मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु राजस्व मंत्री केए सेंगोत्तैयान की जीत के खिलाफ चुनाव याचिका खारिज की
सारांश
मुख्य बातें
मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के राजस्व मंत्री केए सेंगोत्तैयान की गोबिचेट्टीपलयम विधानसभा सीट से चुनावी जीत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति जीके इलन्थिरैयन ने यह आदेश पारित करते हुए पराजित अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) उम्मीदवार प्रभु की चुनाव याचिका को प्रारंभिक चरण में ही समाप्त कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
सेंगोत्तैयान ने गोबिचेट्टीपलयम से तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और विजयी हुए। TVK सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्हें राज्य का राजस्व मंत्री नियुक्त किया गया। चुनाव परिणाम से असंतुष्ट AIADMK उम्मीदवार प्रभु ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर जीत को विधिक चुनौती दी।
याचिका में उठाए गए आरोप
प्रभु ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि सेंगोत्तैयान के नामांकन पत्रों को जिस नोटरी अधिवक्ता ने प्रमाणित किया, उनका लाइसेंस दस्तावेज जमा करने की तिथि से पहले ही समाप्त हो चुका था। प्रभु ने तर्क दिया कि रिटर्निंग अधिकारी को ऐसे नोटरी द्वारा प्रमाणित नामांकन पत्र कथित तौर पर स्वीकार नहीं करने चाहिए थे, जिनकी प्राधिकरण शक्ति वैध नहीं रही थी। उनके अनुसार, इस प्रक्रियागत त्रुटि ने सेंगोत्तैयान की उम्मीदवारी और उनके चुनाव की वैधता पर सीधा असर डाला।
मंत्री पक्ष की दलीलें
सेंगोत्तैयान ने पूर्ण सुनवाई से पहले ही मामले को खारिज करने की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया। उनके वकील ने अदालत में तर्क रखा कि पराजित उम्मीदवार द्वारा उठाए गए आधार चुनाव याचिका को टिकाए रखने के लिए कानूनी दृष्टि से अपर्याप्त हैं। मंत्री पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि नोटरी अधिवक्ता के लाइसेंस से संबंधित आरोप अपने आप में नामांकन या चुनाव को अमान्य करने का वैध आधार नहीं बनता।
न्यायालय का फैसला और उसका असर
न्यायमूर्ति जीके इलन्थिरैयन ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद सेंगोत्तैयान का आवेदन स्वीकार कर लिया और प्रभु की चुनाव याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि प्रभु के वकील ने याचिका को जारी रखने की वकालत करते हुए कहा था कि नामांकन पत्रों के सत्यापन से जुड़े मुद्दे पर न्यायिक जाँच ज़रूरी है, किंतु अदालत ने इस तर्क को अस्वीकार कर दिया।
आगे क्या
इस फैसले के साथ गोबिचेट्टीपलयम विधानसभा सीट से केए सेंगोत्तैयान की जीत को चुनौती देने वाली कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई है। वे अब बिना किसी कानूनी बाधा के तमिलनाडु विधानसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व और राज्य मंत्रिमंडल में अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। यह निर्णय TVK सरकार के लिए भी राजनीतिक स्थिरता की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।