नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने लातूर कोचिंग सेंटर डायरेक्टर को गिरफ्तार किया, जांच में अब 10 आरोपी

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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने लातूर कोचिंग सेंटर डायरेक्टर को गिरफ्तार किया, जांच में अब 10 आरोपी

सारांश

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक की जांच में सीबीआई ने लातूर के कोचिंग डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर कुल गिरफ्तारियाँ 10 पहुँचाई। दिल्ली की अदालत ने मनीषा मंधारे को 14 दिन की हिरासत में भेजा — एक नेटवर्क जो पुणे से लातूर तक फैला है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 18 मई 2026 को लातूर कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया — नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 10वीं गिरफ्तारी।
दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा।
सीबीआई के अनुसार, मंधारे ने पुणे स्थित घर पर कोचिंग सत्रों में छात्रों को बायोलॉजी के प्रश्न बताए, जो वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे।
केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को इस नेटवर्क का कथित सरगना माना जा रहा है।
पेपर लीक की खबर के बाद 3 मई को नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द की गई थी; जांच दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहल्यानगर तक फैली है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार, 18 मई 2026 को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी के साथ इस मामले में अब तक हिरासत में लिए गए आरोपियों की कुल संख्या 10 हो गई है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, मोटेगांवकर को औपचारिक गिरफ्तारी से पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।

मोटेगांवकर की कथित भूमिका

सीबीआई सूत्रों के अनुसार, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर कथित तौर पर लातूर में कोचिंग क्लासेज़ संचालित करते थे और कथित नीट पेपर लीक नेटवर्क में एक अहम कड़ी थे। जांच एजेंसी जल्द ही इस ताज़ा गिरफ्तारी पर आधिकारिक बयान जारी कर सकती है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक की देशव्यापी जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

मनीषा मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत

दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने रविवार को नीट पेपर लीक की आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। पुणे की रहने वाली और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा नियुक्त वरिष्ठ बॉटनी शिक्षिका मंधारे पर बायोलॉजी के प्रश्न पत्र को लीक करने की साज़िश में शामिल होने का संदेह है।

अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बताया कि मंधारे बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों का अनुवाद करने में दक्ष थीं और उनके पास नीट-यूजी बायोलॉजी पेपर तक सीधी पहुँच थी। जांच एजेंसी के अनुसार, मंधारे ने पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर साज़िश रची और प्रश्न पत्र एक अन्य आरोपी शुभम को सौंपा।

कोचिंग सत्रों में प्रश्न बताने का आरोप

सीबीआई के अनुसार, मंधारे ने पुणे स्थित अपने घर पर नीट के संभावित उम्मीदवारों के लिए विशेष कोचिंग सत्र आयोजित किए थे। इन सत्रों के दौरान उन्होंने कथित तौर पर बायोलॉजी के कई प्रश्न छात्रों को बताए और उन्हें निर्देश दिया कि वे इन्हें अपनी किताबों में नोट कर लें और निशान लगा लें। जांचकर्ताओं का दावा है कि इनमें से अधिकांश प्रश्न वास्तविक नीट-यूजी 2026 के प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। छात्रों को इन सत्रों तक पहुँचाने का काम पुणे की कंसल्टेंट मनीषा वाघमारे ने किया था, जिन्हें इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था।

अब तक की गिरफ्तारियाँ और जांच का दायरा

मोटेगांवकर की गिरफ्तारी से पहले इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहल्यानगर से 9 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका था। इनमें से 5 आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड मिली है, जबकि 2 अन्य आरोपियों को — जिन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था — पुणे की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर दिल्ली भेजा गया। केमिस्ट्री के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को इस पेपर लीक का कथित सरगना माना जा रहा है।

गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक की खबर सार्वजनिक होने के बाद देशभर में भारी आक्रोश फैला था, जिसके चलते 3 मई को निर्धारित परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। सीबीआई का कहना है कि जांच एक साथ देश के कई हिस्सों में जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शिक्षकों, कोचिंग संचालकों और बिचौलियों का एक सुनियोजित नेटवर्क था। चिंताजनक यह है कि NTA द्वारा नियुक्त परीक्षक ही कथित रूप से प्रश्नपत्र तक पहुँचने में सक्षम रहे — जो परीक्षा प्रणाली की आंतरिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 2024 के नीट विवाद के बाद भी सुधारों की जो घोषणाएँ हुई थीं, वे स्पष्ट रूप से पर्याप्त नहीं रहीं। जब तक परीक्षा प्रशासन में संरचनात्मक बदलाव और स्वतंत्र ऑडिट नहीं होते, गिरफ्तारियाँ समस्या का समाधान नहीं, केवल लक्षण-उपचार हैं।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 10वीं गिरफ्तारी किसकी हुई?
सीबीआई ने 18 मई 2026 को महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया। वे कथित तौर पर नीट पेपर लीक नेटवर्क में एक अहम भूमिका में थे।
मनीषा मंधारे कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
मनीषा गुरुनाथ मंधारे पुणे की रहने वाली NTA-नियुक्त वरिष्ठ बॉटनी शिक्षिका हैं। सीबीआई के अनुसार, उन्होंने नीट-यूजी बायोलॉजी पेपर तक पहुँच का कथित दुरुपयोग कर छात्रों को प्रश्न बताए और पीवी कुलकर्णी व मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर साज़िश रची।
नीट-यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई थी?
पेपर लीक की खबर सार्वजनिक होने के बाद देशभर में व्यापक विरोध हुआ, जिसके चलते 3 मई 2026 को निर्धारित नीट-यूजी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। अब सीबीआई इस मामले की देशव्यापी जांच कर रही है।
इस पेपर लीक नेटवर्क का कथित सरगना कौन है?
सीबीआई के अनुसार, केमिस्ट्री के प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को इस पेपर लीक नेटवर्क का कथित सरगना माना जा रहा है। वे अन्य आरोपियों के साथ साज़िश में शामिल बताए जाते हैं।
अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कहाँ-कहाँ से?
18 मई 2026 तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये गिरफ्तारियाँ दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, अहल्यानगर और लातूर से हुई हैं। पाँच आरोपी 7 दिन की पुलिस रिमांड पर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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