नीट यूजी 2026 पेपर लीक: मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी व शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 8 जुलाई 2026 को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले के दो प्रमुख आरोपियों — पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर — की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की जाँच कर रही है और आरोप है कि इस साजिश ने लाखों मेडिकल उम्मीदवारों की परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित किया।
मुख्य आरोपी: कौन हैं पीवी कुलकर्णी
सीबीआई के अनुसार, पीवी कुलकर्णी इस कथित पेपर लीक षड्यंत्र का मुख्य साजिशकर्ता है। वह महाराष्ट्र के लातूर जिले का निवासी और रसायन विज्ञान का सेवानिवृत्त प्रोफेसर है। जाँच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी कई वर्षों तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के नीट परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहा था। आरोप है कि उसने इस आंतरिक पहुँच का दुरुपयोग करते हुए पुणे में संचालित विशेष कोचिंग कक्षाओं के ज़रिये छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुँचाए।
दूसरा आरोपी: शिवराज मोटेगांवकर की भूमिका
सीबीआई के अनुसार, दूसरे आरोपी शिवराज मोटेगांवकर लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग के संचालक हैं। आरोप है कि परीक्षा से करीब 10 दिन पहले उनके पास प्रश्नपत्र और उनके उत्तर पहुँच गए थे। जाँच एजेंसी का दावा है कि मोटेगांवकर ने कथित तौर पर एनटीए पैनल से जुड़े कुछ व्यक्तियों, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंदारे के माध्यम से यह सामग्री हासिल की थी।
न्यायिक हिरासत का क्रम
गौरतलब है कि 24 जून 2026 को न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर दोनों आरोपियों को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद अदालत ने हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ाई थी। अब 8 जुलाई को पुनः पेशी के बाद अदालत ने यह अवधि 11 जुलाई 2026 तक और विस्तारित कर दी है। यह इस मामले में लगातार दूसरा हिरासत विस्तार है।
परीक्षा रद्द और पुनः आयोजन
एनटीए ने नीट यूजी 2026 परीक्षा पहले 3 मई 2026 को देशभर के निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की थी। पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इसके बाद एनटीए ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और व्यापक निगरानी के बीच 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। यह ऐसे समय में आया है जब नीट से जुड़े विवाद पिछले कुछ वर्षों से लगातार सुर्खियों में हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं।
जाँच की स्थिति और आगे की राह
सीबीआई इस मामले में सक्रिय रूप से जाँच जारी रखे हुए है और पेपर लीक की साजिश में शामिल सभी संभावित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है। अगली सुनवाई 11 जुलाई 2026 को होगी, जब अदालत मामले की आगे की दिशा तय करेगी।