एआईएडीएमके में फूट: पलानीस्वामी को सीनियर नेताओं की वापसी से अपनी कुर्सी जाने का डर — डीएमके
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने सोमवार, 18 मई को दावा किया कि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) में जारी आंतरिक कलह की असली वजह महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी का वह डर है, जिसमें उन्हें लगता है कि पार्टी के पुराने वरिष्ठ नेताओं की वापसी से उनकी नेतृत्व-स्थिति कमज़ोर पड़ सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु के कई जिलों में पार्टी दफ्तरों पर ताले लटक गए हैं और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा है।
मुख्य घटनाक्रम
AIADMK का आंतरिक संकट अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। पलानीस्वामी के समर्थकों और पूर्व मंत्रियों एसपी वेलुमणी तथा सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले विरोधी गुट के बीच तनाव कथित तौर पर पार्टी संगठन पर नियंत्रण की लड़ाई में बदल चुका है। कई जिला इकाइयों में बढ़ते टकराव के बीच पार्टी कार्यालयों को बंद कर पुलिस सुरक्षा में रखा गया है।
इस बीच, पलानीस्वामी ने विरोधी गुट पर आरोप लगाया है कि उनके नेता पार्टी की एकता से ऊपर अपनी निजी महत्वाकांक्षाओं — विशेषकर मंत्री पदों — को रख रहे हैं।
एलंगोवन का आरोप
एलंगोवन ने कहा कि यह टकराव कोई नई बात नहीं है और यह लंबे समय से चल रहा है। उनके अनुसार, पलानीस्वामी जानबूझकर उन वरिष्ठ नेताओं की वापसी नहीं चाहते जो पहले AIADMK के स्तंभ रहे हैं। एलंगोवन ने कहा, 'उन्हें डर है कि अगर वे वापस आए, तो उनकी अपनी स्थिति कमज़ोर हो सकती है। यह सिर्फ पलानीस्वामी की नेतृत्व की कमज़ोरी को दर्शाता है, जिसकी वजह से यह सारी फूट पड़ी है।' आलोचकों का कहना है कि यह संकट किसी एक नेता की व्यक्तिगत असुरक्षा की उपज है, न कि वैचारिक मतभेद की।
रजनीकांत और विजय प्रकरण
एलंगोवन ने इस अवसर पर अभिनेता रजनीकांत द्वारा हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद अभिनेता-से-नेता बने विजय को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दी गई बधाई पर भी टिप्पणी की। रजनीकांत ने उन अफवाहों को खारिज किया था, जिनमें कहा जा रहा था कि उन्हें विजय की राजनीतिक सफलता से ईर्ष्या है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से उनकी हालिया मुलाकात पूरी तरह निजी थी और उनकी दोस्ती लगभग चार दशकों पुरानी है, जो किसी भी राजनीतिक जुड़ाव से परे है। रजनीकांत ने इस अटकल को भी दृढ़ता से नकारा कि स्टालिन से मुलाकात का मकसद विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकना था।
एलंगोवन ने इस पर कहा, 'इसमें गलत क्या है? वह स्टालिन की तारीफ करते हैं और जानते हैं कि स्टालिन उनके करीबी दोस्त हैं। जब फिल्म इंडस्ट्री से कोई सत्ता में आता है, तो रजनीकांत यकीनन उन्हें बधाई देंगे।'
फिल्म मंत्री की नियुक्ति पर विवाद
एलंगोवन ने अभिनेता विशाल सहित कई लोगों की उस आलोचना पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें मुख्यमंत्री विजय द्वारा फिल्म उद्योग विभाग मंत्री राजमोहन को सौंपे जाने पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के मंत्री के रूप में ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत है जो इस क्षेत्र को समझे और इसे बेहतर बनाने की दिशा में काम कर सके — शायद इसी सोच के आधार पर यह नियुक्ति की गई है।
आगे क्या
AIADMK में यह संकट तब और गहरा हो गया है जब तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों के परिणामों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। आलोचकों का मानना है कि जब तक पार्टी में सुलह की कोई ठोस पहल नहीं होती, यह आंतरिक कलह AIADMK को विपक्ष की भूमिका में और कमज़ोर करती रहेगी।