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आंध्र प्रदेश नगर निगम चुनाव 2026: 22,806 नामांकन वैध, 28 अक्टूबर को मतदान

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आंध्र प्रदेश नगर निगम चुनाव 2026: 22,806 नामांकन वैध, 28 अक्टूबर को मतदान

सारांश

आंध्र प्रदेश में 28 अक्टूबर के नगर निगम चुनावों के लिए 22,806 नामांकन वैध — टीडीपी और वाईएसआरसीपी के बीच सीधा मुकाबला। यह चंद्रबाबू नायडू की सरकार की पहली शहरी कसौटी है, और जगन मोहन रेड्डी की पार्टी के लिए सत्ता से बेदखली के बाद वापसी का पहला बड़ा मौका।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश में 28 अक्टूबर 2026 को होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 22,806 नामांकन वैध घोषित किए गए।
जाँच के दौरान 1,531 नामांकन खारिज किए गए।
टीडीपी (महापौर पद: 46), जन सेना (8) और BJP (4) — एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार मैदान में।
वाईएसआरसीपी ने महापौर पदों के लिए सर्वाधिक 47 नामांकन दाखिल किए; कांग्रेस ने 35 उम्मीदवार उतारे।
13 नगर निगमों के महापौर पदों के लिए 286 नामांकन और 86 नगरपालिकाओं/नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों के लिए 927 नामांकन वैध।
93 निर्दलीय उम्मीदवार भी महापौर/अध्यक्ष पदों की दौड़ में शामिल।

आंध्र प्रदेश में 28 अक्टूबर 2026 को होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने 22,806 उम्मीदवारों के नामांकन वैध घोषित किए हैं। 20 अक्टूबर को हुई जाँच प्रक्रिया के दौरान 1,531 नामांकन खारिज कर दिए गए, जिससे अब मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों की तस्वीर स्पष्ट हो गई है।

नामांकन का पूरा विवरण

ये नामांकन नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के महापौर/अध्यक्ष पदों एवं वार्ड सदस्यों के लिए दाखिल किए गए हैं। महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए कुल 1,213 नामांकन वैध पाए गए। इनमें 13 नगर निगमों के महापौर पदों के लिए 286 नामांकन शामिल हैं।

86 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों के लिए एसईसी को 1,027 नामांकन प्राप्त हुए, जिनमें से 100 अस्वीकृत होने के बाद 927 नामांकन वैध माने गए। 93 निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन भी वैध घोषित किए गए हैं।

दलवार नामांकन की स्थिति

सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। नगर निगम महापौर पदों के लिए टीडीपी के 46 नामांकन वैध पाए गए, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जन सेना ने 8 उम्मीदवार उतारे हैं और सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 4 नामांकन दाखिल किए हैं।

विपक्ष की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने महापौर पदों के लिए 47 नामांकन दाखिल किए हैं — जो किसी एकल दल का सर्वाधिक है। जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने 35 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।

वार्ड सदस्यों के लिए नामांकन

नगर निगमों के 922 वार्ड सदस्यों के लिए एसईसी को 8,217 नामांकन प्राप्त हुए, जिनमें से 7,610 वैध पाए गए। टीडीपी के 2,752, जन सेना के 972 और BJP के 332 नामांकन वैध हैं। वाईएसआरसीपी के 2,129 और कांग्रेस के 194 नामांकन वैध घोषित किए गए।

नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के 2,988 वार्ड सदस्यों के लिए कुल 15,196 नामांकन वैध पाए गए। टीडीपी के 6,032, जन सेना के 1,290 और BJP के 508 नामांकन स्वीकृत हैं। वाईएसआरसीपी के 5,497 और कांग्रेस के 191 नामांकन भी वैध माने गए।

चुनाव का महत्व

यह चुनाव आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के लिए पहला बड़ा शहरी स्थानीय निकाय चुनाव परीक्षण है। गौरतलब है कि वाईएसआरसीपी — जो पिछले विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर हो गई थी — अब शहरी क्षेत्रों में अपना जनाधार मापने का प्रयास कर रही है। नामांकन आँकड़ों के अनुसार, इस बार प्रत्येक सीट पर औसतन चार से अधिक उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा में हैं, जो कड़े मुकाबले का संकेत देते हैं।

नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद उम्मीदवारों की अंतिम संख्या स्पष्ट होगी। 28 अक्टूबर को मतदान के साथ, राज्य की शहरी स्थानीय सरकार का भविष्य तय होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद का पहला बड़ा जनादेश परीक्षण है। वाईएसआरसीपी का महापौर पदों पर सर्वाधिक नामांकन देना दर्शाता है कि जगन मोहन रेड्डी की पार्टी शहरी मतदाताओं में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है। दूसरी तरफ, एनडीए गठबंधन के लिए यह सत्ता में आने के बाद पहली वास्तविक जन-परीक्षा है — और इसके परिणाम अगले विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश नगर निगम चुनाव 2026 कब होंगे?
आंध्र प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 28 अक्टूबर 2026 को होंगे। इनमें नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के महापौर/अध्यक्ष पदों तथा वार्ड सदस्यों के लिए मतदान होगा।
22,806 वैध नामांकनों में से कितने नामांकन खारिज हुए?
राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) की 20 अक्टूबर को हुई जाँच में 1,531 नामांकन खारिज किए गए। कुल प्राप्त नामांकनों में से वैध घोषित संख्या 22,806 है।
किस पार्टी ने सबसे अधिक नामांकन दाखिल किए हैं?
नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के वार्ड सदस्यों के लिए टीडीपी के 6,032 नामांकन वैध पाए गए, जो किसी एकल दल की सर्वाधिक संख्या है। महापौर पदों पर वाईएसआरसीपी ने 47 — सर्वाधिक — नामांकन दाखिल किए हैं।
क्या इस चुनाव में कांग्रेस भी मैदान में है?
हाँ, वाईएस शर्मिला के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने महापौर पदों के लिए 35 उम्मीदवार उतारे हैं। नगर निगम वार्ड सदस्यों के लिए कांग्रेस के 194 और नगर पालिकाओं/नगर पंचायतों के वार्ड सदस्यों के लिए 191 नामांकन वैध पाए गए हैं।
एनडीए गठबंधन के लिए यह चुनाव क्यों महत्वपूर्ण है?
यह चंद्रबाबू नायडू की एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद पहला बड़ा शहरी स्थानीय निकाय चुनाव है। इसके नतीजे राज्य की शहरी जनता में सत्तारूढ़ गठबंधन की लोकप्रियता का स्पष्ट संकेत देंगे और भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में सहायक होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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