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नीट यूजी पेपर लीक: आरोपी पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ी

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नीट यूजी पेपर लीक: आरोपी पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ी

सारांश

नीट यूजी 2026 पेपर लीक कांड में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मास्टरमाइंड बताए जा रहे रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ा दी है। परीक्षा से 10 दिन पहले पेपर लीक होने के आरोपों के बाद NTA को 3 मई की परीक्षा रद्द कर 21 जून को दोबारा आयोजित करनी पड़ी थी।

मुख्य बातें

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 24 जून 2026 को आरोपी पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 8 जुलाई 2026 तक बढ़ाई।
CBI के अनुसार, पीवी कुलकर्णी नीट यूजी पेपर लीक का मास्टरमाइंड है — वह लातूर के सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान प्रोफेसर और NTA प्रश्न-पत्र पैनल के पूर्व सदस्य हैं।
शिवराज मोटेगांवकर पर आरोप है कि परीक्षा से 10 दिन पहले उनके पास प्रश्न-पत्र और उत्तर पहुँच गए थे।
NTA ने पेपर लीक विवाद के बाद 3 मई की परीक्षा रद्द कर 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा आयोजित की।
पुनः परीक्षा में 20 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था।

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 24 जून 2026 को मुख्य आरोपी पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 8 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। दोनों आरोपियों को पिछली 14 दिनों की न्यायिक हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहाँ कोर्ट ने उनकी हिरासत अवधि में विस्तार का आदेश दिया।

मुख्य आरोपी कौन हैं

पीवी कुलकर्णी को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने इस पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड बताया है। वह लातूर के एक सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान प्रोफेसर हैं, जो कई वर्षों तक नीट के प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहे। जाँच एजेंसी के अनुसार, कुलकर्णी ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की आंतरिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए पुणे में विशेष कोचिंग कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराया।

शिवराज मोटेगांवकर लातूर में आरसीसी कोचिंग संस्थान के संचालक हैं। जाँच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही उनके पास प्रश्न-पत्र और उत्तर पहुँच गए थे। आरोप है कि उन्होंने NTA पैनल के कुछ सदस्यों, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंदारे के माध्यम से यह पेपर कथित तौर पर हासिल किया और फिर कोचिंग संस्थानों व छात्रों को वितरित किया।

नीट यूजी 2026 परीक्षा का घटनाक्रम

NTA ने नीट यूजी 2026 की परीक्षा मूल रूप से 3 मई 2026 को देशभर के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की थी। पेपर लीक के विवाद सामने आने के बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा 21 जून 2026 को कड़ी सुरक्षा व व्यापक निगरानी के बीच परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई।

पुनः आयोजित परीक्षा एक ही शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे IST तक पेन-पेपर (ऑफलाइन) मोड में हुई। इसमें 20 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था।

मामले की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नीट पेपर लीक के आरोप सामने आए हों — 2024 में भी इसी तरह के विवाद ने देशव्यापी आंदोलन को जन्म दिया था। इस बार CBI की जाँच में परीक्षा पैनल के अंदर से ही सेंध लगाने की कथित साजिश उजागर हुई है, जो इस मामले को और गंभीर बनाती है।

आगे क्या होगा

दोनों आरोपी अब 8 जुलाई 2026 तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे, जब अदालत में अगली सुनवाई होगी। CBI की जाँच जारी है और मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। लाखों मेडिकल अभिलाषी छात्रों का भविष्य इस मामले की न्यायिक परिणति से सीधे जुड़ा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2024 के विवाद के बाद भी पूरी तरह नहीं सुधरीं। असली सवाल यह है कि क्या केवल आरोपियों की हिरासत बढ़ाने से उन 20 लाख से अधिक छात्रों का भरोसा लौटेगा, जिन्होंने दो बार परीक्षा दी — और क्या NTA के ढाँचागत सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में ताज़ा अपडेट क्या है?
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 24 जून 2026 को मुख्य आरोपी पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 8 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। दोनों को 14 दिनों की पिछली हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया था।
पीवी कुलकर्णी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?
पीवी कुलकर्णी लातूर के सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान प्रोफेसर हैं, जो कई वर्षों तक नीट प्रश्न-पत्र पैनल का हिस्सा रहे। CBI के अनुसार, उन्होंने NTA की प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए पुणे में कोचिंग कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को पेपर उपलब्ध कराया और उन्हें इस कांड का मास्टरमाइंड बताया गया है।
शिवराज मोटेगांवकर पर क्या आरोप हैं?
शिवराज मोटेगांवकर लातूर में आरसीसी कोचिंग संस्थान के संचालक हैं। जाँच एजेंसियों के अनुसार, उनके पास परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही प्रश्न-पत्र और उत्तर पहुँच गए थे, जो उन्होंने कथित तौर पर पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंदारे के माध्यम से हासिल किए।
नीट यूजी 2026 की परीक्षा दोबारा कब हुई?
पेपर लीक विवाद के कारण NTA ने 3 मई 2026 की मूल परीक्षा रद्द कर दी और 21 जून 2026 को कड़ी सुरक्षा व निगरानी के बीच पुनः परीक्षा आयोजित की। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे IST तक ऑफलाइन मोड में हुई।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में आगे क्या होगा?
दोनों आरोपी 8 जुलाई 2026 तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे, जब अदालत में अगली सुनवाई होगी। CBI की जाँच जारी है और मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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