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पलानीस्वामी का CM विजय पर तंज: 'राज्य चलाना फिल्म अभिनय नहीं', TVK सरकार पर हिरासत मौतों के आरोप

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पलानीस्वामी का CM विजय पर तंज: 'राज्य चलाना फिल्म अभिनय नहीं', TVK सरकार पर हिरासत मौतों के आरोप

सारांश

पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने CM विजय पर सीधा निशाना साधा — नागरकोइल और पुझल जेल में हिरासत मौतों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि TVK सरकार DMK की राह पर चल रही है। तंज भी कसा: 'राज्य चलाना फिल्म अभिनय नहीं।'

मुख्य बातें

AIADMK महासचिव एडप्पाडी के.
पलानीस्वामी ने 18 जुलाई को TVK सरकार पर हिरासत मौतों को लेकर कड़ा हमला बोला।
नागरकोइल जेल में एक दिव्यांग कैदी की कथित यातना से मौत; परिवार ने शव लेने और सरकारी मुआवजा स्वीकार करने से इनकार किया।
चेन्नई की पुझल जेल में विचाराधीन कैदी की हिरासत में मौत की खबरें; परिजन न्याय की माँग को लेकर विरोध पर।
करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने की पेशकश को पलानीस्वामी ने अपर्याप्त बताया।
पलानीस्वामी ने कहा — 'राज्य चलाना फिल्म अभिनय नहीं', CM विजय से शासन की जिम्मेदारी समझने का आग्रह।

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने 18 जुलाई को TVK सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार उन्हीं प्रशासनिक खामियों को दोहरा रही है जो पूर्ववर्ती द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार पर लगाई जाती थीं — और इसमें सबसे गंभीर आरोप हिरासत में मौतों से जुड़े हैं।

मुख्य आरोप: हिरासत में मौतें और जवाबदेही का अभाव

पलानीस्वामी ने नागरकोइल जेल में एक दिव्यांग कैदी की मौत का विशेष उल्लेख किया। उनके अनुसार, कथित तौर पर जेल अधिकारियों द्वारा यातना के कारण हुई इस मौत के बाद पीड़ित परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया और न्याय की माँग पर अड़ा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रियों ने मुआवजे की पेशकश कर परिवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने कथित तौर पर सरकार द्वारा घोषित वित्तीय सहायता और राहत दोनों को अस्वीकार कर दिया।

इसके अलावा उन्होंने चेन्नई की पुझल जेल में एक विचाराधीन कैदी की हिरासत में मौत की खबरों का भी जिक्र किया और बताया कि पीड़ित के परिश्रम भी इसी प्रकार न्याय की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

DMK काल से तुलना और 'तानाशाही' का आरोप

पलानीस्वामी ने दावा किया कि DMK शासनकाल के दौरान कई हिरासत में मौतें और मुठभेड़ हत्याएं हुईं — जिनमें मंदिर सुरक्षा गार्ड अजीत कुमार, विग्नेश और आर्मस्ट्रांग हत्याकांड से कथित तौर पर जुड़े अन्य लोगों के मामले शामिल हैं। उनका आरोप है कि सार्वजनिक धारणा यह है कि ये कार्रवाइयाँ बड़े आपराधिक मामलों में शामिल प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए की गई थीं।

उन्होंने कहा कि जनता ने DMK के पाँच वर्षीय शासन के अंत को एक 'प्रशासनिक रूप से अक्षम सरकार' के अंत के रूप में देखा था, किंतु उनके अनुसार TVK सरकार के अंतर्गत भी 'तानाशाही तौर-तरीके' जारी हैं। उन्होंने कहा — 'लोग एक दमनकारी शासन से बच निकले, लेकिन अब दूसरे के चंगुल में फंस गए हैं।'

करूर भगदड़ और मुआवजे की राजनीति पर सवाल

करूर भीड़ भगदड़ त्रासदी का उल्लेख करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि पीड़ित परिवारों के कुछ सदस्यों को सरकारी नौकरी देना जानमाल के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता। उन्होंने सरकार की उस कथित सोच की कड़ी आलोचना की जिसके तहत आर्थिक मुआवजे से शोक संतप्त परिवारों को चुप कराने की कोशिश की जाती है।

CM विजय पर सीधा प्रहार: 'शासन फिल्म नहीं'

मुख्यमंत्री विजय पर सबसे तीखी टिप्पणी करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य चलाना फिल्मों में अभिनय करने जैसा नहीं है, जहाँ अभिनेता को फिल्म की सफलता या असफलता की परवाह किए बिना पारिश्रमिक मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से शासन के साथ आने वाली जिम्मेदारी को समझने का आग्रह किया।

युवा मतदाताओं से अपील

अपने बयान के अंत में पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर बदलाव के लिए मतदान करने वाले नागरिक निराश न हों। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब TVK की सरकार को सत्ता में आए अभी अधिक समय नहीं हुआ है और विपक्ष उसके शासन की हर कसौटी पर परखने में लगा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यदि ये आरोप प्रमाणित होते हैं तो यह उसी जनादेश के साथ विश्वासघात होगा। मुआवजे से परिवारों को 'मनाने' की कथित कोशिश यह भी दर्शाती है कि सत्ता में आने के बाद दलों की प्रवृत्ति कितनी जल्दी बदल जाती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर राजनीतिक तंज पर ध्यान देती है, लेकिन असली मुद्दा यह है कि इन मौतों की स्वतंत्र जाँच हुई या नहीं।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पलानीस्वामी ने TVK सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
पलानीस्वामी ने आरोप लगाया है कि TVK सरकार के तहत हिरासत में मौतें जारी हैं — खासतौर पर नागरकोइल जेल में एक दिव्यांग कैदी और पुझल जेल में एक विचाराधीन कैदी की मौत के मामलों में। उनका कहना है कि यह सरकार DMK के 'तानाशाही तौर-तरीकों' को ही दोहरा रही है।
नागरकोइल जेल में क्या हुआ?
पलानीस्वामी के अनुसार, नागरकोइल जेल में एक दिव्यांग कैदी की कथित तौर पर जेल अधिकारियों द्वारा यातना देने से मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने न्याय की माँग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया और सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता भी अस्वीकार कर दी।
CM विजय पर पलानीस्वामी का 'फिल्म अभिनय' वाला तंज क्या था?
पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य चलाना फिल्मों में अभिनय करने जैसा नहीं है, जहाँ अभिनेता को फिल्म की सफलता या असफलता की परवाह किए बिना पारिश्रमिक मिलता है। यह टिप्पणी मुख्यमंत्री विजय की फिल्मी पृष्ठभूमि पर सीधा व्यंग्य थी।
करूर भगदड़ त्रासदी पर पलानीस्वामी ने क्या कहा?
पलानीस्वामी ने कहा कि करूर भगदड़ के पीड़ित परिवारों के कुछ सदस्यों को सरकारी नौकरी देने की पेशकश जानमाल के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती। उन्होंने सरकार की मुआवजा-केंद्रित नीति को अस्वीकार्य बताया।
AIADMK और TVK के बीच यह विवाद क्यों अहम है?
TVK सरकार 'बदलाव' के वादे पर सत्ता में आई थी और AIADMK अब उसे उसी पैमाने पर परख रही है जिस पर DMK को परखा गया था। यह विवाद तमिलनाडु की राजनीति में विपक्ष की भूमिका और जवाबदेही के सवाल को केंद्र में लाता है।
राष्ट्र प्रेस
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