8 जुलाई 2026
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नीट यूजी 2026 पेपर लीक: मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी व शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ी

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नीट यूजी 2026 पेपर लीक: मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी व शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ी

सारांश

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ाई। सीबीआई के अनुसार, कुलकर्णी एनटीए पैनल में रहते हुए प्रश्नपत्र लीक करता रहा। परीक्षा पहले रद्द हो चुकी है और 21 जून को दोबारा आयोजित की गई।

मुख्य बातें

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 8 जुलाई 2026 को दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई 2026 तक बढ़ाई।
सीबीआई के अनुसार, पीवी कुलकर्णी लातूर निवासी सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान प्रोफेसर और इस मामले का कथित मुख्य साजिशकर्ता है।
शिवराज मोटेगांवकर लातूर की आरसीसी कोचिंग के संचालक हैं; आरोप है कि परीक्षा से 10 दिन पहले उनके पास प्रश्नपत्र पहुँच गए थे।
नीट यूजी 2026 पहले 3 मई को आयोजित हुई, पेपर लीक विवाद के बाद रद्द की गई और 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की गई।
यह इस मामले में लगातार दूसरा हिरासत विस्तार है; अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 8 जुलाई 2026 को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले के दो प्रमुख आरोपियों — पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर — की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की जाँच कर रही है और आरोप है कि इस साजिश ने लाखों मेडिकल उम्मीदवारों की परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित किया।

मुख्य आरोपी: कौन हैं पीवी कुलकर्णी

सीबीआई के अनुसार, पीवी कुलकर्णी इस कथित पेपर लीक षड्यंत्र का मुख्य साजिशकर्ता है। वह महाराष्ट्र के लातूर जिले का निवासी और रसायन विज्ञान का सेवानिवृत्त प्रोफेसर है। जाँच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी कई वर्षों तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के नीट परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहा था। आरोप है कि उसने इस आंतरिक पहुँच का दुरुपयोग करते हुए पुणे में संचालित विशेष कोचिंग कक्षाओं के ज़रिये छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुँचाए।

दूसरा आरोपी: शिवराज मोटेगांवकर की भूमिका

सीबीआई के अनुसार, दूसरे आरोपी शिवराज मोटेगांवकर लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग के संचालक हैं। आरोप है कि परीक्षा से करीब 10 दिन पहले उनके पास प्रश्नपत्र और उनके उत्तर पहुँच गए थे। जाँच एजेंसी का दावा है कि मोटेगांवकर ने कथित तौर पर एनटीए पैनल से जुड़े कुछ व्यक्तियों, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंदारे के माध्यम से यह सामग्री हासिल की थी।

न्यायिक हिरासत का क्रम

गौरतलब है कि 24 जून 2026 को न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर दोनों आरोपियों को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद अदालत ने हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ाई थी। अब 8 जुलाई को पुनः पेशी के बाद अदालत ने यह अवधि 11 जुलाई 2026 तक और विस्तारित कर दी है। यह इस मामले में लगातार दूसरा हिरासत विस्तार है।

परीक्षा रद्द और पुनः आयोजन

एनटीए ने नीट यूजी 2026 परीक्षा पहले 3 मई 2026 को देशभर के निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की थी। पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इसके बाद एनटीए ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और व्यापक निगरानी के बीच 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। यह ऐसे समय में आया है जब नीट से जुड़े विवाद पिछले कुछ वर्षों से लगातार सुर्खियों में हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं।

जाँच की स्थिति और आगे की राह

सीबीआई इस मामले में सक्रिय रूप से जाँच जारी रखे हुए है और पेपर लीक की साजिश में शामिल सभी संभावित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है। अगली सुनवाई 11 जुलाई 2026 को होगी, जब अदालत मामले की आगे की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसने एनटीए की विश्वसनीयता को पहले ही गहरी चोट पहुँचाई थी। असली सवाल यह है कि एनटीए के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल में शामिल व्यक्तियों की पृष्ठभूमि जाँच और निगरानी तंत्र इतना कमज़ोर कैसे रहा। परीक्षा रद्द कर दोबारा कराना एक तात्कालिक उपाय है, लेकिन जब तक एनटीए की संरचनात्मक खामियों को दूर नहीं किया जाता, ऐसी घटनाएँ दोहराने का जोखिम बना रहेगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में अब तक क्या हुआ है?
नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद उसे रद्द कर दिया गया। सीबीआई ने जाँच शुरू की और मुख्य आरोपी पीवी कुलकर्णी तथा शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया। 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई और अब दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई 2026 तक बढ़ाई गई है।
पीवी कुलकर्णी कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर निवासी सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान प्रोफेसर हैं। सीबीआई के अनुसार, वह कई वर्षों तक एनटीए के नीट प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहे और कथित तौर पर पुणे में विशेष कोचिंग कक्षाओं के ज़रिये छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुँचाए।
शिवराज मोटेगांवकर की इस मामले में क्या भूमिका बताई गई है?
शिवराज मोटेगांवकर लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग के संचालक हैं। सीबीआई का आरोप है कि परीक्षा से करीब 10 दिन पहले उनके पास प्रश्नपत्र और उनके उत्तर पहुँच गए थे, जो उन्होंने कथित तौर पर पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंदारे के माध्यम से हासिल किए।
नीट यूजी 2026 दोबारा कब आयोजित की गई?
पेपर लीक विवाद के बाद 3 मई की परीक्षा रद्द होने पर एनटीए ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 21 जून 2026 को दोबारा नीट यूजी 2026 परीक्षा आयोजित की।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
राऊज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई 2026 को होगी, जब दोनों आरोपियों को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की कार्यवाही तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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