25 अगस्त 2026
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मद्रास हाईकोर्ट का CM विजय और मंत्री आधव अर्जुन को अल्टीमेटम: 27 अगस्त तक अर्जी दाखिल करें, वरना ₹50,000 जुर्माना

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मद्रास हाईकोर्ट का CM विजय और मंत्री आधव अर्जुन को अल्टीमेटम: 27 अगस्त तक अर्जी दाखिल करें, वरना ₹50,000 जुर्माना

सारांश

मद्रास हाईकोर्ट ने CM सी. जोसेफ विजय और मंत्री आधव अर्जुन को 27 अगस्त तक चुनावी याचिकाएँ खारिज कराने की अर्जी दाखिल करने का अल्टीमेटम दिया — अनुपालन न होने पर ₹50,000 जुर्माना। दोनों की अतिरिक्त समय की माँग अदालत ने ठुकरा दी।

मुख्य बातें

मद्रास हाईकोर्ट ने CM सी.
जोसेफ विजय और मंत्री आधव अर्जुन को 27 अगस्त तक चुनावी याचिकाएँ खारिज कराने की अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया।
समय सीमा चूकने पर प्रत्येक नेता पर ₹50,000 जुर्माने की चेतावनी।
लक्ष्मीनारायणन ने दोनों पक्षों की दो सप्ताह के अतिरिक्त समय की माँग अस्वीकार की।
DMK उम्मीदवार आरडी सेकर ने पेरंबूर और इनिगो इरुदयाराज ने तिरुचिरापल्ली ईस्ट से चुनाव जीत को चुनौती दी है।
अदालत ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86 के तहत चुनावी याचिकाओं को छह महीने में निपटाने की आवश्यकता पर बल दिया।

मद्रास हाईकोर्ट ने 25 अगस्त 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और राज्य मंत्री आधव अर्जुन को कड़ी चेतावनी जारी की — दोनों नेताओं को 27 अगस्त तक अपने-अपने खिलाफ दायर चुनावी याचिकाओं को खारिज कराने की अर्जी दाखिल करनी होगी, अन्यथा प्रत्येक पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। यह निर्देश न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन की एकल पीठ ने पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी चुनाव याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के उम्मीदवार आरडी सेकर ने मतदाताओं दिनेश और लक्ष्मी नरसिम्हन के साथ मिलकर पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र से मुख्यमंत्री विजय की चुनावी जीत को अलग-अलग याचिकाओं के ज़रिए चुनौती दी है। इसी प्रकार, DMK उम्मीदवार इनिगो इरुदयाराज ने तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से मंत्री आधव अर्जुन की जीत को अदालत में चुनौती दी है।

अदालत में क्या हुआ

सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री विजय के वकील ने खारिज करने की अर्जी दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय माँगा। न्यायमूर्ति लक्ष्मीनारायणन ने यह माँग अस्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि पिछली सुनवाई में ही यह आदेश दिया जा चुका था कि आगे कोई समय नहीं दिया जाएगा। आधव अर्जुन के वकील ने भी अतिरिक्त समय की अपील की, जिसे अदालत ने समान रूप से नकार दिया।

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का हवाला

न्यायमूर्ति लक्ष्मीनारायणन ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86 का उल्लेख करते हुए चुनावी विवादों के त्वरित निपटारे पर बल दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी याचिकाओं पर जहाँ तक संभव हो लगातार सुनवाई होनी चाहिए और इन्हें हाईकोर्ट के समक्ष पेश होने की तारीख से छह महीने के भीतर निपटाया जाना चाहिए। यह टिप्पणी इस बात की ओर संकेत करती है कि अदालत चुनावी मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

अंतिम आदेश और जुर्माने की चेतावनी

अदालत ने दोनों नेताओं को 27 अगस्त तक अपनी-अपनी खारिज करने की अर्जियाँ दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अर्जियाँ दाखिल नहीं की गईं, तो प्रत्येक पक्ष पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें स्वयं मुख्यमंत्री की विधायी वैधता दाँव पर है।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें 27 अगस्त पर टिकी हैं, जब दोनों नेताओं को अर्जियाँ दाखिल करनी हैं। यदि अर्जियाँ समय पर दाखिल होती हैं, तो अदालत उन पर सुनवाई के बाद तय करेगी कि मूल चुनावी याचिकाएँ आगे चलेंगी या नहीं। यह प्रक्रिया तमिलनाडु के सत्तारूढ़ दल की राजनीतिक स्थिरता पर असर डाल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो अदालत द्वारा बार-बार समय देने से इनकार करना न्यायिक स्वायत्तता का स्पष्ट संदेश है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86 का हवाला देकर छह महीने की समय सीमा का उल्लेख यह भी दर्शाता है कि इस मामले को लंबा खींचने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही। तमिलनाडु की राजनीति में यह मुकदमा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका परिणाम राज्य सरकार की नैतिक और कानूनी वैधता दोनों को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मद्रास हाईकोर्ट ने CM विजय को क्या निर्देश दिया है?
मद्रास हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को 27 अगस्त 2026 तक पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र से उनकी जीत को चुनौती देने वाली चुनावी याचिकाओं को खारिज कराने की अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया है। समय सीमा न मानने पर ₹50,000 जुर्माने की चेतावनी दी गई है।
मंत्री आधव अर्जुन के खिलाफ चुनाव याचिका किसने दायर की है?
DMK उम्मीदवार इनिगो इरुदयाराज ने तिरुचिरापल्ली ईस्ट निर्वाचन क्षेत्र से मंत्री आधव अर्जुन की चुनावी जीत को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अदालत ने उन्हें भी 27 अगस्त तक खारिज करने की अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने अतिरिक्त समय देने से क्यों इनकार किया?
न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने स्पष्ट किया कि पिछली सुनवाई में ही यह आदेश दिया जा चुका था कि आगे कोई समय नहीं दिया जाएगा। उन्होंने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86 का हवाला देते हुए चुनावी विवादों के त्वरित निपटारे की आवश्यकता पर बल दिया।
पेरंबूर सीट से CM विजय के खिलाफ याचिका किसने दायर की?
DMK उम्मीदवार आरडी सेकर ने मतदाताओं दिनेश और लक्ष्मी नरसिम्हन के साथ मिलकर पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र से मुख्यमंत्री विजय की जीत को अलग-अलग चुनावी याचिकाओं के ज़रिए चुनौती दी है।
चुनावी याचिकाओं का निपटारा कितने समय में होना चाहिए?
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86 के अनुसार, चुनावी याचिकाओं को हाईकोर्ट के समक्ष पेश होने की तारीख से छह महीने के भीतर निपटाया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति लक्ष्मीनारायणन ने इसी प्रावधान का हवाला देते हुए लगातार सुनवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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