नीट पेपर लीक: मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर का लातूर में करोड़ों का 'शीश महल' जांच के घेरे में
सारांश
मुख्य बातें
नीट पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर का लातूर स्थित आलीशान बंगला जांच एजेंसियों और आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है। महाराष्ट्र के लातूर जिले के पॉश वीआईपी इलाके में बने इस बंगले की भव्यता और करोड़ों की अनुमानित लागत ने जांचकर्ताओं का ध्यान खींचा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले में आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
बंगले की खासियतें
सूत्रों के अनुसार, करीब 5,000 वर्ग फीट में फैले इस चार मंजिला बंगले का नक्शा कथित तौर पर रामोजी फिल्म सिटी के इंजीनियरों ने तैयार किया है। इमारत में राजस्थानी राजपूताना शैली के कमरे, यूरोपीय डिज़ाइन वाला महंगा लकड़ी का इंटीरियर और पूरे घर में आयातित लकड़ी की फ्लोरिंग की गई है। विशाल पार्किंग क्षेत्र और ऐशो-आराम की हर सुविधा मौजूद बताई जा रही है। हालांकि, यह इमारत अभी भी निर्माणाधीन है।
मोटेगांवकर की भूमिका और आरोप
शिवराज मोटेगांवकर लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट का मालिक है और नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी बताया जाता है। वह रसायन विज्ञान के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी का करीबी है, जिनका संबंध राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से बताया जाता है। जांच एजेंसियों ने मोटेगांवकर के इंस्टीट्यूट और आवास पर तलाशी के दौरान रसायन विज्ञान का एक प्रश्न बैंक बरामद किया, जिसमें कथित तौर पर ठीक वही प्रश्न थे जो 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा में पूछे गए थे।
सीबीआई की जांच और छापेमारी
सीबीआई ने यह मामला 12 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। इसके बाद एजेंसी ने 5 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप तथा मोबाइल फोन जब्त किए। गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 के कथित पेपर लीक की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई है।
आम जनता और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के लाखों मेडिकल उम्मीदवार और उनके परिजन परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि एक कोचिंग संचालक के पास इस स्तर की संपत्ति और NTA से कथित संबंध, पूरे परीक्षा तंत्र में गहरी सेंधमारी की आशंका को बल देते हैं। जांच एजेंसियां फिलहाल मोटेगांवकर के आर्थिक स्रोतों और संपत्तियों के नेटवर्क की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।
आगे क्या होगा
सीबीआई की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों तथा संपत्तियों की कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले की सुनवाई और जांच की प्रगति पर देशभर की नज़रें टिकी हैं।