8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट पेपर लीक: मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर का लातूर में करोड़ों का 'शीश महल' जांच के घेरे में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट पेपर लीक: मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर का लातूर में करोड़ों का 'शीश महल' जांच के घेरे में

सारांश

नीट यूजी 2026 पेपर लीक का मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर लातूर के वीआईपी इलाके में 5,000 वर्ग फीट का 'शीश महल' बनवा रहा था — रामोजी फिल्म सिटी के इंजीनियरों द्वारा डिज़ाइन किया गया, राजपूताना शैली और यूरोपीय इंटीरियर से सजा। सीबीआई की जांच अब उसके संपत्ति नेटवर्क तक पहुंच चुकी है।

मुख्य बातें

शिवराज मोटेगांवकर , लातूर के आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट का मालिक, नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी बताया जाता है।
उसका लातूर के वीआईपी इलाके में निर्माणाधीन बंगला करीब 5,000 वर्ग फीट में फैला है; कथित तौर पर रामोजी फिल्म सिटी के इंजीनियरों ने डिज़ाइन किया।
तलाशी में मिले प्रश्न बैंक में 3 मई की नीट परीक्षा के प्रश्न मिले।
सीबीआई ने 5 स्थानों पर छापेमारी कर दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए।
मामला 12 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज हुआ; मोटेगांवकर का संबंध NTA से जुड़े लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से बताया जाता है।

नीट पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर का लातूर स्थित आलीशान बंगला जांच एजेंसियों और आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है। महाराष्ट्र के लातूर जिले के पॉश वीआईपी इलाके में बने इस बंगले की भव्यता और करोड़ों की अनुमानित लागत ने जांचकर्ताओं का ध्यान खींचा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले में आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

बंगले की खासियतें

सूत्रों के अनुसार, करीब 5,000 वर्ग फीट में फैले इस चार मंजिला बंगले का नक्शा कथित तौर पर रामोजी फिल्म सिटी के इंजीनियरों ने तैयार किया है। इमारत में राजस्थानी राजपूताना शैली के कमरे, यूरोपीय डिज़ाइन वाला महंगा लकड़ी का इंटीरियर और पूरे घर में आयातित लकड़ी की फ्लोरिंग की गई है। विशाल पार्किंग क्षेत्र और ऐशो-आराम की हर सुविधा मौजूद बताई जा रही है। हालांकि, यह इमारत अभी भी निर्माणाधीन है।

मोटेगांवकर की भूमिका और आरोप

शिवराज मोटेगांवकर लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट का मालिक है और नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी बताया जाता है। वह रसायन विज्ञान के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी का करीबी है, जिनका संबंध राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से बताया जाता है। जांच एजेंसियों ने मोटेगांवकर के इंस्टीट्यूट और आवास पर तलाशी के दौरान रसायन विज्ञान का एक प्रश्न बैंक बरामद किया, जिसमें कथित तौर पर ठीक वही प्रश्न थे जो 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा में पूछे गए थे।

सीबीआई की जांच और छापेमारी

सीबीआई ने यह मामला 12 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। इसके बाद एजेंसी ने 5 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप तथा मोबाइल फोन जब्त किए। गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 के कथित पेपर लीक की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई है।

आम जनता और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के लाखों मेडिकल उम्मीदवार और उनके परिजन परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि एक कोचिंग संचालक के पास इस स्तर की संपत्ति और NTA से कथित संबंध, पूरे परीक्षा तंत्र में गहरी सेंधमारी की आशंका को बल देते हैं। जांच एजेंसियां फिलहाल मोटेगांवकर के आर्थिक स्रोतों और संपत्तियों के नेटवर्क की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।

आगे क्या होगा

सीबीआई की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों तथा संपत्तियों की कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले की सुनवाई और जांच की प्रगति पर देशभर की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 वर्ग फीट का राजपूताना-यूरोपीय शैली का बंगला और NTA से जुड़े लेक्चरर से करीबी — यह संयोग नहीं, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था की झलक है जो परीक्षा तंत्र के भीतर गहरी जड़ें जमाए बैठी है। नीट घोटाला पहली बार नहीं उठा है; 2024 में भी पेपर लीक के आरोप लगे थे और सुधार के वादे हुए थे। असली सवाल यह है कि NTA की आंतरिक निगरानी प्रणाली इतने बड़े नेटवर्क को वर्षों तक क्यों नहीं पकड़ पाई। जब तक जवाबदेही केवल गिरफ्तारी तक सीमित रहेगी और संस्थागत सुधार नहीं होगा, तब तक अगला 'शीश महल' बनने में देर नहीं लगेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवराज मोटेगांवकर कौन है और नीट लीक से उसका क्या संबंध है?
शिवराज मोटेगांवकर लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट का मालिक है और नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी बताया जाता है। उसके संस्थान और आवास पर तलाशी में एक ऐसा प्रश्न बैंक मिला जिसमें 3 मई की नीट परीक्षा के प्रश्न थे।
मोटेगांवकर के बंगले की क्या खासियत है?
लातूर के वीआईपी इलाके में बना यह निर्माणाधीन बंगला करीब 5,000 वर्ग फीट में फैला है। कथित तौर पर इसका नक्शा रामोजी फिल्म सिटी के इंजीनियरों ने तैयार किया है और इसमें राजस्थानी राजपूताना शैली के कमरे, यूरोपीय इंटीरियर और आयातित लकड़ी की फ्लोरिंग है।
सीबीआई ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
सीबीआई ने 12 मई को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर मामला दर्ज किया और 5 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पीवी कुलकर्णी कौन हैं और मामले में उनकी क्या भूमिका है?
पीवी कुलकर्णी रसायन विज्ञान के लेक्चरर हैं जिनका संबंध राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से बताया जाता है। मोटेगांवकर उनका करीबी बताया जाता है, और जांच एजेंसियां दोनों के बीच के संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
सीबीआई फिलहाल मोटेगांवकर के आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों के नेटवर्क की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों और संपत्तियों की कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले