अहमदाबाद क्राइम ब्रांच का खुलासा: पत्नी और आशिक ने मिलकर की पति की हत्या, अफवाह फैलाकर छिपाया जुर्म
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सुरेंद्र नगर जिले में मिले एक शव के मामले में बड़ा खुलासा किया है — जिसे शुरुआत में आकस्मिक मृत्यु समझा जा रहा था, वह दरअसल एक सुनियोजित हत्या थी। जाँच में सामने आया कि मृतक शांतिगिरी विष्णुगिरी गोस्वामी की हत्या उनकी पत्नी जागृतिबेन ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर करवाई, और फिर जानबूझकर यह अफवाह फैलाई कि वे घर छोड़कर चले गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
ध्रांगधरा तालुका के सोल्दी गाँव निवासी शांतिगिरी गोस्वामी का शव नहर इलाके से बरामद हुआ था। शुरुआती जाँच में इसे हादसा मानकर मामला बंद करने की तैयारी थी, लेकिन अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और गुप्त फील्ड जाँच के जरिए पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी जागृतिबेन के कांतिलाल उर्फ भरतभाई सबारिया के साथ लंबे समय से अवैध संबंध थे। इन्हीं संबंधों और घरेलू विवादों के चलते शांतिगिरी को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
सुपारी और असफल पहला प्रयास
पुलिस के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले जागृतिबेन ने डीसा-पालनपुर में रहने वाले यूनुस मेमन को शांतिगिरी की हत्या की सुपारी दी थी। हालाँकि उस समय यह योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद आरोपियों ने नई साजिश रची और अंततः हत्या को अंजाम दिया।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
जाँच में यह भी सामने आया कि कांतिलाल उर्फ भरतभाई सबारिया ने न केवल हत्या में, बल्कि साक्ष्य मिटाने में भी अहम भूमिका निभाई। जागृतिबेन पर हत्या की साजिश रचने, अपराध में सहयोग करने और मामले को दबाने के आरोप हैं। आरोपियों ने आसपास के लोगों में यह बात फैला दी थी कि शांतिगिरी अपनी इच्छा से घर छोड़कर चले गए हैं — और गुमशुदगी की कोई आधिकारिक शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई, जिससे मामला लंबे समय तक दबा रहा।
क्राइम ब्रांच की भूमिका
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने कई गुप्त सूत्रों और साक्ष्यों को जोड़ते हुए पहले मृतक की पहचान की और फिर पूरे हत्याकांड की परतें उघाड़ीं। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि किस तरह प्रारंभिक जाँच में चूक से सुनियोजित हत्या भी दुर्घटना जैसी दिख सकती है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच अभी भी जारी है।