थूथुकुडी गोलीबारी: मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से माँगा आयोग सिफारिशों पर एक सप्ताह में जवाब
सारांश
मुख्य बातें
मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने 20 अगस्त को तमिलनाडु सरकार को थूथुकुडी गोलीबारी मामले में न्यायमूर्ति अरुणा जगदीसन आयोग की सिफारिशों पर की गई कार्रवाई का विस्तृत हलफनामा एक सप्ताह के भीतर दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 31 अगस्त को निर्धारित की गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
मदुरै के बीबी कुलम क्षेत्र के निवासी कथिरेशन और अन्य याचिकाकर्ताओं ने मदुरै बेंच के समक्ष याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि स्टरलाइट कॉपर को स्थायी रूप से बंद करने की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे आम नागरिकों पर सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने गोली चलाई और मानक पुलिस प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। याचिकाकर्ताओं ने गोलीबारी के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश देने की माँग की।
अदालत के तीखे सवाल
यह याचिका न्यायमूर्ति सी.वी. कार्तिकेयन और न्यायमूर्ति आर. शक्तिवेल की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई। पीठ ने सरकार से सीधे पूछा कि क्या न्यायमूर्ति अरुणा जगदीसन आयोग की रिपोर्ट को राज्य सरकार ने स्वीकार किया है। न्यायाधीशों ने यह भी जानना चाहा कि गोलीबारी में मारे गए और प्रभावित लोगों को केवल ₹30 लाख का मुआवजा दिया गया है या नहीं।
पीठ ने सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की वर्तमान स्थिति, कौन-सी कार्रवाइयाँ रोकी गई हैं और कौन-सी जारी हैं — इन सभी पहलुओं पर स्पष्टीकरण माँगा।
सरकार का पक्ष
तमिलनाडु सरकार ने अदालत को बताया कि आयोग की सिफारिशों को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है और इस पर कैबिनेट में चर्चा हो चुकी है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सहित शेष सिफारिशें अभी विचाराधीन हैं। सरकार ने पीड़ितों को दिए गए मुआवजे, सरकारी रोजगार के विवरण और विभागीय कार्रवाई की स्थिति समेत सभी पहलुओं पर हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय माँगा, जिसे पीठ ने स्वीकार कर लिया।
आठ साल का इंतजार
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने पीठ को याद दिलाया कि वे इस मामले में आठ साल से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस पर न्यायाधीशों ने टिप्पणी की कि धैर्य सागर से भी बड़ा होता है। यह टिप्पणी इस बात की ओर संकेत करती है कि अदालत मामले की धीमी गति से अवगत है और अब त्वरित जवाबदेही की अपेक्षा रख रही है।
आगे क्या होगा
मदुरै पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त के लिए निर्धारित की है। तब तक तमिलनाडु सरकार को आयोग की सिफारिशों पर की गई समस्त कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को दिए गए मुआवजे और सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कदमों का पूरा ब्यौरा शपथपत्र के रूप में प्रस्तुत करना होगा। यह सुनवाई थूथुकुडी गोलीबारी के पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है।