21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मद्रास हाईकोर्ट का आदेश: पेरंबूर चुनाव याचिका में CM विजय को नया नोटिस जारी हो, दो सप्ताह के लिए सुनवाई स्थगित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मद्रास हाईकोर्ट का आदेश: पेरंबूर चुनाव याचिका में CM विजय को नया नोटिस जारी हो, दो सप्ताह के लिए सुनवाई स्थगित

सारांश

मद्रास हाईकोर्ट ने पेरंबूर चुनाव याचिका में CM विजय को नया नोटिस जारी करने का आदेश दिया — क्योंकि पहले नोटिस ही नहीं भेजे गए थे। DMK उम्मीदवार आर.टी. सेकर का आरोप है कि विजय ने नामांकन में विरोधाभासी जानकारी दी। 53,715 वोटों से जीती सीट अब कानूनी जाँच के दायरे में है।

मुख्य बातें

मद्रास हाईकोर्ट ने 21 जुलाई 2026 को CM विजय और चुनाव अधिकारी को पेरंबूर चुनाव याचिका में नया नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
लक्ष्मीनारायणन ने सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित की।
विजय ने पेरंबूर से 1,20,365 वोट पाकर 53,715 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी; DMK के आर.टी.
सेकर को 66,650 वोट मिले थे।
याचिका में आरोप है कि विजय ने नामांकन पत्रों में संपत्ति व लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी सही ढंग से नहीं दी।
सेकर और मतदाताओं दिनेश व लक्ष्मी नरसिम्मन ने अलग-अलग दायर की है।

मद्रास हाईकोर्ट ने 21 जुलाई 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को पेरंबूर विधानसभा क्षेत्र से उनकी जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका के संदर्भ में नया नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन की एकल पीठ ने यह आदेश पारित करते हुए सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।

मुख्य घटनाक्रम

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) के अध्यक्ष विजय ने पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र से 1,20,365 मत प्राप्त कर 53,715 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के उम्मीदवार आर.टी. सेकर, को 66,650 मत मिले थे।

इस जीत को चुनौती देते हुए आर.टी. सेकर ने पेरंबूर क्षेत्र के मतदाताओं दिनेश और लक्ष्मी नरसिम्मन के साथ मिलकर मद्रास हाईकोर्ट में अलग-अलग चुनाव याचिकाएँ दायर की हैं।

याचिका में क्या आरोप हैं

याचिकाकर्ता आर.टी. सेकर ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री विजय ने अपने नामांकन पत्रों में विरोधाभासी जानकारी दी और अपनी संपत्ति तथा लंबित आपराधिक मामलों का विवरण सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया। याचिका में माँग की गई है कि विजय के चुनाव को अमान्य घोषित किया जाए।

अदालत की कार्यवाही

सुनवाई के दौरान आर.टी. सेकर की ओर से अधिवक्ता रिचर्डसन विल्सन ने न्यायालय को सूचित किया कि मामले में प्रतिवादी बनाए गए मुख्यमंत्री विजय और संबंधित चुनाव अधिकारी को अब तक नोटिस नहीं भेजे गए थे। इस तथ्य को संज्ञान में लेते हुए न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने मुख्यमंत्री विजय, चुनाव अधिकारी और अन्य प्रतिवादियों को नए सिरे से नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब विजय की राजनीतिक पारी अपेक्षाकृत नई है — फ़िल्म जगत से राजनीति में कदम रखने के बाद उन्होंने TVK की स्थापना की और पहले ही चुनाव में भारी जनादेश प्राप्त किया। गौरतलब है कि चुनाव याचिका में नामांकन-संबंधी विसंगतियों के आरोप लगाना भारतीय चुनावी कानून में एक स्थापित कानूनी मार्ग है, और ऐसे मामले अक्सर लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुज़रते हैं।

आगे क्या होगा

अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख दो सप्ताह बाद निर्धारित की है। नोटिस मिलने के बाद मुख्यमंत्री विजय और अन्य प्रतिवादियों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। मामले की आगे की सुनवाई तय करेगी कि याचिका में लगाए गए आरोपों में कितना दम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

715 वोटों के बड़े अंतर से हुई थी, इसलिए चुनाव परिणाम को पलटना कानूनी रूप से कठिन होगा — लेकिन नामांकन में विसंगतियों के आरोप अलग तरह की राजनीतिक जटिलता पैदा करते हैं। यह मामला इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि विजय फ़िल्म जगत से सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचे हैं और उनकी पारदर्शिता पर हर कदम पर सवाल उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि नोटिस न भेजे जाने जैसी प्रक्रियागत चूक से मामले की शुरुआत होना, न्यायिक प्रक्रिया की गंभीरता को रेखांकित करता है। आने वाले हफ्तों में विजय सरकार का जवाब यह तय करेगा कि यह मामला महज़ कानूनी औपचारिकता है या राजनीतिक दबाव का नया मोर्चा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मद्रास हाईकोर्ट ने CM विजय को नया नोटिस क्यों जारी करने का आदेश दिया?
अदालत में सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि मामले में प्रतिवादी बनाए गए CM विजय और चुनाव अधिकारी को पहले नोटिस ही नहीं भेजे गए थे। इस प्रक्रियागत चूक को संज्ञान में लेते हुए न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने नए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।
पेरंबूर चुनाव याचिका में क्या आरोप लगाए गए हैं?
DMK उम्मीदवार आर.टी. सेकर ने आरोप लगाया है कि CM विजय ने अपने नामांकन पत्रों में विरोधाभासी जानकारी दी और संपत्ति तथा लंबित आपराधिक मामलों का विवरण सही ढंग से नहीं बताया। याचिका में विजय के चुनाव को अमान्य घोषित करने की माँग की गई है।
पेरंबूर विधानसभा चुनाव में विजय की जीत का अंतर कितना था?
विजय ने पेरंबूर से 1,20,365 वोट प्राप्त कर 53,715 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी DMK के आर.टी. सेकर को 66,650 वोट मिले थे।
इस चुनाव याचिका में याचिकाकर्ता कौन हैं?
याचिकाकर्ताओं में DMK उम्मीदवार आर.टी. सेकर के साथ-साथ पेरंबूर क्षेत्र के दो मतदाता — दिनेश और लक्ष्मी नरसिम्मन — शामिल हैं, जिन्होंने अलग-अलग चुनाव याचिकाएँ दायर की हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
नोटिस जारी होने के बाद CM विजय, चुनाव अधिकारी और अन्य प्रतिवादियों को अपना पक्ष रखना होगा। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन की पीठ के समक्ष निर्धारित है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले