क्या गुजरात में कमलेश गोंडालिया और अन्य के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है?

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क्या गुजरात में कमलेश गोंडालिया और अन्य के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है?

सारांश

गुजरात में धोखाधड़ी के मामले में कमलेश गोंडालिया और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। यह कदम उनके देश छोड़ने की संभावना के कारण उठाया गया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और राकेश लाहोटी द्वारा दिए गए सबूतों के बारे में।

मुख्य बातें

कमलेश गोंडालिया पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।
लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है ताकि वे देश न छोड़ सकें।
राकेश लाहोटी द्वारा पेश किए गए नए सबूत महत्वपूर्ण हैं।
जमानत याचिकाएं अदालत में लंबित हैं।
इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात पुलिस की अहमदाबाद अपराध शाखा ने धोखाधड़ी और ठगी के एक मामले में तक्षशिला कंस्ट्रक्शन ग्रुप के प्रमुख कमलेश गोंडालिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

इस सर्कुलर में कमलेश के साथ-साथ उनके बेटे पार्थिल गोंडालिया और परिवार के दो अन्य सदस्यों, दीप्ति और अवनी गोंडालिया का भी नाम शामिल है। 17 अक्टूबर को अहमदाबाद के व्यवसायी राकेश लाहोटी ने अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई थी कि कमलेश और उनके सहयोगियों ने उनसे करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की है।

एफआईआर दर्ज होने के बाद से कमलेश और अन्य आरोपी फरार हैं। अधिकारियों ने बताया कि उनके देश छोड़कर भागने की संभावना को देखते हुए अपराध शाखा ने शनिवार को लुकआउट सर्कुलर जारी किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद, क्राइम ब्रांच ने कमलेश और अन्य को आरोपों के बारे में सूचित कर दिया था।

इससे पहले, 12 अप्रैल को, जब राकेश लाहोटी ने पहली बार क्राइम ब्रांच को कमलेश की धोखाधड़ी की गतिविधियों के बारे में सूचित किया था, कमलेश ने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने कमलेश और उनके बेटे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, लेकिन क्राइम ब्रांच को निर्देश दिया कि अगर एफआईआर दर्ज होती है तो गिरफ्तार करने से पहले उन्हें सात दिन का नोटिस दिया जाए।

यह सात दिन की अवधि रविवार को समाप्त हो गई, फिर भी न तो कमलेश और न ही उनके बेटे पार्थिल का पता चला है, और न ही उन्होंने अदालत का रुख किया है। हालांकि, दीप्ति और अवनी गोंडालिया ने जमानत याचिका दायर की है, जिस पर 28 अक्टूबर को सुनवाई होनी है।

इस बीच, शिकायतकर्ता राकेश लाहोटी ने क्राइम ब्रांच को महत्वपूर्ण नए सबूत सौंपे हैं, जिससे कमलेश गोंडालिया के खिलाफ आरोपों की पुष्टि होने की संभावना है। लाहोटी ने उप-पंजीयक कार्यालय का एक दस्तावेज पेश किया, जिसमें खुलासा हुआ कि कमलेश ने राकेश की जानकारी के बिना एक पंजीकृत विक्रय अनुबंध को धोखाधड़ी से रद्द करने के लिए ज्योति लाहोटी (राकेश की पत्नी) के जाली हस्ताक्षर किए।

बाद में, जब राकेश ने कमलेश से अपने फ्लैटों की स्थिति के बारे में पूछा, तो कमलेश ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया कि फ्लैट अभी भी उनके नाम पर हैं और सब कुछ ठीक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कहना चाहूँगा कि इस मामले में कानून का पालन होना चाहिए। हमें यह देखना होगा कि हमारे समाज में धोखाधड़ी और ठगी की घटनाएं कम हों। इस तरह के मामलों में उचित कार्रवाई से ही हम एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कमलेश गोंडालिया के खिलाफ क्या आरोप हैं?
कमलेश गोंडालिया और उनके सहयोगियों पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है।
लुकआउट सर्कुलर क्या होता है?
लुकआउट सर्कुलर एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत आरोपी को देश छोड़ने से रोका जाता है।
क्या कमलेश ने जमानत के लिए आवेदन किया था?
हाँ, कमलेश ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
राकेश लाहोटी ने किस प्रकार के सबूत पेश किए हैं?
राकेश लाहोटी ने एक दस्तावेज पेश किया है, जिसमें कमलेश द्वारा जाली हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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