गांदरबल एनकाउंटर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए, 7 दिन में रिपोर्ट की मांग

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गांदरबल एनकाउंटर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए, 7 दिन में रिपोर्ट की मांग

सारांश

गांदरबल में हुए एनकाउंटर के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब इलाके में आक्रोश बढ़ गया। जांच निष्पक्ष और व्यापक होगी, जिससे न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

Key Takeaways

  • मजिस्ट्रियल जांच: उपराज्यपाल ने निष्पक्ष जांच का आदेश दिया है।
  • घटना का विवरण: एनकाउंटर में राशिद अहमद मुगल की मौत हुई।
  • राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ: कई नेताओं ने गहन जांच की मांग की है।
  • समयसीमा: रिपोर्ट 7 दिनों में प्रस्तुत की जाएगी।
  • न्याय की आवश्यकता: जांच से न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास।

श्रीनगर, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गांदरबल जिले के अरहामा क्षेत्र में घटित एनकाउंटर के संबंध में मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। यह निर्णय उस समय लिया गया, जब एनकाउंटर के बाद क्षेत्र में व्यापक आक्रोश और विवाद उत्पन्न हो गया। मनोज सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यह जांच पूर्णतः निष्पक्ष और व्यापक होगी, जिससे हर पहलू पर न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर बताया गया कि अरहामा (गांदरबल) की घटना की गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। यह जांच घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि न्याय मिले

घटना 1 अप्रैल की देर शाम को गांदरबल के अरहामा में हुई, जिसमें राशिद अहमद मुगल, जो कि चुंटवालीवार लार का निवासी था, की मौत हो गई। सुरक्षा बलों के अनुसार, एनकाउंटर में एक अज्ञात आतंकवादी को मार गिराया गया, जबकि मृतक के परिवार का दावा है कि राशिद का आतंकवाद या किसी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं था। इस स्थिति ने पूरे क्षेत्र में और राजनीतिक गलियारों में अनेक सवाल उठाए।

इस घटना के पश्चात, जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग ने गांदरबल के जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वे मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच कराएं। जांच का उद्देश्य राशिद अहमद मुगल की मृत्यु से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाना है। जांच को सात दिनों के भीतर पूरा करने और रिपोर्ट सीधे गृह विभाग को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद अगा रूहुल्लाह मेहदी ने भी गांदरबल एनकाउंटर पर प्रतिक्रिया देते हुए गहन जांच की मांग की थी। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच के माध्यम से ही सच सामने आ सकता है और न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है।

Point of View

जो न्याय की ओर बढ़ने का संकेत देता है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो, ताकि सही जानकारी सामने आ सके।
NationPress
03/04/2026

Frequently Asked Questions

गांदरबल एनकाउंटर के दौरान क्या हुआ?
गांदरबल के अरहामा इलाके में एक एनकाउंटर में राशिद अहमद मुगल की मौत हो गई, जिसमें सुरक्षा बलों ने एक अज्ञात आतंकवादी को मार गिराने का दावा किया।
उपराज्यपाल ने जांच का आदेश क्यों दिया?
उपराज्यपाल ने इलाके में बढ़ते आक्रोश और विवाद को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
जांच की समयसीमा क्या है?
जांच को सात दिनों के भीतर पूरा करने और रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया कैसी रही?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और अगा रूहुल्लाह मेहदी ने गहन जांच की मांग की है।
क्या राशिद का आतंकवाद से कोई संबंध था?
राशिद के परिवार का दावा है कि उसका आतंकवाद या किसी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं था।
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