31 अक्टूबर 2026
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शेखपुरा में माता-पिता भरण-पोषण सुनवाई: 27 में से 10 मामलों पर SDO प्रियंका कुमारी ने की सुनवाई

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शेखपुरा में माता-पिता भरण-पोषण सुनवाई: 27 में से 10 मामलों पर SDO प्रियंका कुमारी ने की सुनवाई

सारांश

बिहार के शेखपुरा में SDO प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में 31 अक्टूबर को माता-पिता भरण-पोषण के 27 वादों में से 10 की सुनवाई हुई। प्रशासन का स्पष्ट संदेश — वृद्धजनों के मामले महज फाइल नहीं, मानवीय संवेदना का विषय हैं।

मुख्य बातें

शेखपुरा में 31 अक्टूबर 2026 को माता-पिता भरण-पोषण वादों की विशेष सुनवाई आयोजित हुई।
कुल 27 वाद सूचीबद्ध थे, जिनमें से 10 मामलों में पक्षकार उपस्थित रहे।
सुनवाई SDO प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में अनुमंडल कार्यालय प्रकोष्ठ में हुई।
मामलों में नरेश महतो, चिंता देवी, रामविलास चौधरी सहित 10 परिवारों के विवाद शामिल थे।
SDO ने कहा — वृद्धजनों के मामले मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का विषय हैं।

बिहार के शेखपुरा में 31 अक्टूबर 2026 को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से जुड़े वादों की विशेष सुनवाई आयोजित की गई। यह सुनवाई अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में संपन्न हुई, जिसका मूल उद्देश्य वृद्धजनों के कानूनी अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।

सुनवाई का विवरण

कार्यक्रम में कुल 27 वाद सूचीबद्ध थे, जिनमें से 10 मामलों में वादी और प्रतिवादी दोनों पक्ष उपस्थित हुए। उपस्थित पक्षकारों के तर्क गंभीरतापूर्वक सुने गए। शेष 17 मामलों में संबंधित पक्ष अनुपस्थित रहे, जिन्हें आगामी तिथियों पर सूचीबद्ध किया जाएगा।

किन मामलों में हुई सुनवाई

जिन 10 मामलों की सुनवाई की गई उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं — नरेश महतो बनाम राजेश कुमार, चिंता देवी बनाम राजकरण, श्रीसाव बनाम मुकेश कुमार, रामविलास चौधरी बनाम संजय चौधरी एवं अन्य, भोला सिंह बनाम सच्ची कुमारी, किशोरी वर्मा बनाम सुनील वर्मा, मंती देवी बनाम इंजु देवी, सौदागर दास बनाम राजकुमार दास एवं अन्य, सुशीला देवी बनाम पासवान एवं अन्य तथा अर्जुन विश्वकर्मा बनाम संजीत एवं राजेश विश्वकर्मा। इन सभी मामलों में माता-पिता के भरण-पोषण, संतान के पारिवारिक दायित्व और वृद्धजनों की देखभाल से जुड़े विषय केंद्र में रहे।

SDO का बयान

सुनवाई के अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने कहा कि 'बदलते समय और भागदौड़ भरी जिंदगी में कई बार वृद्धजन अपने ही परिवार में उपेक्षा का शिकार हो जाते हैं। ऐसे मामले केवल कानूनी विवाद नहीं, बल्कि अपनों से अपेक्षित सम्मान और सहारे की कमी से जुड़ी पीड़ा भी व्यक्त करते हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मामलों को महज एक फाइल नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।

प्रशासन की प्रतिबद्धता

कुमारी ने यह भी कहा कि प्रत्येक वृद्धजन को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और समुचित भरण-पोषण का अधिकार है और शेखपुरा अनुमंडल प्रशासन उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि अनुमंडल प्रशासन द्वारा ऐसे मामलों की नियमित सुनवाई के माध्यम से वृद्धजनों को विधि सम्मत अधिकार दिलाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

आगे क्या

यह सुनवाई माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत आयोजित की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक पात्र वृद्धजन को गरिमा और सुरक्षा के साथ न्याय मिले तथा लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती यह है कि 27 में से केवल 10 मामलों में पक्षकार उपस्थित हुए — यानी 63% मामले आगे टले। यह प्रशासनिक पहुँच और जागरूकता की सीमा को उजागर करता है। नियमित सुनवाई तभी सार्थक होगी जब उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय सम्मन और ग्रामीण स्तर पर कानूनी साक्षरता अभियान भी चलाए जाएँ।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेखपुरा में माता-पिता भरण-पोषण सुनवाई क्या है?
यह माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत आयोजित विशेष सुनवाई है, जिसमें बुजुर्ग माता-पिता अपनी संतान के विरुद्ध भरण-पोषण का दावा दायर कर सकते हैं। 31 अक्टूबर 2026 को शेखपुरा में 27 ऐसे वादों की सुनवाई हुई।
इस सुनवाई में कितने मामलों पर कार्रवाई हुई?
कुल 27 सूचीबद्ध वादों में से 10 मामलों में वादी और प्रतिवादी दोनों उपस्थित हुए और उनके पक्ष सुने गए। शेष 17 मामलों में पक्षकार अनुपस्थित रहे।
SDO प्रियंका कुमारी ने इस अवसर पर क्या कहा?
SDO प्रियंका कुमारी ने कहा कि वृद्धजनों के मामले केवल कानूनी विवाद नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक वृद्धजन को सम्मानजनक जीवन और समुचित भरण-पोषण का अधिकार है।
माता-पिता भरण-पोषण के लिए शेखपुरा में कहाँ और कब सुनवाई होती है?
सुनवाई शेखपुरा अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में नियमित अंतराल पर आयोजित की जाती है। संबंधित वरिष्ठ नागरिक अपना वाद SDO कार्यालय में दाखिल कर सकते हैं।
इस कानून का लाभ किसे मिल सकता है?
माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत कोई भी बुजुर्ग माता-पिता या वरिष्ठ नागरिक जो अपनी संतान से उचित देखभाल नहीं पा रहे, वे भरण-पोषण की माँग के लिए वाद दायर कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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