ईडी का कर्नाटक मंत्री सतीश जारकीहोली के 15 ठिकानों पर छापा, ₹178 करोड़ आबकारी घोटाले की जांच
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार, 9 सितंबर की सुबह कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कर्नाटक के आबकारी विभाग में कथित अनियमितताओं से जुड़े ₹178 करोड़ के घोटाले की जांच के तहत की गई है। बेंगलुरु, बेलगावी और गोवा में एक साथ चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन ने कर्नाटक की सत्तारूढ़ सरकार के लिए नई राजनीतिक मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, 25 से अधिक ईडी अधिकारियों की टीम लगभग 18 वाहनों में बुधवार सुबह 7 बजे पहुँची और तलाशी शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी तैनात रहे।
छापेमारी में बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी स्थित मंत्री के निजी आवास, बेलगावी स्थित उनके घर और बेंगलुरु में सरकार द्वारा आवंटित सरकारी आवास शामिल रहे। इसके अलावा, जारकीहोली से जुड़े एक फ्लैट और उनकी बेटी एवं सांसद प्रियंका जारकीहोली से जुड़ी संपत्तियों पर भी तलाशी ली गई।
मंजूनाथ कनेक्शन और जांच की पृष्ठभूमि
कथित तौर पर यह छापेमारी आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वाई. मंजूनाथ से जुड़े मामले में है, जो बेलगावी जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त हैं और मंत्री जारकीहोली के साले बताए जाते हैं। बेंगलुरु, बेलगावी और गोवा में मंजूनाथ की संपत्तियों पर भी एक साथ तलाशी ली गई।
गौरतलब है कि ईडी ने इससे पहले 24 जून को भी मंजूनाथ के घर और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस तलाशी में एजेंसी को मंजूनाथ के दफ्तर से एक डायरी मिली थी, जिससे कई अहम सुराग मिले बताए जाते हैं। जांच में कथित हवाला लेनदेन और संभावित विदेशी लिंक की भी पड़ताल की जा रही है।
मंजूनाथ इससे पहले कर्नाटक उच्च न्यायालय में जांच पर रोक लगाने की माँग कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान ईडी अधिकारी पूछताछ के लिए जारकीहोली के बेंगलुरु आवास के केयरटेकर को भी अपने साथ ले गए।
राजनीतिक संदर्भ
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार अपने 100 दिन पूरे होने का जश्न मना रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कांग्रेस सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस पहले से तेज़ है।
सतीश जारकीहोली कर्नाटक कांग्रेस के प्रभावशाली नेता हैं और वाल्मीकि समुदाय में उनका मज़बूत जनाधार है। इस छापेमारी से राज्य सरकार पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
आम जनता पर असर और आगे की कार्रवाई
ताज़ा छापेमारी बेंगलुरु और गोवा के ईडी दफ्तरों की संयुक्त टीमों ने की। बुधवार सुबह तक तलाशी अभियान जारी था और एजेंसी की ओर से आगे की जानकारी का इंतज़ार है। एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, जांच में जो दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, उनकी पड़ताल की जा रही है।
आने वाले दिनों में ईडी की ओर से मंत्री जारकीहोली या अन्य संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है।