तमिलनाडु चुनाव: विजय ने चेन्नई में सुरक्षा चूक का आरोप लगाकर प्रचार रोका
सारांश
Key Takeaways
- सुरक्षा में लापरवाही के चलते विजय का प्रचार रुका।
- पेरंबूर क्षेत्र में पुलिस बल की कमी।
- विजय ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में विजय की राजनीतिक पारी।
- बड़े नेताओं के प्रचार में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल।
चेन्नई, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलागा वेट्ट्री कड़गम (टीवीके) के नेता विजय ने सोमवार को अपने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी से एक औपचारिक शिकायत की। उन्होंने कहा कि चेन्नई के पेरंबूर विधानसभा क्षेत्र में पुलिस बल की कमी के कारण उन्हें अपना प्रचार अचानक रोकना पड़ा।
विजय ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया कि पुलिस की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण भीड़ नियंत्रण में पूरी तरह से असफलता रही, जिससे उनकी और आम जनता की सुरक्षा को खतरा हुआ। उन्होंने कहा कि सड़कों पर भारी भीड़ के कारण उनके काफिले का आगे बढ़ना असंभव हो गया।
विजय ने इस घटना को एक गंभीर चूक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है।
गौरतलब है कि विजय ने हाल ही में पेरंबूर सीट से अपने नामांकन की प्रक्रिया पूरी की है और वह आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर रहे हैं। वह दो सीटों, चेन्नई के पेरंबूर और तिरुचि ईस्ट, से चुनावी लड़ाई में शामिल हैं।
जब विजय ने पेरंबूर में प्रचार कार्य आरंभ किया, तो उन्हें समर्थकों और आम जनता का जोरदार समर्थन मिला। हजारों लोग सड़कों पर इकट्ठा हो गए। लेकिन जैसे ही उनका काफिला कोलाथुर की ओर बढ़ा, भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे सड़क पर हंगामा मच गया।
पुलिस की अनुपस्थिति के कारण भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जा सका, जिसके परिणामस्वरूप ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था उत्पन्न हो गई। सुरक्षा की दृष्टि से विजय ने अपने प्रचार को रोकने का निर्णय लिया।
इस घटना के बाद चुनावी माहौल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर जब बड़े नेता और उम्मीदवार प्रचार अभियान को तेज कर रहे हैं।