सुरक्षा कारणों से विजय ने कुड्डालोर रैली को किया रद्द, राजनीतिक हलकों में चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- विजय ने सुरक्षा कारणों से कुड्डालोर रैली को रद्द किया।
- रैली पहले भी स्थगित की जा चुकी थी।
- राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं।
- विजय का प्रचार अभियान जारी है।
- सुरक्षा चिंताओं के कारण यह निर्णय लिया गया।
चेन्नई, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता से नेता बने विजय ने शनिवार को कुड्डालोर जिले में प्रस्तावित अपनी चुनावी रैली को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया। यह रैली दोपहर 2 बजे शुरू होने वाली थी और पूरे जिले में प्रचार कार्यक्रम निर्धारित था।
यह रैली पहले भी एक बार स्थगित की जा चुकी थी। यह निर्णय तब लिया गया जब तमिलनाडु में सभी राजनीतिक दलों ने अपने चुनाव प्रचार को तेज कर दिया है और नेता विभिन्न क्षेत्रों में जाकर मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
टीवीके प्रमुख विजय अपना पहला चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से वह राज्य के विभिन्न जिलों में प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत पेरम्बूर (चेन्नई) से की थी और इसके बाद तिरुचिरापल्ली, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, और कराईकुडी में जनसभाओं को संबोधित किया।
उनकी रैलियों में भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे उनके अभियान को अधिक ध्यान मिल रहा है। विजय पूरे राज्य में तेजी से प्रचार करते हुए अपनी पार्टी के 'व्हिसल' चुनाव चिन्ह के लिए वोट मांग रहे हैं।
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, कुड्डालोर जिले में चार स्थानों (कुड्डालोर, वडालूर, सेथियाथोप और तित्ताकुडी) में रैली की अनुमति मांगी गई थी। पुलिस ने कुछ शर्तों के साथ अनुमति भी दी थी, लेकिन बाद में यह कार्यक्रम अचानक रद्द कर दिया गया। इसके बाद विजय ने शनिवार के लिए फिर से अनुमति मांगी।
पुलिस ने इस बार 21 शर्तों के साथ रैली की इजाजत दी थी। कार्यक्रम के अनुसार, रैली दोपहर 2 बजे कुड्डालोर से शुरू होकर वडालूर, सेथियाथोप और तित्ताकुडी होते हुए रात 9 बजे तक समाप्त होने वाली थी।
सूत्रों के अनुसार, यह रैली पहले 9 अप्रैल को होनी थी, लेकिन पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के कारण इसे टाल दिया गया था। बाद में इसे शनिवार के लिए निर्धारित किया गया, लेकिन अब इसे पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में दक्षिणी जिलों में विजय के दौरे के दौरान कुछ छोटे वाहन हादसे हुए थे। कुड्डालोर, चेन्नई से लगभग 175 किलोमीटर दूर है, और लंबी सड़क यात्रा के चलते जोखिम बढ़ने की आशंका के कारण यह फैसला लिया गया।
इस निर्णय पर राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ लोग इसे तैयारी की कमी बता रहे हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। अब विजय की आगे की रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।