5 नवंबर 2026
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आंध्र प्रदेश MPTC-ZPTC चुनाव: 2.61 करोड़ मतदाता डाल रहे वोट, 31,460 केंद्रों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू

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आंध्र प्रदेश MPTC-ZPTC चुनाव: 2.61 करोड़ मतदाता डाल रहे वोट, 31,460 केंद्रों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू

सारांश

आंध्र प्रदेश में आज 2.61 करोड़ मतदाता MPTC-ZPTC चुनावों में वोट डाल रहे हैं। 21,012 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 7 नवंबर को होगा। नगरपालिका चुनावों में 95/100 पर क्लीन स्वीप के बाद टीडीपी नेतृत्व वाला एनडीए ग्रामीण स्तर पर भी दबदबा कायम रखने के इरादे से मैदान में है।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश में 5 नवंबर 2026 को MPTC-ZPTC चुनावों के लिए सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान जारी है।
कुल 2.61 करोड़ पात्र मतदाता; राज्यभर में 31,460 मतदान केंद्र ।
मतदान 582 जेडपीटीसी और 7,767 एमपीटीसी सीटों के लिए; 21,012 उम्मीदवार मैदान में।
भारी बारिश के कारण एलुरु और पूर्वी गोदावरी के 5 मंडलों में मतदान 6 नवंबर तक स्थगित।
मतगणना 7 नवंबर को; टीडीपी नेतृत्व वाले एनडीए ने 1 नवंबर के नगरपालिका चुनावों में 100 में से 95 सीटें जीती थीं।
एसईसी ने 8,904 संवेदनशील और 7,160 अति संवेदनशील मतदान केंद्र चिह्नित किए; 2,01,116 कर्मी तैनात।

आंध्र प्रदेश में 5 नवंबर 2026 को मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (जेडपीटीसी) चुनावों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राज्यभर में मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई यह मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चलेगी, जिसमें 2.61 करोड़ पात्र मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकते हैं। राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) के अनुसार, सुबह से ही मतदाता 31,460 मतदान केंद्रों पर कतारों में नजर आए।

मुख्य चुनावी आँकड़े

यह मतदान 582 जेडपीटीसी और 7,767 एमपीटीसी सीटों के लिए हो रहा है। राज्य में कुल 663 जेडपीटीसी में से 659 के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, जबकि 9,858 एमपीटीसी में से 9,829 के लिए अधिसूचना निकाली गई थी।

77 जेडपीटीसी और 2,051 एमपीटीसी सीटों पर पहले ही निर्विरोध चुनाव हो चुका है। कुल मैदान में 21,012 उम्मीदवार हैं — 2,169 उम्मीदवार जेडपीटीसी और 18,843 उम्मीदवार एमपीटीसी सीटों के लिए चुनावी दंगल में हैं।

सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम

एसईसी ने मतदान संचालन के लिए 2,01,116 मतदान अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की है। 8,904 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और 7,160 केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 16,084 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, 6,000 केंद्रों पर वेबकास्टिंग और 6,507 केंद्रों पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।

पिछले नगरपालिका चुनावों में हुई हिंसा की घटनाओं को देखते हुए एसईसी ने विशेष सतर्कता बरती है। पलनाडु, अन्नमय्या, वाईएसआर कडपा और तिरुपति जिलों में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं।

बाढ़ के कारण कुछ मंडलों में मतदान स्थगित

भारी बारिश के मद्देनजर एसईसी ने एलुरु और पूर्वी गोदावरी जिलों के पाँच मंडलों में मतदान स्थगित कर दिया है। एक अन्य मंडल के दो मतदान केंद्रों पर भी मतदान रोका गया है। इन क्षेत्रों में मतदान शुक्रवार, 6 नवंबर को होगा।

गौरतलब है कि यह चुनाव मूल रूप से 4 नवंबर को निर्धारित था। परंतु सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के कारण शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक स्थगित करने के बाद एसईसी ने एमपीटीसी-जेडपीटीसी मतदान की तारीख पुनर्निर्धारित की।

राजनीतिक समीकरण और सत्तारूढ़ गठबंधन का आत्मविश्वास

सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) बहुमत सीटें जीतने को लेकर आश्वस्त है। यह ऐसे समय में आया है जब टीडीपी और उसके सहयोगी जन सेना तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 1 नवंबर को हुए नगरपालिका चुनावों में 100 में से 95 शहरी स्थानीय निकायों में जीत दर्ज कर पहले ही अपनी ताकत का प्रदर्शन कर दिया है।

आगे की प्रक्रिया

यदि कहीं पुनर्मतदान की जरूरत पड़ी तो वह 6 नवंबर को होगा। मतगणना 7 नवंबर को निर्धारित है। इस चुनाव के परिणाम राज्य की ग्रामीण और जिला स्तरीय स्वशासन संस्थाओं की दिशा तय करेंगे और सत्तारूढ़ गठबंधन की जमीनी पकड़ की एक बड़ी परीक्षा साबित होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी वह राजनीतिक संदेश है जो टीडीपी-नेतृत्व वाला एनडीए देना चाहता है — नगरपालिका स्तर पर 95% जीत के बाद ग्रामीण और जिला स्तर पर भी वर्चस्व स्थापित करना। यह ऐसे समय में हो रहा है जब विपक्षी वाईएसआरसीपी 2024 के विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद पुनर्गठन के दौर में है। पलनाडु और वाईएसआर कडपा जैसे संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त बल की तैनाती यह भी बताती है कि चुनावी हिंसा का खतरा अभी टला नहीं है — यह प्रशासनिक चुनौती के साथ-साथ लोकतांत्रिक साख का भी सवाल है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश में MPTC-ZPTC चुनाव क्या हैं?
MPTC यानी मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र और ZPTC यानी जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र — ये आंध्र प्रदेश की ग्रामीण स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के लिए होने वाले चुनाव हैं। 5 नवंबर 2026 को 582 जेडपीटीसी और 7,767 एमपीटीसी सीटों के लिए मतदान हो रहा है।
MPTC-ZPTC मतगणना कब होगी?
मतगणना 7 नवंबर 2026 को होगी। यदि कहीं पुनर्मतदान की जरूरत हुई तो वह 6 नवंबर को कराया जाएगा।
कुछ मंडलों में मतदान क्यों स्थगित किया गया?
भारी बारिश के कारण एलुरु और पूर्वी गोदावरी जिलों के पाँच मंडलों और एक अन्य मंडल के दो केंद्रों पर मतदान स्थगित कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में मतदान 6 नवंबर को होगा।
आंध्र प्रदेश MPTC-ZPTC चुनाव में कितने उम्मीदवार मैदान में हैं?
कुल 21,012 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं — 2,169 जेडपीटीसी और 18,843 एमपीटीसी सीटों के लिए। 77 जेडपीटीसी और 2,051 एमपीटीसी सीटों पर निर्विरोध चुनाव पहले ही हो चुका है।
टीडीपी नेतृत्व वाले एनडीए का इन चुनावों में क्या दांव है?
तेलुगु देशम पार्टी और उसके सहयोगी जन सेना तथा BJP 1 नवंबर के नगरपालिका चुनावों में 100 में से 95 सीटें जीत चुके हैं। अब MPTC-ZPTC स्तर पर भी बहुमत जीतकर सत्तारूढ़ गठबंधन राज्य में अपनी जमीनी पकड़ और मजबूत करना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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