन्होंने प्रेरित किया।'
फिल्म 'काला' से जुड़ा साझा सफर
उल्लेखनीय है कि पंकज त्रिपाठी और नाना पाटेकर ने 2018 में प्रदर्शित तमिल फिल्म 'काला' में एक साथ काम किया था, जिसमें रजनीकांत मुख्य भूमिका में थे और जिसका निर्माण धनुष ने किया था। इस फिल्म में हुमा कुरैशी, ईश्वरी राव और समुद्रकनी भी अहम भूमिकाओं में नज़र आए थे। नाना की यह विरासत उनसे प्रेरणा लेने वाले हर कलाकार के जरिए आगे जीती रहेगी।