त्रिपुरा में भाजपा की ऐतिहासिक जीत की तैयारी: मुख्यमंत्री माणिक साहा
सारांश
Key Takeaways
- टीटीएएडीसी चुनाव को ऐतिहासिक बताया गया है।
- भाजपा को आदिवासी समुदाय का समर्थन मिल रहा है।
- मुख्यमंत्री ने पद्म श्री अवॉर्ड की घोषणा की।
- जनजातियों के लिए विकास योजनाएँ सक्रिय हैं।
- मतदाताओं से चुनाव में भागीदारी की अपील की गई है।
अगरतला, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) का आगामी चुनाव एक ऐतिहासिक घटना होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजाति (ट्राइबल) समुदाय के बढ़ते समर्थन के कारण भाजपा सभी 28 सीटों पर भारी अंतर से विजय प्राप्त करेगी।
सिपाहीजला जिले के कथलिया-मिर्जा-राजापुर निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी रैली के दौरान सीएम माणिक साहा ने कहा कि टीटीएएडीसी चुनाव 'सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि इतिहास बनाने का दिन है।' उन्होंने भाजपा को आदिवासी क्षेत्रों में विशेष समर्थन मिलने की बात कही।
रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के 500 से अधिक समर्थकों का भाजपा में स्वागत किया। इनमें धनपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमपी के 2023 विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार अमिया दयाल नोआतिया भी शामिल थे, जिनका चुनावों से पहले भाजपा में आना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना के रूप में देखा गया।
बाद में, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि भाजपा टीटीएएडीसी चुनावों में इतिहास बनाने की दिशा में अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि टीटीएएडीसी में सीपीआई (एम) और क्षेत्रीय पार्टियों ने वर्षों तक शासन किया, लेकिन जनजातियों को कुछ नहीं मिला। अब, भाजपा ने सभी 28 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से अनुरोध किया कि भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए सुबह जल्दी मतदान करें।
भाजपा के वरिष्ठ नेता माणिक साहा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद सरकार ने पहली बार आठ जनजाति के बुद्धिजीवियों को पद्म श्री अवॉर्ड दिलवाने का काम किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने समुदाय के प्रमुखों के लिए सोशल पेंशन भी बढ़ाई है और जनजातियों के लिए उचित सम्मान की दिशा में कदम उठाए हैं। हमारी सरकार ने विशेष रूप से जनजाति कल्याण के लिए बनाई गई योजनाओं की निगरानी के लिए जिला और उप-विभागीय स्तर पर नामित अधिकारियों की नियुक्ति का फैसला किया है।
सीएम साहा ने कहा कि हम जनजाति क्षेत्रों में 21 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (ईएमआरएस) भी स्थापित कर रहे हैं, और इन्हें तेजी से लागू करने के लिए आवश्यक छूट मांगी है। जनजातियों के विकास और प्रगति के लिए कई परियोजनाएँ चल रही हैं। यह चुनाव एक इतिहास बनाने का अवसर है, और मुझे विश्वास है कि लोग इसे समझ चुके हैं और भाजपा का समर्थन करेंगे।