5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गोवा में चौथा खनन मंत्रियों का सम्मेलन शुरू, 5-6 नवंबर को केंद्र-राज्य मंथन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गोवा में चौथा खनन मंत्रियों का सम्मेलन शुरू, 5-6 नवंबर को केंद्र-राज्य मंथन

सारांश

खान मंत्रालय का चौथा राष्ट्रीय खनन मंत्रियों का सम्मेलन 5-6 नवंबर को गोवा में शुरू हुआ। देशभर के खनन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी दो दिन तक खनन क्षेत्र की प्रगति, चुनौतियों और बेहतर नीतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।

मुख्य बातें

खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 5-6 नवंबर 2026 को पणजी, गोवा में चौथे राष्ट्रीय खनन मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन।
विभिन्न राज्यों के खनन मंत्री और केंद्र-राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी खनन क्षेत्र के नीतिगत सुधारों पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन में राज्यों को अपनी सफल पहलों और बेहतरीन कार्यप्रणालियाँ साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
तीसरा सम्मेलन 20-21 जनवरी 2025 को कोणार्क, ओडिशा में हुआ था; पहला सम्मेलन सितंबर 2022 में हैदराबाद में आयोजित हुआ था।
खनन क्षेत्र उद्योगों को कच्चा माल, रोज़गार और राज्यों को राजस्व प्रदान करता है — विकसित भारत के लक्ष्य में इसका योगदान केंद्रीय है।

खान मंत्रालय, भारत सरकार की पहल पर 5 नवंबर 2026 को पणजी, गोवा में चौथे राष्ट्रीय खनन मंत्रियों के सम्मेलन का आगाज़ हुआ। दो दिवसीय यह आयोजन 6 नवंबर तक चलेगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के खनन मंत्री तथा केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर जुटे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य देश के खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधारों, चुनौतियों और अवसरों पर सामूहिक विचार-विमर्श करना है।

सम्मेलन का उद्देश्य और एजेंडा

दो दिनों के इस मंथन में खनन क्षेत्र की मौजूदा प्रगति, उभरते अवसरों और परिचालन संबंधी बाधाओं पर विस्तृत चर्चा होगी। राज्यों को अपनी सफल पहलों और बेहतरीन कार्यप्रणालियों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि एक राज्य का अनुभव दूसरे के लिए नीति-निर्माण में सहायक बन सके।

यह सम्मेलन केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करने का एक नियमित माध्यम बन चुका है। गौरतलब है कि खान मंत्रालय इसे नीतिगत सुधारों की समीक्षा और क्षेत्रीय कामकाज की चुनौतियों के समाधान के लिए एक अनिवार्य मंच मानता है।

खनन क्षेत्र का राष्ट्रीय महत्व

भारत की अर्थव्यवस्था में खनन क्षेत्र की भूमिका बहुआयामी है — यह उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराता है, बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजित करता है और राज्यों के राजस्व में उल्लेखनीय योगदान देता है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में इस क्षेत्र का सुव्यवस्थित और टिकाऊ विकास अनिवार्य माना जाता है। ऐसे में केंद्र-राज्य तालमेल को इस सम्मेलन की सबसे बड़ी ताकत बताया जा रहा है।

सम्मेलनों की श्रृंखला: पिछले आयोजनों पर एक नज़र

पहला राष्ट्रीय खनन मंत्रियों का सम्मेलन 9 सितंबर 2022 को हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित हुआ था। इसके बाद तीसरा सम्मेलन 20-21 जनवरी 2025 को कोणार्क, ओडिशा के इको रिट्रीट में संपन्न हुआ था। गोवा में हो रहा चौथा सम्मेलन इसी निरंतर संवाद की अगली कड़ी है, जो देशभर के खनन नेताओं को एकजुट करती है।

आगे क्या उम्मीद है

दो दिनों के विचार-मंथन से खनन क्षेत्र के विकास, सुधार और अंतर-राज्यीय सहयोग पर नए सुझाव सामने आने की उम्मीद है। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से यह आयोजन नीति-निर्माण के लिए एक साझा रोडमैप तैयार करने में सहायक होगा। सम्मेलन के निष्कर्ष भविष्य के नीतिगत सुधारों की दिशा तय कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पिछले तीन आयोजनों की सिफारिशें ज़मीन पर कितनी उतरीं। खनन क्षेत्र में अवैध खनन, पर्यावरणीय मंजूरियों में देरी और राजस्व वितरण की असमानता जैसी समस्याएँ सम्मेलन-दर-सम्मेलन चर्चा में आती हैं, पर ठोस बदलाव की रफ्तार सुस्त रही है। विकसित भारत के लक्ष्य के साथ खनन क्षेत्र को जोड़ना तब तक अधूरा रहेगा, जब तक इन बैठकों के निष्कर्षों के क्रियान्वयन की जवाबदेही तय नहीं होती।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौथा राष्ट्रीय खनन मंत्रियों का सम्मेलन कहाँ और कब हो रहा है?
चौथा राष्ट्रीय खनन मंत्रियों का सम्मेलन 5-6 नवंबर 2026 को पणजी, गोवा में आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया है।
इस सम्मेलन में कौन-कौन भाग ले रहे हैं?
सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के खनन मंत्री और केंद्र तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। यह मंच केंद्र और राज्यों के नीति-निर्माताओं को एक साथ लाता है।
इस सम्मेलन का उद्देश्य क्या है?
सम्मेलन का उद्देश्य खनन क्षेत्र की प्रगति, चुनौतियों और नीतिगत सुधारों पर विचार-विमर्श करना है। राज्यों को अपनी सफल पहलों और बेहतरीन कार्यप्रणालियाँ साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।
पहले खनन मंत्रियों के सम्मेलन कहाँ-कहाँ आयोजित हुए हैं?
पहला सम्मेलन सितंबर 2022 में हैदराबाद, तेलंगाना में हुआ था। तीसरा सम्मेलन 20-21 जनवरी 2025 को कोणार्क, ओडिशा के इको रिट्रीट में आयोजित किया गया था।
खनन क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
खनन क्षेत्र उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराता है, बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजित करता है और राज्यों को राजस्व प्रदान करता है। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में इस क्षेत्र का सुव्यवस्थित विकास अनिवार्य माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले