16 सितंबर 2026
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प्राइवेट स्कूल रिश्वत कांड: पूर्व शिक्षा मंत्री अनबिल महेश के तिरुचिरापल्ली और चेन्नई ठिकानों पर CCB का छापा

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प्राइवेट स्कूल रिश्वत कांड: पूर्व शिक्षा मंत्री अनबिल महेश के तिरुचिरापल्ली और चेन्नई ठिकानों पर CCB का छापा

सारांश

तमिलनाडु के प्राइवेट स्कूल रिश्वत कांड में CCB की जाँच का दायरा बढ़ा — पूर्व शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी के तिरुचिरापल्ली और चेन्नई ठिकानों पर एक साथ छापा। DMK पदाधिकारी पीडी अराकुमार की ₹100 करोड़ से अधिक की कथित वसूली के बाद अब पूर्व मंत्री के कनेक्शन की जाँच।

मुख्य बातें

CCB ने 16 सितंबर 2026 को पूर्व शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी के तिरुचिरापल्ली स्थित आवास और चेन्नई के ग्रीनवेज रोड अपार्टमेंट पर छापा मारा।
छापेमारी प्राइवेट स्कूलों को सरकारी मान्यता दिलाने के नाम पर ₹100 करोड़ से अधिक की कथित रिश्वत वसूली मामले से जुड़ी है।
इस मामले में DMK पदाधिकारी और तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के संस्थापक-अध्यक्ष पीडी अराकुमार पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में हैं।
पोय्यामोझी 2026 के विधानसभा चुनाव में तिरुवेरुम्बूर सीट हार चुके हैं; पिछली DMK सरकार में वे स्कूल शिक्षा मंत्री थे।
किसी अदालत ने अभी तक पूर्व मंत्री द्वारा गलत काम की पुष्टि नहीं की है; जाँच जारी है।

चेन्नई की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने 16 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी से जुड़ी दो संपत्तियों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई प्राइवेट स्कूलों को सरकारी मान्यता और वैधानिक अनुमतियाँ दिलाने के नाम पर ₹100 करोड़ से अधिक की कथित रिश्वत वसूली से जुड़े व्यापक मामले का हिस्सा बताई जा रही है।

छापेमारी का विवरण

CCB की टीमों ने तिरुचिरापल्ली में पोय्यामोझी के आवास और चेन्नई के ग्रीनवेज रोड स्थित एक अपार्टमेंट पर एक साथ तलाशी शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, दोनों स्थानों से दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ज़ब्त किए जाने की संभावना है, हालाँकि बरामदगी का विस्तृत विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। यह तलाशी किस विशेष साक्ष्य के आधार पर की गई, यह भी अधिकारियों ने स्पष्ट नहीं किया है।

मामले की पृष्ठभूमि

इस जाँच की शुरुआत तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के संस्थापक-अध्यक्ष और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पदाधिकारी पीडी अराकुमार की गिरफ्तारी से हुई थी। CCB का आरोप है कि अराकुमार ने प्राइवेट स्कूल संचालकों से यह दावा करते हुए ₹100 करोड़ से अधिक की वसूली की कि वह सरकारी विभागों के ज़रिए उनकी संस्थाओं के लिए आधिकारिक मान्यता और अनिवार्य कानूनी अनुमतियाँ दिलवा सकते हैं। गिरफ्तारी के बाद अराकुमार को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

जाँचकर्ता तब से इस कथित नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संचार रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज़ों की छानबीन कर रहे हैं। पूर्व मंत्री पोय्यामोझी के ठिकानों पर छापेमारी को इसी नेटवर्क की पूरी परत उघाड़ने और यह पता लगाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है कि क्या इसमें सरकारी अधिकारी या अन्य बिचौलिए भी शामिल थे।

पूर्व मंत्री की राजनीतिक पृष्ठभूमि

पोय्यामोझी DMK के एक वरिष्ठ नेता रहे हैं। वे तिरुवेरुम्बूर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने गए थे और पिछली DMK सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री के पद पर रहे। हालाँकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में वे अपनी सीट नहीं बचा सके। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब तमिलनाडु में राजनीतिक बदलाव के बाद पिछले प्रशासन से जुड़े कई मामले सतह पर आ रहे हैं।

जाँच की मौजूदा स्थिति

अधिकारियों ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस मामले में पोय्यामोझी की आधिकारिक स्थिति क्या है — न संदिग्ध, न गवाह। यह भी नहीं बताया गया है कि तलाशी के दौरान उनसे पूछताछ हुई या नहीं। किसी अदालत ने अभी तक पूर्व मंत्री की ओर से किसी गलत काम की पुष्टि नहीं की है और आरोपों की जाँच जारी है।

CCB के तलाशी अभियान के पूरा होने और दोनों स्थानों से बरामद सामग्री की जाँच के बाद इस मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है। यह प्रकरण तमिलनाडु में शिक्षा क्षेत्र की मान्यता प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करता है, जिस पर आगे की जाँच का दारोमदार CCB के निष्कर्षों पर निर्भर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों को भी जन्म दे सकती है। असली परीक्षा यह है कि क्या CCB अराकुमार और किसी वरिष्ठ पदाधिकारी के बीच वित्तीय कड़ी साबित कर पाती है — अन्यथा यह कार्रवाई महज दबाव की राजनीति बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्व मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी के ठिकानों पर CCB का छापा क्यों पड़ा?
CCB यह जाँच कर रही है कि क्या पोय्यामोझी के मंत्री रहते प्राइवेट स्कूलों को सरकारी मान्यता दिलाने के बदले रिश्वत वसूलने के नेटवर्क में उनकी या उनसे जुड़े लोगों की भूमिका थी। यह कार्रवाई DMK पदाधिकारी पीडी अराकुमार की गिरफ्तारी के बाद जाँच का दायरा बढ़ाने के तहत की गई है।
तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल रिश्वत कांड क्या है?
यह मामला प्राइवेट स्कूल संचालकों से सरकारी मान्यता और अनिवार्य कानूनी अनुमतियाँ दिलाने का वादा करके कथित तौर पर ₹100 करोड़ से अधिक की वसूली से जुड़ा है। CCB के अनुसार, DMK पदाधिकारी पीडी अराकुमार इस कथित नेटवर्क के केंद्र में थे।
पीडी अराकुमार कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
पीडी अराकुमार तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के संस्थापक-अध्यक्ष और DMK पदाधिकारी हैं। CCB का आरोप है कि उन्होंने स्कूल संचालकों से सरकारी मान्यता दिलाने का वादा करके ₹100 करोड़ से अधिक वसूले; गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
क्या अनबिल महेश पोय्यामोझी को गिरफ्तार किया गया है?
अभी तक उनकी गिरफ्तारी की कोई जानकारी नहीं है। CCB ने केवल उनकी संपत्तियों पर तलाशी ली है और अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मामले में उनकी आधिकारिक स्थिति क्या है। किसी अदालत ने भी अभी तक उनके खिलाफ किसी गलत काम की पुष्टि नहीं की है।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
CCB के तलाशी अभियान के पूरा होने और बरामद दस्तावेज़ों व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जाँच के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। जाँचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या कोई सरकारी अधिकारी या बिचौलिया इस कथित नेटवर्क से जुड़ा था।
राष्ट्र प्रेस
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