नीट पेपर लीक: सीबीआई ने नागपुर में 3 उम्मीदवारों से पूछताछ की, अब तक 10 गिरफ्तार

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नीट पेपर लीक: सीबीआई ने नागपुर में 3 उम्मीदवारों से पूछताछ की, अब तक 10 गिरफ्तार

सारांश

नीट पेपर लीक की जांच अब महाराष्ट्र के विदर्भ तक फैल गई है — सीबीआई ने नागपुर और चंद्रपुर के तीन उम्मीदवारों के घरों पर छापा मारा। कुल 10 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और री-एग्जाम 21 जून को निर्धारित है, लेकिन विपक्ष NTA भंग करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ा है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 19 मई को नागपुर में 3 उम्मीदवारों से पूछताछ की और उनके घरों पर तलाशी ली; कोई गिरफ्तारी नहीं।
नीट पेपर लीक मामले में अब तक कुल 10 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
लातूर के आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर को सोमवार को गिरफ्तार किया गया।
नीट यूजी परीक्षा 3 मई को हुई थी, 11 मई को रद्द हुई; री-एग्जाम अब 21 जून को होगी।
विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA को भंग करने की माँग कर रहा है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की दिल्ली और नागपुर टीमें 19 मई को नागपुर पहुँचीं और नीट यूजी पेपर लीक मामले में विदर्भ के तीन उम्मीदवारों से गहन पूछताछ की तथा उनके आवासों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें से दो उम्मीदवार नागपुर के हैं और एक चंद्रपुर जिले का निवासी है। सूत्रों के अनुसार, अब तक किसी भी उम्मीदवार को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

नीट पेपर लीक प्रकरण में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सोमवार को लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, यह इंस्टीट्यूट नीट यूजी की तैयारी करने वाले छात्रों को कोचिंग देता है और इसकी नौ शाखाएँ हैं, जिनमें मुख्य शाखा महाराष्ट्र के लातूर में स्थित है।

माना जा रहा है कि मोटेगांवकर, केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी के करीबी हैं। कुलकर्णी का संबंध राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से बताया जाता है और सीबीआई उनसे पहले भी पूछताछ कर चुकी है।

परीक्षा रद्द होने की पृष्ठभूमि

नीट यूजी परीक्षा मूल रूप से 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 11 मई को इसे रद्द कर दिया गया। अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित होनी है। गौरतलब है कि यह देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र भाग लेते हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को नीट यूजी री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई सभी कमियों को पूरी तरह दूर किया जाए और अगली परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित, निर्बाध एवं त्रुटिरहित तरीके से आयोजित की जाए।

विपक्ष का दबाव

विपक्षी दल इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और NTA को भंग किया जाना चाहिए। विपक्ष का तर्क है कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार के बिना केवल री-एग्जाम पर्याप्त नहीं होगा।

क्या होगा आगे

सीबीआई इस पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी रखे हुए है। 21 जून को होने वाली री-एग्जाम की तैयारियाँ निर्धारित समयसीमा के अनुसार चल रही हैं। जांच का दायरा बढ़ने के संकेत हैं, क्योंकि सीबीआई अब एनटीए से जुड़े अन्य संभावित सूत्रों की भी पड़ताल कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक NTA की संरचनात्मक कमज़ोरियों की स्वतंत्र जाँच नहीं होती, 21 जून की परीक्षा पर भरोसे का सवाल बना रहेगा।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की नागपुर जांच में क्या हुआ?
सीबीआई की दिल्ली और नागपुर टीमों ने 19 मई को नागपुर और चंद्रपुर के तीन उम्मीदवारों से पूछताछ की और उनके घरों पर तलाशी ली। सूत्रों के अनुसार, अभी तक किसी को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है।
शिवराज मोटेगांवकर कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
शिवराज मोटेगांवकर लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर हैं, जिसकी नौ शाखाएँ हैं। उन्हें नीट पेपर लीक मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया गया; माना जा रहा है कि उनका संबंध NTA से जुड़े लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से है।
नीट यूजी री-एग्जाम कब होगी?
नीट यूजी री-एग्जाम 21 जून को आयोजित होनी है। मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसे पेपर लीक के बाद 11 मई को रद्द कर दिया गया था।
विपक्ष नीट लीक मामले में क्या माँग कर रहा है?
विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA को भंग करने की माँग कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार के बिना केवल री-एग्जाम से समस्या हल नहीं होगी।
नीट पेपर लीक मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सबसे हालिया गिरफ्तारी लातूर के आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर की है।
राष्ट्र प्रेस
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