नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने लातूर के कोचिंग मालिक प्रो. शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया, अब तक 10 आरोपी पकड़े
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में एक और बड़ी गिरफ्तारी करते हुए लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के मालिक प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को हिरासत में लिया है। उनके संस्थान और आवास पर छापेमारी के दौरान रसायन विज्ञान का वह प्रश्नपत्र बरामद हुआ जिसमें 3 मई 2026 को आयोजित नीट परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मिलते-जुलते सवाल थे। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक कुल 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
कौन हैं प्रोफेसर मोटेगांवकर
प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में संचालित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के संस्थापक और मालिक हैं। यह संस्थान नीट-यूजी की तैयारी कराता है और इसकी नौ शाखाएँ हैं, जिनमें मुख्य शाखा लातूर में है। जाँच के अनुसार, मोटेगांवकर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े रसायन विज्ञान के व्याख्याता पीवी कुलकर्णी के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं — यह संबंध जाँचकर्ताओं की नज़र में पेपर लीक की कड़ी को जोड़ने वाला अहम सूत्र है।
छापेमारी में क्या मिला
पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने विभिन्न राज्यों में 5 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज़, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनका विस्तृत डिजिटल विश्लेषण जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त सामग्री से पेपर लीक की व्यापकता और उसके नेटवर्क को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 12 मई 2026 को यह मामला दर्ज किया था। दर्ज होते ही विशेष जाँच दल गठित किए गए और दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिलियानगर सहित देश के कई शहरों में छापेमारी की गई। अब तक की जाँच से यह स्पष्ट हुआ है कि परीक्षा से पहले रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के प्रश्नपत्र लीक हुए थे।
बिचौलियों का नेटवर्क और छात्रों की भूमिका
जाँच में सामने आया है कि कुछ बिचौलिये उन छात्रों को जुटाने में शामिल थे जिन्होंने लाखों रुपये का भुगतान कर विशेष कोचिंग कक्षाओं में दाखिला लिया था — जहाँ परीक्षा में आने वाले प्रश्नों पर चर्चा और अभ्यास कराया जाता था। ऐसे बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी पर पहले से ही पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं और 2024 में भी इसी परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप लगे थे।
आगे क्या होगा
सीबीआई के अनुसार, 9 आरोपियों को पहले ही अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है और पूछताछ जारी है। 10वें आरोपी को भी अदालत में पेश किया जा रहा है। एजेंसी ने कहा है कि वह इस मामले में व्यापक, निष्पक्ष और पेशेवर जाँच के लिए प्रतिबद्ध है और आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता।