1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आंध्र प्रदेश के 92 शहरी निकायों में मतदान शुरू, 99.35 लाख मतदाता करेंगे 10,262 उम्मीदवारों का फैसला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आंध्र प्रदेश के 92 शहरी निकायों में मतदान शुरू, 99.35 लाख मतदाता करेंगे 10,262 उम्मीदवारों का फैसला

सारांश

आंध्र प्रदेश में 92 शहरी स्थानीय निकायों के लिए 1 नवंबर को मतदान शुरू हुआ। 99.35 लाख मतदाता, 10,262 उम्मीदवार और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद हो रहा यह चुनाव एनडीए और वाईएसआरसीपी के बीच राज्य की शहरी राजनीति की असली परीक्षा है।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश में 1 नवंबर 2026 को 92 शहरी स्थानीय निकायों में मतदान शुरू; शाम 5 बजे तक चलेगा।
कुल 99.35 लाख मतदाता और 10,262 उम्मीदवार ; 11,378 मतदान केंद्र स्थापित।
17 नगर पालिकाओं में चेयरपर्सन और 8 निकायों में सभी पद निर्विरोध — सभी एनडीए के पक्ष में।
सत्ताधारी एनडीए (TDP, JSP, BJP) का मुकाबला विपक्षी वाईएसआरसीपी से; 2024 की जीत दोहराने की कोशिश।
चुनाव 28 अक्टूबर से स्थगित था — सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर हिंसा की घटनाओं के बाद।
मतगणना 3 नवंबर 2026 को होगी।

आंध्र प्रदेश में 1 नवंबर 2026 को 92 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के चुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, 13 नगर निगमों और 87 नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में से 79 निकायों के 11,378 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे मतदान आरंभ हुआ और शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। कुल 99.35 लाख पंजीकृत मतदाता मेयर, चेयरपर्सन और वार्ड-स्तरीय पदों के लिए मैदान में उतरे 10,262 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

मुख्य घटनाक्रम

13 नगर निगमों में मेयर पद के लिए 153 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि 70 नगर पालिकाओं में चेयरपर्सन पद के लिए 367 उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा में हैं। कुल 922 कॉर्पोरेटर वार्डों में से 804 में मतदान हो रहा है, क्योंकि शेष 118 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के 2,382 वार्डों के लिए 6,669 उम्मीदवार मैदान में हैं।

17 नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में चेयरपर्सन के पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। इनके अलावा अल्लागड्डा, डचेपल्ली, दर्सी, गुराजाला, कमलापुरम, पिडुगुराल्ला, प्रोद्दतूर और रायचोटी — इन आठ नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में चेयरपर्सन और वार्ड सदस्य दोनों पदों पर सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए हैं।

सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था

स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने 84,815 पीठासीन अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को तैनात किया है। 3,720 माइक्रो ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 1,835 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है और पूरे क्षेत्र में 12,666 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

राजनीतिक मुकाबला और गठबंधन की रणनीति

इन चुनावों में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) — जिसमें तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जन सेना पार्टी (JSP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) शामिल हैं — तथा विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के बीच है। एनडीए ने पिछले ढाई वर्षों में लागू विकास और कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने का जनादेश माँगा है, वहीं वाईएसआरसीपी ने गठबंधन की विफलताओं को मुद्दा बनाया है।

गठबंधन के सीट-बंटवारे के तहत, ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम का मेयर पद TDP को और विजयवाड़ा नगर निगम का मेयर पद जन सेना पार्टी को आवंटित किया गया है। गौरतलब है कि एनडीए 2024 के आम चुनावों में अपने प्रदर्शन को इन निकाय चुनावों में दोहराने की कोशिश में है, जबकि वाईएसआरसीपी विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद शहरी मतदाताओं में पकड़ वापस पाने की कोशिश कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप और चुनाव की पृष्ठभूमि

यह चुनाव मूल रूप से 28 अक्टूबर को होना निर्धारित था, लेकिन हिंसा की घटनाओं के कारण कई उम्मीदवार समय पर नामांकन दाखिल नहीं कर सके। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में स्थानीय शासन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तनाव चरम पर है।

आगे क्या होगा

मतदान की समाप्ति के बाद 3 नवंबर 2026 को मतगणना होगी और परिणाम घोषित किए जाएँगे। ये परिणाम न केवल राज्य की शहरी राजनीति की दिशा तय करेंगे, बल्कि एनडीए और वाईएसआरसीपी दोनों के लिए भविष्य की रणनीति का एक महत्वपूर्ण संकेत भी साबित होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इशारा करता है कि प्री-पोल हिंसा और नामांकन में बाधा की समस्या आंध्र प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गंभीर चुनौती बन चुकी है। आठ निकायों में एनडीए का निर्विरोध जीतना — जहाँ वार्ड सदस्य तक बिना मुकाबले चुने गए — यह सवाल उठाता है कि क्या विपक्ष को उचित प्रतिस्पर्धा का अवसर मिला। 3 नवंबर का परिणाम बताएगा कि राज्य का शहरी मतदाता सत्ता परिवर्तन के बाद भी एनडीए के साथ खड़ा है या नहीं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश शहरी निकाय चुनाव 2026 में कितने निकाय और मतदाता शामिल हैं?
1 नवंबर 2026 को 92 शहरी स्थानीय निकायों में मतदान हो रहा है, जिसमें 13 नगर निगम और 87 नगर पालिकाएँ व नगर पंचायतें शामिल हैं। कुल 99.35 लाख पंजीकृत मतदाता 10,262 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
आंध्र प्रदेश नगर निकाय चुनाव के नतीजे कब आएँगे?
मतगणना 3 नवंबर 2026 को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित होने की संभावना है। मतदान 1 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चला।
इन चुनावों में मुख्य राजनीतिक मुकाबला किनके बीच है?
मुख्य मुकाबला सत्ताधारी एनडीए गठबंधन — जिसमें तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जन सेना पार्टी (JSP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) शामिल हैं — तथा विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के बीच है। एनडीए 2024 आम चुनावों की जीत दोहराने की कोशिश में है, जबकि YSRCP विधानसभा हार के बाद वापसी का प्रयास कर रही है।
ये चुनाव 28 अक्टूबर से क्यों टाले गए थे?
हिंसा की घटनाओं के कारण कई उम्मीदवार समय पर नामांकन दाखिल नहीं कर सके, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 28 अक्टूबर को निर्धारित मतदान स्थगित कर दिया गया और इसे 1 नवंबर को कराया गया।
कितने निकायों में चुनाव निर्विरोध हो गए?
17 नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में चेयरपर्सन पद पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। इनके अलावा अल्लागड्डा, डचेपल्ली, दर्सी, गुराजाला, कमलापुरम, पिडुगुराल्ला, प्रोद्दतूर और रायचोटी — इन आठ निकायों में चेयरपर्सन और वार्ड सदस्य दोनों पद एनडीए के उम्मीदवारों को निर्विरोध मिले।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 8 महीने पहले