नीट पेपर लीक: सीबीआई ने नागपुर में 3 उम्मीदवारों से पूछताछ की, अब तक 10 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की दिल्ली और नागपुर टीमें 19 मई को नागपुर पहुँचीं और नीट यूजी पेपर लीक मामले में विदर्भ के तीन उम्मीदवारों से गहन पूछताछ की तथा उनके आवासों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें से दो उम्मीदवार नागपुर के हैं और एक चंद्रपुर जिले का निवासी है। सूत्रों के अनुसार, अब तक किसी भी उम्मीदवार को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
नीट पेपर लीक प्रकरण में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सोमवार को लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, यह इंस्टीट्यूट नीट यूजी की तैयारी करने वाले छात्रों को कोचिंग देता है और इसकी नौ शाखाएँ हैं, जिनमें मुख्य शाखा महाराष्ट्र के लातूर में स्थित है।
माना जा रहा है कि मोटेगांवकर, केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी के करीबी हैं। कुलकर्णी का संबंध राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से बताया जाता है और सीबीआई उनसे पहले भी पूछताछ कर चुकी है।
परीक्षा रद्द होने की पृष्ठभूमि
नीट यूजी परीक्षा मूल रूप से 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 11 मई को इसे रद्द कर दिया गया। अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित होनी है। गौरतलब है कि यह देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र भाग लेते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को नीट यूजी री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई सभी कमियों को पूरी तरह दूर किया जाए और अगली परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित, निर्बाध एवं त्रुटिरहित तरीके से आयोजित की जाए।
विपक्ष का दबाव
विपक्षी दल इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और NTA को भंग किया जाना चाहिए। विपक्ष का तर्क है कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार के बिना केवल री-एग्जाम पर्याप्त नहीं होगा।
क्या होगा आगे
सीबीआई इस पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी रखे हुए है। 21 जून को होने वाली री-एग्जाम की तैयारियाँ निर्धारित समयसीमा के अनुसार चल रही हैं। जांच का दायरा बढ़ने के संकेत हैं, क्योंकि सीबीआई अब एनटीए से जुड़े अन्य संभावित सूत्रों की भी पड़ताल कर रही है।