CM विजय पर अपमानजनक टिप्पणी: DMK के ए. राजा और विधायक सेकरबाबू पर FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई में पुलिस ने 15 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और एक मंत्री के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियाँ करने के आरोप में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के उप महासचिव एवं सांसद ए. राजा तथा DMK विधायक सेकरबाबू सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकियाँ दर्ज की हैं। यह कार्रवाई 12 सितंबर 2026 को पूरे तमिलनाडु में हुए DMK के विरोध प्रदर्शन के बाद दायर की गई शिकायतों पर आधारित है।
मुख्य घटनाक्रम
12 सितंबर को DMK ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री विजय पर विधानसभा में DMK नेताओं के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। चेन्नई में यह विरोध प्रदर्शन जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने विधायक सेकरबाबू के नेतृत्व में आयोजित किया गया। आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री विजय और एक मंत्री के खिलाफ अपमानजनक बातें कही गईं।
उसी दिन, चेन्नई के सैदापेट में एक अन्य DMK कार्यक्रम में सांसद ए. राजा ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और मंत्री निर्मल कुमार की कड़ी आलोचना की।
FIR का आधार और धाराएँ
तमिलगा वेट्री कझगम की सदस्य जगथीश्वरी ने नॉर्थ बीच पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और विधायक सेकरबाबू के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने सेकरबाबू के खिलाफ 6 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है — जिनमें अश्लील भाषा का उपयोग, सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश, धर्म, जाति या भाषा के आधार पर दो समूहों के बीच हिंसा भड़काने और हिंसा को उकसाने के आरोप शामिल हैं।
वहीं, कार्थी नामक एक वकील ने सैदापेट पुलिस स्टेशन में ए. राजा के खिलाफ शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजा ने मंत्री निर्मल कुमार की माँ का सार्वजनिक रूप से अपमान करने वाली भाषा का इस्तेमाल किया। इस शिकायत पर सैदापेट पुलिस ने ए. राजा के खिलाफ 7 धाराओं में मामला दर्ज किया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) और विपक्षी DMK के बीच सियासी तनाव चरम पर है। मुख्यमंत्री विजय की पार्टी TVK सरकार में है, जबकि DMK विपक्ष की भूमिका में है। विधानसभा में हुई कथित टिप्पणियों को लेकर दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
यह ऐसी पहली घटना नहीं है — तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वाक्-संघर्ष पहले भी कानूनी कार्रवाई तक पहुँचे हैं। हालाँकि, इस बार एक राष्ट्रीय स्तर के सांसद और एक विधायक दोनों पर एक साथ FIR दर्ज होना इसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जाँच जारी है। ए. राजा और सेकरबाबू की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह विवाद आने वाले दिनों में तमिलनाडु विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह गर्माने की संभावना है।